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Baghpat News: सिंदूर अर्पित करने से खुश होते हैं बजरंगबली
Wed, 05 Apr 2023 11:50 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Wed, 05 Apr 2023 11:50 PM IST
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बड़ौत। हिंदू धर्म में हनुमान जन्मोत्सव का विशेष महत्व है। यह पर्व रुद्रावतार हनुमान जी के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। हनुमान जी के भक्त इस दिन को बड़े ही उत्साह के साथ मनाते हैं।
इसे हनुमान जन्मोत्सव के रूप में जाना जाता है। श्री विष्णु को राम अवतार के वक्त सहयोग करने के लिए रुद्रावतार हनुमान जी का जन्म हुआ था। अंजनि पुत्र हनुमान जी ने रावण का वध, सीता की खोज और लंका पर विजय पाने में प्रभु श्रीराम की पूरी सहायता की थी। उनके जन्म का उद्देश्य ही राम भक्ति था। कहते हैं एक बार हनुमान जी ने सीता माता को सिंदूर लगाते देखा तो उनसे इसके बारे में पूछा। सीता माता ने उन्हें बताया कि इससे प्रभु श्रीराम खुश होते हैं। फिर क्या था हनुमान जी ने पूरे शरीर पर ही सिंदूर का लेप कर लिया। इसलिए मान्यता है कि सिंदूर अर्पित करने से हनुमान जी काफी प्रसन्न होते हैं।
रात आठ बजे तक करें पूजन-अर्चन
बड़ौत। पंडित आकाश भारद्वाज ने बताया कि उदयातिथि के अनुसार हनुमान जयंती छह अप्रैल को मनाई जाएगी। सुबह 6.06 बजे से लेकर रात 8.07 बजे तक इनके पूजन का शुभ मुहूर्त है। सुबह जल्दी उठकर व्रत संकल्प लें। हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान जी की मूर्ति को सिंदूर अर्पित करें। उनको लाल चंदन, अक्षत, मौली, फूल, धूप-दीप, वस्त्र, फल, पान आदि वस्तुएं अर्पित करें। हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें। इसके बाद आरती के साथ पूजा संपन्न करें और प्रसाद वितरित करें।
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हनुमान मंदिरों में तैयारियां पूरी
बड़ौत। नगर के पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर, रेलवे स्टेशन परिसर स्थित मां दुर्गा मंदिर के अलावा नगर व देहात क्षेत्र के अन्य मंदिरों में हनुमान जयंती पर उमड़ने वाली श्रद्घालुओं की भीड़ को देखते हुए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सुबह से ही मंदिरों को श्रद्घालुओं के दर्शन और पूजन के लिए खोल दिया जाएगा।
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इसे हनुमान जन्मोत्सव के रूप में जाना जाता है। श्री विष्णु को राम अवतार के वक्त सहयोग करने के लिए रुद्रावतार हनुमान जी का जन्म हुआ था। अंजनि पुत्र हनुमान जी ने रावण का वध, सीता की खोज और लंका पर विजय पाने में प्रभु श्रीराम की पूरी सहायता की थी। उनके जन्म का उद्देश्य ही राम भक्ति था। कहते हैं एक बार हनुमान जी ने सीता माता को सिंदूर लगाते देखा तो उनसे इसके बारे में पूछा। सीता माता ने उन्हें बताया कि इससे प्रभु श्रीराम खुश होते हैं। फिर क्या था हनुमान जी ने पूरे शरीर पर ही सिंदूर का लेप कर लिया। इसलिए मान्यता है कि सिंदूर अर्पित करने से हनुमान जी काफी प्रसन्न होते हैं।
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रात आठ बजे तक करें पूजन-अर्चन
बड़ौत। पंडित आकाश भारद्वाज ने बताया कि उदयातिथि के अनुसार हनुमान जयंती छह अप्रैल को मनाई जाएगी। सुबह 6.06 बजे से लेकर रात 8.07 बजे तक इनके पूजन का शुभ मुहूर्त है। सुबह जल्दी उठकर व्रत संकल्प लें। हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान जी की मूर्ति को सिंदूर अर्पित करें। उनको लाल चंदन, अक्षत, मौली, फूल, धूप-दीप, वस्त्र, फल, पान आदि वस्तुएं अर्पित करें। हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें। इसके बाद आरती के साथ पूजा संपन्न करें और प्रसाद वितरित करें।
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हनुमान मंदिरों में तैयारियां पूरी
बड़ौत। नगर के पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर, रेलवे स्टेशन परिसर स्थित मां दुर्गा मंदिर के अलावा नगर व देहात क्षेत्र के अन्य मंदिरों में हनुमान जयंती पर उमड़ने वाली श्रद्घालुओं की भीड़ को देखते हुए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सुबह से ही मंदिरों को श्रद्घालुओं के दर्शन और पूजन के लिए खोल दिया जाएगा।