{"_id":"61b8e2e4ae21ba230f6aa77c","slug":"baghpat-sugar-mill-paid-100-percent-of-last-session-baghpat-news-mrt5689653165","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागपत शुगर मिल ने पिछले सत्र का शत प्रतिशत भुगतान किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागपत शुगर मिल ने पिछले सत्र का शत प्रतिशत भुगतान किया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दी बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल ने किसानों के गन्ना सत्र 2020-21 का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। मिल की ओर से मंगलवार को किसानों के बकाए 2464.25 लाख रुपये की एडवाइजरी बनाकर बैंक को भेज दी है। शीघ्र ही धनराशि किसानों के खातों में पहुंच जाएगी। मिल की ओर से जल्द ही पेराई सत्र 2021-22 का भुगतान भी शुरू किया जाएगा।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ अनिल कुमार भारती ने बताया कि मिल की ओर से सात दिसंबर को 413 लाख रुपये का भुगतान किया गया था और शेष 2464.25 लाख रुपये की धनराशि का मंगलवार को भुगतान कर दिया है। मिल ने अब तक पेराई सत्र 2020-21 के कुल देय 16763.57 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। मिल की ओर से कुल 24830 किसानों को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने किसानों को एक सप्ताह के अंदर घोषण पत्र वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए है। घोषणा पत्र न भरने पर किसानों को सामान्य बढ़ोत्तरी, उपज बढ़ोत्तरी और अतिरिक्त सट्टा की सुविधा नहीं मिलेगी और सट्टा बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बागपत। दी बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल ने किसानों के गन्ना सत्र 2020-21 का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। मिल की ओर से मंगलवार को किसानों के बकाए 2464.25 लाख रुपये की एडवाइजरी बनाकर बैंक को भेज दी है। शीघ्र ही धनराशि किसानों के खातों में पहुंच जाएगी। मिल की ओर से जल्द ही पेराई सत्र 2021-22 का भुगतान भी शुरू किया जाएगा।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ अनिल कुमार भारती ने बताया कि मिल की ओर से सात दिसंबर को 413 लाख रुपये का भुगतान किया गया था और शेष 2464.25 लाख रुपये की धनराशि का मंगलवार को भुगतान कर दिया है। मिल ने अब तक पेराई सत्र 2020-21 के कुल देय 16763.57 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। मिल की ओर से कुल 24830 किसानों को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने किसानों को एक सप्ताह के अंदर घोषण पत्र वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए है। घोषणा पत्र न भरने पर किसानों को सामान्य बढ़ोत्तरी, उपज बढ़ोत्तरी और अतिरिक्त सट्टा की सुविधा नहीं मिलेगी और सट्टा बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन