{"_id":"63a92a8f4af3f036261de9b9","slug":"baghpat-news-the-death-of-farmer-leader-baljor-singh-of-movement-and-wave-of-mourning-ran-in-the-district","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat: किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेता का निधन, जिले में दौड़ी शोक की लहर, बेहद हंसमुख थे बलजोर आर्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat: किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेता का निधन, जिले में दौड़ी शोक की लहर, बेहद हंसमुख थे बलजोर आर्य
Mon, 26 Dec 2022 10:31 AM IST
कपिल kapil
अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
Published by: कपिल kapil
Updated Mon, 26 Dec 2022 10:31 AM IST
सार
Baghpat News : किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले किसान नेता बलजोर सिंह आर्य का निधन हो गया। उनके निधन से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।
विज्ञापन
किसान नेता का फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
नए कृषि कानूनों के विरोध में बड़ौत की औद्योगिक पुलिस चौकी के पास 45 दिनों तक किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले किसान नेता मलकपुर निवासी बलजोर सिंह आर्य का रविवार हार्टअटैक से निधन हो गया। उनके निधन की सूचना पर जनपद में शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन
बलजोर सिंह आर्य (80) पुत्र स्वर्गीय मामराज बागपत के मलकपुर गांव के रहने वाले थे। वे फिलहाल किसान यूनियन के प्रदेश सचिव थे। इसके अलावा वे कई किसान संगठन में पदाधिकारी भी रहे। गत रात्रि वे अपने घर कई किसानों के साथ बिजली, बकाया गन्ना भुगतान, आवारा पशु सहित अन्य समस्या पर बात कर रहे थे। तभी अचानक हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया।
विज्ञापन
किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रजपाल सिंह व विक्रम आर्य उनके निधन की सूचना पर पहुंचे और शोकाकुल भाई डॉ. चहप सिंह, भतीजे डॉ. संदीप तोमर दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर व उनकी तीन बेटियों को शोक संवेदनाएं दीं। 20 साल पहले उनके बेटा का कैंसर से निधन हो गया था। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Muzaffarnagar: वो लौटा लेकिन तिरंगे में लिपटकर, कहा था जल्द लौटूंगा, नम आंखों से शहीद लोकेश को दी अंतिम विदाई
आपको बता दें कि उन्होंने 45 दिनों तक बड़ौत की औद्योगिक पुलिस चौकी के पास नए कृषि कानूनों के विरोध में चले धरने का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने कई बार तहसीलों में भी अनिश्चितकालीन धरने की अगुवाई की।
यह भी पढ़ें: Meerut: रोडवेज की पहली महिला बस ड्राइवर बनीं प्रियंका शर्मा, पति की मौत के बाद बच्चों की उठा रहीं जिम्मेदारी