Baghpat: बसी गांव में मकान तोड़ने के विरोध में धरने पर बैठे 58 परिवार, हाईवे पर निकाला पैदल मार्च
बागपत जनपद के बसी गांव में तालाब किनारे मकान तोड़े जाने के विरोध में ग्रामीणों ने 15 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला। इसके बाद ग्रामीण कलक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए।
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उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में मकान तोड़ने के विरोध में ग्रामीणों ने हाईवे पर 15 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला, वहीं 58 परिवार कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
जानकारी के अनुसार बसी गांव में अतिक्रमण हटाने के नाम पर तालाब किनारे प्रजापति समाज के 58 मकान तोड़ दिए गए। वहीं प्रजापति समाज के 58 मकान तोड़ने के विरोध में सोमवार को ग्रामीण सड़कों पर उतर गए। जिन्होंने बसी गांव से कलेक्ट्रेट तक 15 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकालकर विरोध जताया और कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना देकर बैठ गए।
प्रजापति महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दारा सिंह ने बताया कि बसी गांव में प्रशासन ने तीन दिन पहले अतिक्रमण हटाने का नाम लेकर प्रजापति समाज के 58 परिवारों के मकानों पर बुल्डोजर चला दिया। जो पचास साल से ज्यादा पुराने हैं।
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उन्होंने बताया कि प्रजापति समाज सभी जगह तालाब के किनारे पर ही बसा हुआ है, क्योंकि तालाब के किनारे ही रोजगार चलता है। उन्होंने कहा कि चुनावी रंजिश में साजिश के तहत प्रजापति समाज के परिवारों को निशाना बनाया गया और 58 मकानों को तोड़ दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मकान तोड़ने का विरोध करने वालो पर लाठियां बरसाई गईं। उधर धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मांग पूरी होने पर ही धरना समाप्त करने का चेतावनी दी। ग्रामीणों के धरना शुरू करते ही अफसरों की एक टीम बसी गांव में जांच करने पहुंची है।