जिद ले रही जान: दुश्मन बने अवैध और लाइसेंसी हथियार, मामूली बात पर दबते ट्रिगर, नादानी में बुझ रहे घर के चिराग
जान की सुरक्षा के लिए घरों में रखे हथियार खुद ही जान के दुश्मन बनने लगे हैं। इन हथियारों की वजह से न जाने कितने आंगन सूने हो चुके हैं लेकिन फिर भी लोग जागरुक नहीं हो रहे हैं। बागपत में हाल में सामने आए कुछ मामले इस ओर गंभीरता से सोचने के लिए मजबूर करते हैं।
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विस्तार
सुरक्षा के लिए घरों में रखे हथियार अब अपनों के ही जान के दुश्मन बन गए हैं। उतर प्रदेश के बागप जनपद में हथियारों से खुद को ही गोली मारकर जान देने के कई मामले बढ़े हैं। आज भी ऐसे कई आंगन हैं, जिनके घरों के चिराग जान की सुरक्षा के लिए रखे गए पहरेदार यानी हथियार से चली गोली से बुझ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी भी लोग इसके प्रति जागरूक नहीं हो रहे हैं। मनोविज्ञानिकों का कहना है कि घरों में बिल्कुल भी हथियार न रखें और बार-बार बच्चों व युवाओं के सामने उसका प्रदर्शन न करें। सुरक्षा के लिए घर में रखे हथियार को बच्चों से दूर रखने की कोशिश करें।
मंगलवार को जिले के सिरसली गांव में कक्षा 12वीं के छात्र माणिक ने केवल इस बात को लेकर पिस्टल से गोली चलाकर आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसके पिता ने उसे स्कूल जाने के लिए कहा था। यह जनपद की पहली घटना नहीं है। ऐसी तमाम घटनाएं हो चुकी हैं, जिनके घरों के चिराग केवल घरों में रखे हथियारों से गोली चलाने के बाद बुझे हैं।
14 अक्टूबर 2018 को बिनौली रोड से सटे कोमल बिहार कालोनी में सीआरपीएफ के जवान अरविंद के 18 वर्ष के बेटे और कक्षा 12वीं के छात्र शिवम ने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल, जो उसके पिता और मां अनुराधा के नाम है, उसे कनपटी पर सटाकर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वजह सामने आई कि पिता व मां बच्चे को अक्सर पढ़ने व मोबाइल से दूर रहने के लिए कहती थी।
केस दो
24 जनवरी 2021 को बामनौली गांव में रोहित पुत्र वीरेन्द्र के घर में तमंचे रखा हुआ था। तभी उसका दोस्त विशू उर्फ युवराज वहां पर आया और घर पर तमंचा रखा देख खुद को नहीं रोक पाया और अवैध तमंचाा चलाते समय गोली लगने से रोहित की मौत हो गई थी। बाद में पुलिस ने विशू को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था।
केस तीन
सिनौली गांव में 25 नवंबर 2019 को युवक विवेक(28) साल ने पत्नी व परिवार से मामूली कहासुनी के बाद घर में रखे तमंचे से गोली मारकर हत्या कर ली थी। विवेक की मौत से परिजन आज भी गमगीन है और विवेक की मौत को नहीं भुला पाए हैं।
11 जून 2023 को सुन्हेड़ा गांव में पत्नी से विवाद के चलते लैब टेक्नीशियन युवक अंकुर ने घर में रखे तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में मृतक के छोटे भाई पंकज ने बताया कि अंकुर का करीब दो वर्ष से पत्नी के साथ मनमुटाव चल रहा था। इसी को लेकर उसने गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
केस पांच
28 अक्टूबर 2014 को खेकड़ा क्षेत्र के हसनपुर मसूरी में मां के डांटने से क्षुब्ध युवक दीपक(25) ने घर में रखी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक की मां ने आत्महत्या में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बच्चों को जिद्दी न बनाएं, रखें ख्याल
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज की मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डाॅ. अंशु अग्रवाल का कहना है कि अक्सर अभिभावक अपने बच्चों से बहुत प्यार करते हैं, बच्चों के मांगने के तुंरत बाद उन्हें उनकी मनपंसद चीजे दिला देते हैं, जिस कारण बच्चा धीरे-धीरे जिद्दी बन जाता है, यही कारण है कि लाड़-प्यार के चलते मना करने पर बच्चा ऐसा कदम उठा लेते हैं, जिसके बाद अभिभावक जीवन पर पछतावा करते हैं। बच्चों को समझाएं और आत्मविश्वास बढ़ाकर उन्हें उनके पैरों पर खड़ा करें। उन्हें समझाएं आत्महत्या करना गलत है। जीवन में संघर्ष करके ही मुकाम हासिल किया जाता है।
कोशिश करें, घरों में न रखे जाए हथियार
सीओ सविरत्न गौतम का कहना है कि यदि किसी के पास लाइसेंसी हथियार है, तो उसे बच्चों और युवाओं की पहुंच से दूर रखें, बार-बार उसका बच्चों के सामने प्रदर्शन न करें। अवैध हथियार रखना कानूनन अपराध है।