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Baghpat: धार्मिक स्थल सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने क विरोध में जैन समाज से निकाला जलूस
Wed, 21 Dec 2022 11:37 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 21 Dec 2022 11:37 AM IST
सार
जैन तीर्थ श्रीसम्मेद शिखरजी को पर्यटन क्षेत्र घोषित किए जाने को लेकर जैन समाज में रोष है। बुधवार को जैन समाज के लोगों ने जलूस निकाला। यहां तहसील पहुंचकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
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जलूस निकालते जैन समाज के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जैन तीर्थ श्रीसम्मेद शिखरजी को पर्यटन क्षेत्र घोषित किए जाने के विरोध में बुधवार को बागपत में जैन समाज के लोगों ने नगर के मुख्य मार्ग पर जुलूस निकाला और तहसील पहुंचे समाज के लोगों ने नायाब तहसीलदार को पीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
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जैन तीर्थ श्रीसम्मेद शिखरजी को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने को लेकर जैन समाज के लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को नगर में जैन तीर्थ यात्रा समिति के बैनर तले सभी लोग अतिथि भवन पर एकत्रित हुए। यहां से नगर की फूंसवाली मस्जिद, कोताना रोड, बडौली रोड, पीएन शर्मा पार्क से होते हुए जलूस के रूप में तहसील पहुंचे।
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इसके बाद नायाब तहसीलदार अमित कुमार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि सम्मेद शिखर तीर्थक्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र घोषित नहीं किया जाए।
जैन समाज के लोगों ने बताया कि 2 अगस्त 2019 को तत्कालीन झारखंड सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्रालय द्वारा गिरिडीह जिले में मधुबन में स्थित सर्वोच्च जैन शाश्वत तीर्थ श्रीसम्मेद शिखरजी पारसनाथ पर्वतराज को वन्य जीव अभ्यारण का एक भाग घोषित किया।
इको सेंसेटिव जोन के अंतर्गत पर्यावरण पर्यटन और अन्य गैर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति देने वाली अधिसूचना क्रमांक 2795 बिना जैन समाज से आपत्ति या सुझाव लिए जारी कर दी गई थी। अधिसूचना को निरस्त कर सम्मेद शिखरजी की धार्मिकता, पावनता और पवित्रता को बरकरार रखने के लिए जैन समाज एकजुट है।