फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Baghpat heroes land, not tolerated injustice

बागपत वीरों की धरती, अन्याय बर्दाश्त नहीं

Sun, 31 Jan 2021 11:47 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 11:47 PM IST
विज्ञापन
Baghpat heroes land, not tolerated injustice
महापंचायत में अंतिम निर्णय सुनाते देशखाफ चौधरी सुरेन्द्र सिंह। - फोटो : BARAUT
बागपत वीरों की धरती, अन्याय बर्दाश्त नहीं
विज्ञापन

महापंचायत में भाजपा सरकार पर साधा निशाना, कृषि कानून वापस लेने की मांग दोहराई
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। महापंचायत में वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। कहा कि ये लड़ाई किसानों के अस्तित्व की है, जिसे एकजुट होकर ही जीता जा सकता है। बागपत वीरों की धरती है, यहां के लोग अन्याय को नहीं सहेंगे।

थांबेदार चौधरी ब्रजपाल सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर लालकिले पर जो हुआ, उससे किसान को बदनाम करने की साजिश की गई। किसान एकजुट हो गया तो कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। चौबीसी खाप चौधरी सुभाष छपरौली व चौगामा चौधरी कृषिपाल राणा ने कहा कि कृषि कानूनों से देश को बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। बागपत वीरों की धरती है। किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने कहा कि अब लाठियों से डर नहीं लगता। रालोद किसानों के साथ है। पूर्व मंत्री कुलदीप उज्ज्वल व पूर्व विधायक राजपाल बालियान ने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ठाठ की जिंदगी जी रहे हैं और किसान सड़कों पर है। किसान लालकिले पर तिरंगे का अपमान नहीं कर सकता है। इसकी जांच होनी चाहिए। सोमेंद्र ढाका एडवोकेट व आचार्य बलजोर सिंह आर्य ने कहा कि जो किसानों के साथ नहीं, उनका बहिष्कार करना चाहिए। तीनों कानून प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाए हैं। पूर्व विधायक अजय कुमार व पूर्व विधायक राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि दिल्ली के घटनाक्रम से किसानों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। मन बहुत दुखी है। हम किसानों के साथ हैं। सपा जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान व पूर्व विधायक गजेन्द्र मुन्ना ने कहा कि किसान बैरिकेडिंग तोड़ सकता है, झगड़ा कर सकता है, लेकिन तिरंगे का अपमान नहीं कर सकता। अब यह लड़ाई अधर में नहीं छोड़ी जाएगी। जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed