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बागपत: 'किसी से फोन मत कराना, पूरी मदद होगी', कॉल रिकॉर्डिंग पर बैठी जांच, आपूर्ति निरीक्षक निलंबित
Tue, 03 Nov 2026 12:27 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: Mohd Mustakim
Updated Tue, 03 Nov 2026 12:27 PM IST
सार
शासन ने आपूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। परिवहन ठेकेदार के प्रतिनिधि ने राशन का ट्रक छोड़ने के बदले दो लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था। अफसरों को बातचीत की रिकॉर्डिंग सौंपी गई थी।
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निलंबित
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भ्रष्टाचार के मामले में पूर्ति विभाग का नाम एक बार फिर बदनाम हो गया। पूर्ति विभाग के परिवहन ठेकेदार के प्रतिनिधि से दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने और गाड़ी पकड़ने में अनियमितता बरतने के मामले में शासन ने आपूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। पूर्ति निरीक्षक से सिंघावली अहीर थाने में ट्रक में खराब हुए राशन की वसूली भी हो सकती है। इससे पहले पूर्ति अधिकारी, एआरओ रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं और दो इंस्पेक्टर भी निलंबित हो चुके हैं।
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मेरठ के मलियाना निवासी ब्रह्मजीत सिंह ने बताया कि वह परिवहन ठेका कंपनी के प्रतिनिधि हैं और मेरठ, गाजियाबाद समेत तीन जिलों में राशन का गेहूं-चावल गोदामों से डीलरों के यहां पहुंचाते हैं। अगस्त माह में अफसरों ने उन्हें 293 क्विंटल राशन डीलरों के यहां पहुंचाने की सूची बनाकर दी। जबकि उनके ट्रकों की क्षमता 250 क्विंटल राशन ले जाने की है। उन्होंने राशन डीलर इलमचंद निवासी बिलौचपुरा के यहां दूसरी गाड़ी से राशन पहुंचा दिया, जिसे ऑफ लाइन रिसीव भी करा दिया था।
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इसके बाद दूसरे ट्रक में उनके चालक और कर्मी अहैड़ा गांव के गोदाम से गेहूं और चावल लेकर चले, जिन्हें पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार ने पकड़ लिया। चालक ने उनसे फोन पर बात कराई तो उन्होंने डौला धर्मकांटे पर आकर मिलने के लिए बुलाया। यह भी कहा कि किसी से फोन मत कराना, पूरी मदद की जाएगी। उसने मोबाइल में बातचीत की रिकॉर्डिंग कर ली।
आरोप लगाया कि डौला धर्मकांटे पर आने पर राशन का ट्रक छोड़ने के बदले दो लाख रुपये की मांग की गई। दो लाख रुपये नहीं देने पर ट्रक में चावल कम होने का आरोप लगाते हुए गाड़ी सीज कर सिंघावली अहीर थाने में खड़ी करा दी।
आरोप लगाया कि डौला धर्मकांटे पर आने पर राशन का ट्रक छोड़ने के बदले दो लाख रुपये की मांग की गई। दो लाख रुपये नहीं देने पर ट्रक में चावल कम होने का आरोप लगाते हुए गाड़ी सीज कर सिंघावली अहीर थाने में खड़ी करा दी।
शिकायत मिलने पर अफसरों ने जांच कराई तो पता चला कि यह चावल राशन डीलरों को वितरित करना था। इसके बाद भी ट्रक थाने में खड़ा करा दिया। ट्रक खुले में खड़ा होने के कारण बरसात होने पर उसमें लदा 90-95 क्विंटल चावल खराब हो गया। अफसरों ने पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार और गोदाम के डिस्पैच अधिकारी की लापरवाही मानते हुए डीएम को रिपोर्ट भेज दी। डीएम ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी, जिस पर शासन ने पूर्ति निरीक्षक संजीव कुमार को निलंबित कर दिया।
पूर्ति निरीक्षक, ट्रक चालक और परिवहन ठेकेदार के प्रतिनिधि में हुई बातचीत
ट्रक चालक: भैया, ये संजीव सर आए हैं, इनसे बात कर लो
पूर्ति निरीक्षक : ब्रह्मजीत, जहां पर ये गाड़ी है, यहीं पर आ जाओ,
प्रतिनिधि : मैं तो मुजफ्फरनगर से पीछे हूं।
पूर्ति निरीक्षक : अरे...अब क्या बताएं।
प्रतिनिधि : क्या हुआ बताओ सर...
पूर्ति निरीक्षक: अब क्या बताएं, इसमें जो आपका माल है, एक बार यहां पर आ जाओ, कौन सी जगह है ये, डौला का जो धर्मकांटा है ये, यहीं पर आ जाओ, यहीं पर हैं हम...
प्रतिनिधि : मैं अभी मुजफ्फरनगर से पीछे हूं, क्या बात हो गई बताओ, मेरी इससे बात कराओ
पूर्ति निरीक्षक : इसमें जो माल है, जैसे इलमचंद का है, टीसीबीसी भी है, लेकिन इलमचंद का पहले पहुंच चुका है
प्रतिनिधि : हां वो ग्रुप बड़ा था ना सर
पूर्ति निरीक्षक : इसने किसी का माल उतारा ही नहीं।
प्रतिनिधि : कौन सी गाड़ी है ये
पूर्ति निरीक्षक : ये गाड़ी 3475 करके है। एक बात ध्यान रखना, इसमें किसी का फोन ना आए, हम सीधे बात करेंगे, पूरी मदद होगी। मीडिया आ जाती है तो रायता फैल जाता है। फिर नियमानुसार होता है, इस बारे में कुछ ना होता, अपनी कलम बचाने के लिए कार्रवाई करनी पड़ती है।
प्रतिनिधि : मैं मुजफ्फरनगर हूं, डेढ़ घंटा लगेगा
पूर्ति निरीक्षक : दिल्ली-देहरादून से आ जाना
प्रतिनिधि : नहीं नीचे से आ रहा हूं
पूर्ति निरीक्षक : अरे यार, जाम में फंसे रहोगे। चलो कोई बात नहीं, फोन दे रहे हैं, लीक न करें। जो भी रहे, लीक ना हो।
प्रतिनिधि : बात कराओ, एक बार बात कर लूं
ट्रक चालक : हमारी गाड़ी में वजन पूरा है। 225 क्विंटल माल इसमें आ रहा है।
प्रतिनिधि : ये वही मामला है क्या, जिसमें डीलर का राशन पहले पहुंच चुका है,
चालक : हां जी
प्रतिनिधि : मैं आ रहा हूं, डेढ़ घंटे में, मुजफ्फरनगर हूं, इतने और गाड़ी खाली करा लो तुम
ट्रक चालक: भैया, ये संजीव सर आए हैं, इनसे बात कर लो
पूर्ति निरीक्षक : ब्रह्मजीत, जहां पर ये गाड़ी है, यहीं पर आ जाओ,
प्रतिनिधि : मैं तो मुजफ्फरनगर से पीछे हूं।
पूर्ति निरीक्षक : अरे...अब क्या बताएं।
प्रतिनिधि : क्या हुआ बताओ सर...
पूर्ति निरीक्षक: अब क्या बताएं, इसमें जो आपका माल है, एक बार यहां पर आ जाओ, कौन सी जगह है ये, डौला का जो धर्मकांटा है ये, यहीं पर आ जाओ, यहीं पर हैं हम...
प्रतिनिधि : मैं अभी मुजफ्फरनगर से पीछे हूं, क्या बात हो गई बताओ, मेरी इससे बात कराओ
पूर्ति निरीक्षक : इसमें जो माल है, जैसे इलमचंद का है, टीसीबीसी भी है, लेकिन इलमचंद का पहले पहुंच चुका है
प्रतिनिधि : हां वो ग्रुप बड़ा था ना सर
पूर्ति निरीक्षक : इसने किसी का माल उतारा ही नहीं।
प्रतिनिधि : कौन सी गाड़ी है ये
पूर्ति निरीक्षक : ये गाड़ी 3475 करके है। एक बात ध्यान रखना, इसमें किसी का फोन ना आए, हम सीधे बात करेंगे, पूरी मदद होगी। मीडिया आ जाती है तो रायता फैल जाता है। फिर नियमानुसार होता है, इस बारे में कुछ ना होता, अपनी कलम बचाने के लिए कार्रवाई करनी पड़ती है।
प्रतिनिधि : मैं मुजफ्फरनगर हूं, डेढ़ घंटा लगेगा
पूर्ति निरीक्षक : दिल्ली-देहरादून से आ जाना
प्रतिनिधि : नहीं नीचे से आ रहा हूं
पूर्ति निरीक्षक : अरे यार, जाम में फंसे रहोगे। चलो कोई बात नहीं, फोन दे रहे हैं, लीक न करें। जो भी रहे, लीक ना हो।
प्रतिनिधि : बात कराओ, एक बार बात कर लूं
ट्रक चालक : हमारी गाड़ी में वजन पूरा है। 225 क्विंटल माल इसमें आ रहा है।
प्रतिनिधि : ये वही मामला है क्या, जिसमें डीलर का राशन पहले पहुंच चुका है,
चालक : हां जी
प्रतिनिधि : मैं आ रहा हूं, डेढ़ घंटे में, मुजफ्फरनगर हूं, इतने और गाड़ी खाली करा लो तुम
ये बोले जिला पूर्ति अधिकारी
परिवहन ठेकेदार के प्रतिनिधि से रुपये मांगने के मामले में उच्चाधिकारियों ने शासन को जांच रिपोर्ट भेज दी थी। उसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है। उसी मामले में पूर्ति निरीक्षक को निलंबित किया गया है।
-विकास कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
परिवहन ठेकेदार के प्रतिनिधि से रुपये मांगने के मामले में उच्चाधिकारियों ने शासन को जांच रिपोर्ट भेज दी थी। उसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है। उसी मामले में पूर्ति निरीक्षक को निलंबित किया गया है।
-विकास कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी