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मनुष्य का व्यवहार ही बनाता है उसकी पहचान : अनुभूति माता
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-बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में हुआ भक्तांबर महामंडल विधान
फोटो नंबर 02केएआर 1
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में सोमवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा की।
विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और कष्ट निवारक क्रियाओं से हुई। श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा की। धर्म सभा में अनुभूति माता ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव ईमानदारी से कार्य करने चाहिए। किसी के साथ छल कपट नहीं करना चाहिए। ईमानदार व्यवहार ही मनुष्य की मजबूत पहचान बनाता है। द्वेष भावना और छल कपट करने वाला व्यक्ति जीवन में कभी कामयाब नहीं होता। सभी को नियमित रूप से भगवान की भक्ति कर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। इस मौके पर त्रिलोक चंद जैन, श्याम लाल जैन, नवीन जैन, विनोद जैन, दिनेश जैन आदि मौजूद रहे।
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खेकड़ा। बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में सोमवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा की।
विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और कष्ट निवारक क्रियाओं से हुई। श्रद्धालुओं ने 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा की। धर्म सभा में अनुभूति माता ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव ईमानदारी से कार्य करने चाहिए। किसी के साथ छल कपट नहीं करना चाहिए। ईमानदार व्यवहार ही मनुष्य की मजबूत पहचान बनाता है। द्वेष भावना और छल कपट करने वाला व्यक्ति जीवन में कभी कामयाब नहीं होता। सभी को नियमित रूप से भगवान की भक्ति कर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। इस मौके पर त्रिलोक चंद जैन, श्याम लाल जैन, नवीन जैन, विनोद जैन, दिनेश जैन आदि मौजूद रहे।
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