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बागपत की हवा खतरनाक, एक्यूआई 437 पर पहुंचा, स्मॉग छाया रहा

Fri, 05 Nov 2021 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Nov 2021 11:30 PM IST
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Baghpat air dangerous, AQI reached 437, smog prevailed
बागपत। दिवाली पर प्रतिबंध के बावजूद खूब आतिशबाजी होने से प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। शुक्रवार को 437 एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) दर्ज किया गया। आसमान में छाए स्मॉग की वजह से रमाला में भैंसा-बुग्गी से हुई टक्कर में बाइक सवार युवक की मौत हो गई जबकि पत्नी-बच्चा घायल हो गए। एक ओर जहां लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई, वहीं आंखों में जलन की समस्या भी झेलनी पड़ी।
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दिवाली पर आतिशबाजी करने पर भले ही प्रतिबंध था। इसके बावजूद बृहस्पतिवार देर रात तक लोग आतिशबाजी करते रहे। इनसे निकलने वाले धुएं से खूब वायु प्रदूषण हुआ। बृहस्पतिवार शाम से एक्यूआई बढ़ना शुरू हो गया था जो शुक्रवार तक बढ़ता रहा। शुक्रवार सुबह को स्मॉग छाया रहा। स्मॉग के कारण दिल्ली सहारनपुर-हाईवे स्थित एलम बाईपास के समीप भैंसा-बुग्गी से बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार रमाला निवासी भरतवीर (35) पुत्र नहार सिंह की मौत हो गई जबकि पत्नी व बच्चा गंभीर घायल हो गए। भरतवीर मुजफ्फरनगर मेें अपनी बहन की कोथली लेकर जा रहा था। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने घायल पत्नी व बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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दो करोड़ से ज्यादा के पटाखे बिकने का अनुमान
दिवाली पर खूब पटाखे बेचे भी गए और आतिशबाजी भी खूब हुई। बागपत में खुलेआम पटाखे बेचे गए तो बड़ौत भी इस तरह के हालात रहे। करीब दो करोड़ रुपये से ज्यादा के पटाखे बिकने का अनुमान है। इन पटाखों में पोटेशियम, सल्फर डाईआक्साइड आदि रसायन भरे होते है जो लोगों के स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचाते है।
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सांस की बीमारी का खतरा तो आंखों में रही जलन
सीएचसी अधीक्षक डा. विभाष राजपूत ने बताया कि दिवाली पर जिस तरह से आतिशबाजी करने से धुआं छाया रहा, उससे सांस की बीमारी होने की आशंका ज्यादा रहती है। इसके साथ ही जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए यह धुआं काफी खतरनाक है। इसके अलावा धुएं से आंखों में जलन की शिकायत भी सबसे ज्यादा रहती है और आंखों में समस्या होने से मरीज भी बढ़ जाते है।
मुंह पर मास्क व आंखों पर चश्मा लगाकर निकले बाहर
डा. विभाष राजपूत के अनुसार इस तरह के मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते है। घर से बाहर बिना किसी कारण के नहीं निकलना चाहिए। घर से निकलना है तो मुंह पर मास्क व आंखों पर चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए।

क्या है एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स)
0-50 अच्छा
51-100 औसत
101-200 असामान्य
201-300 खराब
301-400 ज्यादा खराब
400 से ज्यादा बेहद खतरनाक
इस तरह बढ़ता रहा एक्यूआई
चार नवंबर
शाम चार बजे 398
शाम छह बजे 401
रात दस बजे 406
पांच नवंबर
सुबह पांच बजे 430
शाम चार बजे 437
दिवाली पर प्रतिबंध के बाद भी खूब आतिशबाजी हुई। इसका ही असर है कि प्रदूषण काफी बढ़ गया है। आतिशबाजी के कारण ही स्मॉग हो गया है और हवा काफी खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है। इससे बीमारी होने का खतरा भी रहता है। - प्रखर कुमार, सहायक पर्यावरण अभियंता।
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