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Baghpat : बैंक पर उत्पीड़न का आरोप लगा किसानों ने कर्मियों को बंधक बनाया, हाईवे पर जाम लगाया, धरने पर बैठे
Tue, 25 Jul 2023 02:37 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 25 Jul 2023 02:37 PM IST
सार
बागपत जनपद में बैंक पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। किसानों ने बैंक कर्मियों को बैंक के भीतर ही बंधक बना लिया। इसके बाद बागपत मेरठ नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाया।
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farmer
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत में मेरठ रोड स्थित कैनरा बैंक के कार्यालय में मंगलवार को पहुंचे किसानों ने उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और बैंक कर्मियों को बंधक बना लिया। जिसके बाद किसानों ने बागपत मेरठ नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद किसान बैंक के गेट पर अनिश्चिकालीन धरना देकर बैठ गए।
शहर में ट्रेक्टर एजेंसी संचालक जितेंद्र ने बताया कि उसने सिंडिकेट बैंक की शाखा से एजेंसी के लिए लोन लिया था। जिसके बाद सिंडिकेट बैंक कैनरा में मर्ज हो गया। लोन चुकाने के लिए बैंक प्रबंधक समेत अन्य अधिकारियों के साथ उनका 67.50 लाख रुपये जमा करने का समझौता हुआ। जिसे जमा कराने के लिए 90 दिन का समय निर्धारित किया गया। आरोप लगाया कि उसने 45.50 लाख रुपये जमा कर दिए, जिसे बैंक प्रबंधक ने लिखकर जमा कराया।
इसके बाद 12 अप्रैल को बाकी रकम जमा करने गया तो उस पर 83 लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया गया। इसके बाद उसका मकान नीलाम करने की प्रक्रिया भी जल्दी पूरी कर दी और उसके ढाई करोड़ रुपये के मकान की नीलामी सिर्फ 91 लाख रुपये में छोड़ दी।
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उन्होंने बैंक अधिकारियों पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया औऱ समस्या का समाधान होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। उधर पुलिस किसानों को समझाती रही। किसानों का धरना अभी बैंक में जारी है।
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शहर में ट्रेक्टर एजेंसी संचालक जितेंद्र ने बताया कि उसने सिंडिकेट बैंक की शाखा से एजेंसी के लिए लोन लिया था। जिसके बाद सिंडिकेट बैंक कैनरा में मर्ज हो गया। लोन चुकाने के लिए बैंक प्रबंधक समेत अन्य अधिकारियों के साथ उनका 67.50 लाख रुपये जमा करने का समझौता हुआ। जिसे जमा कराने के लिए 90 दिन का समय निर्धारित किया गया। आरोप लगाया कि उसने 45.50 लाख रुपये जमा कर दिए, जिसे बैंक प्रबंधक ने लिखकर जमा कराया।
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इसके बाद 12 अप्रैल को बाकी रकम जमा करने गया तो उस पर 83 लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया गया। इसके बाद उसका मकान नीलाम करने की प्रक्रिया भी जल्दी पूरी कर दी और उसके ढाई करोड़ रुपये के मकान की नीलामी सिर्फ 91 लाख रुपये में छोड़ दी।
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उन्होंने बैंक अधिकारियों पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया औऱ समस्या का समाधान होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। उधर पुलिस किसानों को समझाती रही। किसानों का धरना अभी बैंक में जारी है।