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बागपत: हड़ताल पर गए 440 स्वास्थ्य कर्मी, 55 केंद्रों पर लटका ताला, मरीज परेशान; जान लें क्या हैं उनकी मांगें

Thu, 08 Oct 2026 07:24 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: Mohd Mustakim Updated Thu, 08 Oct 2026 07:24 PM IST
सार

एनएचएम के स्वास्थ्य कर्मी मानदेय विसंगतियों को दूर करने, नियमितीकरण और समय से मानदेय की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर उन्होंने हड़ताल कर धरना दिया। मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। 

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Baghpat: 440 health workers on strike, 55 centers shut down, patients distressed
स्वास्थ्यकर्मी। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Freepik.com

विस्तार
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जिले में एनएचएम के 440 स्वास्थ्य कर्मियों ने मानदेय बढ़ाने सहित कई मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। उनके हड़ताल के कारण 55 एएनएम सेंटरों पर जहां ताला लटका रहा तो कई स्थानों पर फार्मासिस्टों ने मरीजों से मर्ज पूछकर दवाई दी। 
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पिचौकरा के नीरज एक किलोमीटर चलकर तो रंछाड के रविंद्र को आठ किलोमीटर चलकर ब्लड जांच के लिए पहुंचे तो लैब टेक्निशियन के हड़ताल पर होने के कारण वापस लौटना पड़ा। उन्हें बड़ौत सीएचसी व जिला अस्पताल में पहुंचकर अपनी जांच करवानी पड़ी।
 
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जिले में एनएचएम के 440 कर्मचारी हैं। इनमें चिकित्सक, फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन, एएनएम व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। यहां 205 एएनएम सेंटर हैं और इनमें 55 एएनएम शामिल हैं। गांवों में मरीजों को दवाई देने के लिए एएनएम सेंटर खोल रखे हैं, ताकि उन्हें सीएचसी व पीएचसी में उपचार के लिए न जाना पड़े। 
 
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बृहस्पतिवार से एनएचएम के स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण 55 केंद्रों पर ताला लटका रहा तो चिकित्सकों के नहीं मिलने पर फार्मासिस्टों ने मरीजों की जांच कर दवाई दी। वहीं लैब पर भी ताला लटका रहा।
 

हड़ताल के कारण 55 केंद्र बंद रहे। केंद्र पर सुबह दस बजे जैसे ही मरीज दवाई लेने के लिए पहुंचे तो वहां ताला लटका होने के कारण वापस लौटना पड़ा। दवाई के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला अस्पताल की तरफ दौड़ लगानी पड़ी। इससे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
 

रंछाड़ गांव के राकेश, विनोद ने बताया कि सुबह साढ़े बजे एएनएम केंद्र पर पहुंचे तो वहां ताला लटका हुआ था। इसके बाद वह दवाई लेने के लिए बिनौली सीएचसी पर पहुंचे। कान्हड की निर्मला ने बताया कि बुखार होने पर सुबह 11 बजे केंद्र पर गए तो वहां ताला लटका हुआ था। बिनौली सीएचसी पर पहुंचे तो वहां भी लैब टेक्निशियन के हड़ताल पर होने के कारण बड़ौत जाना पड़ा।
 

इन मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे स्वास्थ्य कर्मी
एनएचएम के चिकित्सक डॉ. राजीव गोला, डॉ. मनीष त्यागी, डॉ. रामकुमार, डॉ. संजय, डॉ. श्रवण गोस्वामी, डॉ. अरविंद व डॉ. आरिफ ने बताया कि मानदेय विसंगतियों को दूर करने व नियमितीकरण व समय से मानदेय की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रही है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
 

बिनौली सीएचसी पर लैब पर लटका ताला
सीएचसी बिनौली से एनएचएम कर्मी प्रवीण, प्रमोद, कुलदीप, एलटी वीरेंद्र कुमार, आशीष मलिक, डॉ. गुफरान, डॉ. तेजस्वी पुंडीर, संजीव कुमार आदि हड़ताल पर रहे। लैब टेक्निशियन के हड़ताल पर होने के कारण मरीजों के ब्लड की जांच नहीं हो सकीं। मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
 

फार्मासिस्ट ने किया मरीजों का उपचार
छपरौली सीएचसी में डॉक्टर के हड़ताल पर होने के कारण फार्मासिस्ट दीपक गुप्ता ने मरीजों का उपचार किया। मरीजों से मर्ज पूछने के बाद उन्हें दवाई दी गई, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. कुमार अभिषेक का कहना था कि सभी मरीजों का समय से उपचार किया गया है।
 

ये बोले सीएमओ
- एनएचएम के स्वास्थ्य कर्मियों से वार्ता की जाएगी, ताकि वह हड़ताल समाप्त कर सकें। यदि हड़ताल समाप्त नहीं होती है तो उनको नोटिस जारी किए जाएंगे। 
-डॉ. तीरथलाल, सीएमओ
 
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