फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Bad air in Baghpat, AQI reached 213

बागपत की हवा खराब, एक्यूआई 213 पर पहुंचा

Tue, 25 Oct 2022 11:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 25 Oct 2022 11:18 PM IST
विज्ञापन
Bad air in Baghpat, AQI reached 213
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बागपत। दिवाली पर खूब आतिशबाजी होने से प्रदूषण बढ़ गया और बागपत में हवा खराब हो गई। शहरों में आतिशबाजी से सोमवार शाम को काफी धुआं रहा, लेकिन उपकरण शहर से दस किमी दूर बली गांव में लगा होने से एक्यूआई 213 तक दिखाया। हालांकि लोगों को आंखों में जलन व गले में परेशानी हुई।
यहां पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध होने के बावजूद खूब पटाखे बिके और आतिशबाजी जमकर हुई। बागपत में खुलेआम पटाखे बिके तो बड़ौत भी इस तरह के हालात रहे। इस तरह करीब दो करोड़ रुपये से ज्यादा के पटाखे बिकने का अनुमान है। इन पटाखों में पोटेशियम, सल्फर डाईआक्साइड आदि रसायन भरे होते हैं। ये लोगों के स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। इसके साथ ही पटाखों से निकलने वाले धुएं से खूब वायु प्रदूषण हुआ। यहां सोमवार दोपहर बाद एक्यूआई 200 से ऊपर चला गया जो मंगलवार सुबह तक 213 के आसपास रहा।
विज्ञापन

अब बली गांव में लगा उपकरण
पहले हवा में प्रदूषण मापने का उपकरण जिला अस्पताल में लगा था। यह शहर से केवल दो किमी दूर था और वहां भी आबादी थी। यह उपकरण कई महीने पहले वहां से हटवाकर बली गांव स्थित इंटर कॉलेज पर लगवा दिया। यह शहर से करीब दस किमी दूर है। यहां आसपास जंगल है। जिससे शहर में काफी प्रदूषण होने के बावजूद एक्यूआई 250 से ऊपर नहीं पहुंचता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सांस की बीमारी का खतरा तो आंखों में रही जलन
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत ने बताया कि दिवाली पर जिस तरह से आतिशबाजी करने से धुआं छाया रहा। उससे सांस की बीमारी होने की आशंका ज्यादा रहती है। इसके साथ ही जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए यह धुआं काफी खतरनाक है। इसके अतिरिक्त धुएं से आंखों में जलन की शिकायत भी सबसे ज्यादा रहती है। आंखों में समस्या होने से मरीज भी बढ़ जाते हैं।
मास्क और चश्मा लगाकर निकले बाहर
डॉ. विभाष राजपूत के अनुसार इस तरह के मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। घर से बाहर बिना किसी कारण नहीं निकलना चाहिए और घर से निकलना है तो मुंह पर मास्क व आंखों पर चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए, जिससे आंखों में परेशानी होने का खतरा कम रहता है।

इस तरह होता है औसत एक्यूआई
0-50 अच्छा
51-100 औसत
101-200 असामान्य
201-300 खराब
301-400 ज्यादा खराब
400 से ज्यादा बेहद खतरनाक
दिवाली पर आतिशबाजी काफी हुई है। इसका असर है कि प्रदूषण बढ़ गया है। लोगों को काफी समझाया गया और पटाखे बेचने वालों पर कार्रवाई भी हुई। जिससे प्रदूषण होने से रोका जा सके।-प्रखर कुमार, सहायक पर्यावरण अभियंता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed