{"_id":"57bcad8d4f1c1bcd33d4ef54","slug":"athletes-in-the-half-million-were-hired","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ लाख में हायर किए थे एथलीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ लाख में हायर किए थे एथलीट
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत। गौतमबुद्धनगर के युवकों की जगह बेहतर धावकों को हायर करने के मामले की जांच शुरू हो गई है। बताया गया है पकड़े गए मामलों में एजेंट ने युवकों की जगह एथलीट हायर किए थे।
इन्हें केवल शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण करनी थी। इसकी एवज में इन्हें एक से डेढ़ लाख रुपये देने का मामला तय हुआ था। सेना के अधिकारियों ने इस मामले की टोह लेनी शुरू कर दी है।
सेना भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे। प्रवेश पत्र जारी होने के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए युवकों एजेंट से संपर्क किया। एक युवक ने बताया उन्होंने गौतमबुद्धनगर में एजेंट के माध्यम से ही अपने आवेदन कराए थे। भर्ती कराने के नाम पर इन युवकों से रुपये मांगे गए थे।
विज्ञापन
इनकी जिम्मेदारी केवल शारीरिक परीक्षा पास कराने की थी। इसके लिए मूल युवक की जगह धावकों को परीक्षा में भेजा गया। प्रवेश पत्र पर मूल फोटो की जगह स्कैन कर फोटो लगा दिया। दौड़ और अन्य फिजिकल पास करने की एवज में रुपये तय किए गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि कई युवक पूरे सिस्टम की आंखों में धूल झोंककर दौड़ में भी शामिल हो गए। इनकी जांच शुरू हुई तो मामला पकड़ा गया।
पुलिस भर्ती में हुआ था खुलासा
बड़ौत। कानपुर में हुई पुलिस भर्ती में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। किसी ओर के बदले यहां धावक दौड़ाए गए थे। वहां फोटो और थंब प्रिंट से इसका खुलासा हो चुका है।
विज्ञापन
इन्हें केवल शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण करनी थी। इसकी एवज में इन्हें एक से डेढ़ लाख रुपये देने का मामला तय हुआ था। सेना के अधिकारियों ने इस मामले की टोह लेनी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
सेना भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे। प्रवेश पत्र जारी होने के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए युवकों एजेंट से संपर्क किया। एक युवक ने बताया उन्होंने गौतमबुद्धनगर में एजेंट के माध्यम से ही अपने आवेदन कराए थे। भर्ती कराने के नाम पर इन युवकों से रुपये मांगे गए थे।
विज्ञापन
इनकी जिम्मेदारी केवल शारीरिक परीक्षा पास कराने की थी। इसके लिए मूल युवक की जगह धावकों को परीक्षा में भेजा गया। प्रवेश पत्र पर मूल फोटो की जगह स्कैन कर फोटो लगा दिया। दौड़ और अन्य फिजिकल पास करने की एवज में रुपये तय किए गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि कई युवक पूरे सिस्टम की आंखों में धूल झोंककर दौड़ में भी शामिल हो गए। इनकी जांच शुरू हुई तो मामला पकड़ा गया।
पुलिस भर्ती में हुआ था खुलासा
बड़ौत। कानपुर में हुई पुलिस भर्ती में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। किसी ओर के बदले यहां धावक दौड़ाए गए थे। वहां फोटो और थंब प्रिंट से इसका खुलासा हो चुका है।