{"_id":"5740b8a14f1c1b0979ac6e96","slug":"arpit-given-new-identity-to-gangnauli","type":"story","status":"publish","title_hn":"अर्पित ने गांगनौली को दी नई पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अर्पित ने गांगनौली को दी नई पहचान
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 22 May 2016 01:06 AM IST
विज्ञापन
अर्पित राठी के जनपद टॉप करने पर गांगनौली गांव में खुशी मनाते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांगनौली गांव में केवल गोलियां नहीं बरसती, बल्कि यहां की मेधा विद्यार्थियों को टॉपर भी बनाती है। बदनाम हो चुके गांगनौली को यह पहचान गांव के बेटे अर्पित राठी ने सीबीएसई में 12वीं का जिला टॉपर बनकर दी है। मेधावी के जुड़वां भाई कार्तिक ने 83 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रतिभा का लोहा मनवाया।
कुछ सालों से दोघट थाना क्षेत्र का गांव गांगनौली आपराधिक घटनाओं के कारण चर्चित रहा है। एक लाख के इनामी प्रमोद गांगनौली की दूसरे पक्ष से रंजिश के चलते यहां अक्सर खून-खराबा होता रहा। सालों से चल रही रंजिश तो व्यक्तिगत थी, लेकिन बदनामी पूरे गांव की हुई।
यहां के ग्रामीण जहां भी पहुंचते, पहचान उजागर होते ही उनके जख्म हरे हो जाते। लंबे समय से बदनामी झेल रहे गांव को सीबीएसई 12वीं के नतीजों के बाद नई पहचान मिल गई है।
विज्ञापन
किसान योगेंद्र सिंह के बेटे प्रतीक राठी ने जिला टॉप किया है। वह आईआईटी की तैयारी कर रहा है। उसका 83 प्रतिशत अंक हासिल करने वाला जुड़वां भाई कार्तिक एनडीए की तैयारी कर रहा है।
सिविल सेवा में जाने की है तमन्ना
सीबीएसई की 12वीं कक्षा में साइंस के पीसीएम वर्ग के टॉपर रहे गांगनौली गांव के होनहार अर्पित राठी ने बगैर किसी कोचिंग के कामयाबी हासिल की। किसान योगेंद्र राठी के बेटे अर्पित ने बताया कि वह सिविल सेवा में जाना चाहता है। बगैर किसी कोचिंग के नियमित पढ़ाई से उसे यह कामयाबी मिली। परिवार के अलावा शिक्षकों ने सहयोग दिया। अर्पित इन दिनों दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
कुछ सालों से दोघट थाना क्षेत्र का गांव गांगनौली आपराधिक घटनाओं के कारण चर्चित रहा है। एक लाख के इनामी प्रमोद गांगनौली की दूसरे पक्ष से रंजिश के चलते यहां अक्सर खून-खराबा होता रहा। सालों से चल रही रंजिश तो व्यक्तिगत थी, लेकिन बदनामी पूरे गांव की हुई।
विज्ञापन
यहां के ग्रामीण जहां भी पहुंचते, पहचान उजागर होते ही उनके जख्म हरे हो जाते। लंबे समय से बदनामी झेल रहे गांव को सीबीएसई 12वीं के नतीजों के बाद नई पहचान मिल गई है।
विज्ञापन
किसान योगेंद्र सिंह के बेटे प्रतीक राठी ने जिला टॉप किया है। वह आईआईटी की तैयारी कर रहा है। उसका 83 प्रतिशत अंक हासिल करने वाला जुड़वां भाई कार्तिक एनडीए की तैयारी कर रहा है।
सिविल सेवा में जाने की है तमन्ना
सीबीएसई की 12वीं कक्षा में साइंस के पीसीएम वर्ग के टॉपर रहे गांगनौली गांव के होनहार अर्पित राठी ने बगैर किसी कोचिंग के कामयाबी हासिल की। किसान योगेंद्र राठी के बेटे अर्पित ने बताया कि वह सिविल सेवा में जाना चाहता है। बगैर किसी कोचिंग के नियमित पढ़ाई से उसे यह कामयाबी मिली। परिवार के अलावा शिक्षकों ने सहयोग दिया। अर्पित इन दिनों दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है।