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Baghpat News: पुरा महादेव मंदिर के भोग और प्रसाद के शुद्ध होने के प्रमाण पत्र के लिए किया आवेदन
Tue, 01 Oct 2024 04:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Tue, 01 Oct 2024 04:52 AM IST
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बागपत। पुरा महादेव मंदिर के भोग और प्रसाद के शुद्घ होने के प्रमाण के लिए आवेदन किया गया है। खाद्य विभाग की ओर से मंदिर के प्रसाद को प्रमाणित कराने के लिए आवेदन किया गया। जल्द ही दिल्ली से टीम मंदिर में लगने वाले भोग और प्रसाद की जांच करेगी। टीम के ऑडिट के बाद मंदिर के प्रसाद और भोग के प्रमाणित होने का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
सहायक खाद्य आयुक्त मानवेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से पुरा महादेव मंदिर में भगवान को लगने वाला भोग, पेयजल और अन्य खाद्य सामग्री को एफएसएसएआई की ओर से प्रमाणित कराया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से आवेदन किया जा चुका है। शासन स्तर से अनुमति मिलने पर दिल्ली की टीम मंदिर पहुंचकर ऑडिट करेगी और अपनी रिपोर्ट शासन को सौपेंगे। टीम के आडिट के आधार पर मंदिर के प्रसाद और भोग को प्रमाणित होने पर मंदिर को शुद्ध भोग और प्रसाद का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
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त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर को दो साल पहले मिल चुका है प्रमाण पत्र
सहायक खाद्य आयुक्त ने बताया कि बड़ा गांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर को एफएसएसएआई की ओर से दो साल पहले ही प्रमाण पत्र मिल चुका है। विभाग की ओर से वर्ष 2022 में मंदिर के भोग और प्रसाद के लिए आवेदन किया गया था। ऑडिट के बाद टीम ने मंदिर के प्रसाद को शुद्घता का प्रमाण पत्र जारी किया गया था।
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सहायक खाद्य आयुक्त मानवेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से पुरा महादेव मंदिर में भगवान को लगने वाला भोग, पेयजल और अन्य खाद्य सामग्री को एफएसएसएआई की ओर से प्रमाणित कराया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से आवेदन किया जा चुका है। शासन स्तर से अनुमति मिलने पर दिल्ली की टीम मंदिर पहुंचकर ऑडिट करेगी और अपनी रिपोर्ट शासन को सौपेंगे। टीम के आडिट के आधार पर मंदिर के प्रसाद और भोग को प्रमाणित होने पर मंदिर को शुद्ध भोग और प्रसाद का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
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त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर को दो साल पहले मिल चुका है प्रमाण पत्र
सहायक खाद्य आयुक्त ने बताया कि बड़ा गांव के त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर को एफएसएसएआई की ओर से दो साल पहले ही प्रमाण पत्र मिल चुका है। विभाग की ओर से वर्ष 2022 में मंदिर के भोग और प्रसाद के लिए आवेदन किया गया था। ऑडिट के बाद टीम ने मंदिर के प्रसाद को शुद्घता का प्रमाण पत्र जारी किया गया था।
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