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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: अब पल-पल के मौसम की मिलेगी सटीक जानकारी, लाखों किसानों को होगा फायदा
Sun, 06 Jun 2021 02:21 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: कपिल kapil
Updated Sun, 06 Jun 2021 02:21 AM IST
सार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यहां पर जल्द ही स्वचालित मौसम केंद्र की स्थापना करने वाला है। इससे लाखों किसानों को फायदा होगा। पढ़िए पूरा अपडेट।
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स्वचालित मौसम केंद्र का फाउंडेशन।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बागपत के खेकड़ा में कृषि विज्ञान केंद्र पर जल्द ही विशेष तकनीक से युक्त स्वचालित मौसम केंद्र तैयार हो जाएगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) स्वचालित मौसम केंद्र की स्थापना करा रहा है। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र में फाउंडेशन बनाकर तैयार कर दिया गया है। हैदराबाद से उपकरण भी आ चुके हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से इसकी स्थापना नहीं हो सकी। लेकिन अब जल्द ही हैदराबाद से टीम आकर इसे तैयार करेगी। इसके निर्माण से आगामी पांच-छह दिन के मौसम का सटीक पूर्वानुमान मिल सकेगा।
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केंद्र सरकार ने किसानों को मौसम की मार से बचाने के लिए योजना तैयार की थी। कई राज्यों में किसानों को समय रहते मौसम के मिजाज की सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उनकी फसल या पशु धन को भारी नुकसान पहुंचता है। कई बार ऐसा होता है कि जब तक किसान को मौसम विभाग की सूचना मिलती है, तब तक उसकी फसल बर्बाद हो चुकी होती है। यही जानकारी किसान को समय पर मिल जाए, इसके लिए दो सौ जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की तरफ से स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसी योजना के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर और बागपत में इन केंद्रों की स्थापना होनी है।
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सूचना मिलने पर किसान पहले से कर सकेंगे तैयारी
इस मौसम केंद्र से फसलों को मौसम की मार से काफी हद तक बचाया जा सकेगा। ये केंद्र किसान के लिए बहुत लाभदायक साबित होंगे। जिस इलाके में वह खेती करते हैं या पशु पालते हैं, वहां अगले पांच दिन में मौसम कैसा रहेगा, उन्हें ये सूचना समय रहते मिलेगी। इससे वह अपने कृषि कार्य में बदलाव कर सकते हैं। पशुओं के लिए चारा स्टॉक करना है या खेत में तैयार फसल को तेज बरसात से बचाने के लिए क्या करना है, वह मौसम विभाग की जानकारी के आधार पर आसानी से कर सकते हैं। किसानों के पास किसान पोर्टल, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, दूरदर्शन, रेडियो, इंटरनेट और मोबाइल फोन पर एसएमएस से मौसम की सूचना पहुंचाई जाएंगी।
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अभी तक मौसम का पूर्वानुमान पुणे और दिल्ली से मिले डाटा के आधार पर लगाया जाता है। स्वचालित मौसम केंद्र शुरू होने से सटीक पूर्वानुमान लग सकेगा। जिसका फायदा किसानों को मिलेगा। - डॉ. संदीप चैधरी, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, खेकड़ा।