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अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य: यहां पहले दस दिन तक केवल 56 को लगा था टीका, अब चार दिन में ढाई हजार से पार हुआ आंकड़ा
Thu, 31 Mar 2022 03:50 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 31 Mar 2022 03:50 PM IST
सार
12-14 साल की उम्र वालों में स्कूलों में टीका लगवाने को उत्साह दिख रहा है। जिससे लक्ष्य को जल्द पूरा कराया जा सकेगा।
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विस्तार
बागपत। जब 12-14 वर्ष की उम्र वालों को कोरोना रोधी टीका लगाने की शुरूआत हुई तो टीकाकरण काफी धीमा दिखा। लेकिन अब स्कूलों में टीका लगाने की शुरूआत होते ही रफ्तार दिखाई देने लगी है। टीका लगवाने के लिए बच्चों में भी उत्साह दिख रहा है।
यह किसी एक स्कूल की स्थिति नहीं है, बल्कि जिन स्कूलों में कैंप लगना शुरू हो गया है। वहां बच्चे टीका लगवाने को लेकर काफी उत्साहित हैं। इसका एक कारण यह भी है कि परिजन व्यस्त होने के कारण अस्पताल व सीएचसी में अभी तक टीका लगवाने के लिए नहीं पहुंच सके थे। स्कूलों में शिक्षक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वे बच्चों को टीका लगवाने का फायदा बता रहे हैं कि इस टीके को लगवाने से वे कोरोना से बचे रहेंगे। इससे लक्ष्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
पहले दस दिन में केवल 56, अब तीन दिन में 3500 को लगा टीका
यहां 12-14 वर्ष की उम्र वाले 55 हजार 197 को टीका लगाने का लक्ष्य है। पहले दस दिन में केवल 56 को टीका लगाया गया। इसका एक कारण यह था कि स्कूलों में कैंप नहीं लगाए जा रहे थे। पहले एक सप्ताह तक केवल जिला अस्पताल व उसके बाद सीएचसी में टीका लगाया जा रहा है। अब स्कूलों में कैंप लगाए जाने से तीन दिन में 3500 को टीका लग चुका है।
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यह भी पढ़ें: अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य: 15 से 18 साल के किशोरों ने साझा किए अनुभव, बोले- टीका लगवाकर सुरक्षित बनाएं जीवन
महामारी से पढ़ाई को हुआ नुकसान
कोरोना के कारण स्कूल बंद होने से पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। अब कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाना जरूरी है और टीका लगवाकर काफी खुशी मिली है।
स्कूलों में कैंप लगाकर टीकाकरण शुरू हो गया है। टीका लगवाने के लिए बच्चे काफी उत्साहित हैं। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका लगवाना जरूरी है। इस बारे में बच्चों को बताया गया है।-डॉ. भावना जैन, शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय निवाड़ा
टीका लगवाकर सुरक्षित हो रहे
कोरोना के कारण स्कूल बंद रहे तो शिक्षकों व बच्चों को काफी परेशानी हुई। इसका पढ़ाई पर भी असर पड़ा। इसलिए अब कोई नहीं चाहता कि कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल बंद हो और टीका लगवाकर खुद को सुरक्षित करना चाहता है। इस कारण बच्चे खुद ही टीका लगवा रहे है। -मनीषा पंवार, शिक्षिका कंपोजिट विद्यालय सिसाना
जब 12-14 वर्ष की उम्र वालों को टीका लगाने की शुरूआत हुई तो स्कूलों में परीक्षा व अन्य कारणों से व्यवस्था ठीक से नहीं बन सकी थी। इस कारण टीकाकरण तेजी से नहीं हो रहा है। अब स्कूलों में कैंप लगाने शुरू कर दिए हैं और टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ी है। -डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ
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यह किसी एक स्कूल की स्थिति नहीं है, बल्कि जिन स्कूलों में कैंप लगना शुरू हो गया है। वहां बच्चे टीका लगवाने को लेकर काफी उत्साहित हैं। इसका एक कारण यह भी है कि परिजन व्यस्त होने के कारण अस्पताल व सीएचसी में अभी तक टीका लगवाने के लिए नहीं पहुंच सके थे। स्कूलों में शिक्षक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वे बच्चों को टीका लगवाने का फायदा बता रहे हैं कि इस टीके को लगवाने से वे कोरोना से बचे रहेंगे। इससे लक्ष्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
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पहले दस दिन में केवल 56, अब तीन दिन में 3500 को लगा टीका
यहां 12-14 वर्ष की उम्र वाले 55 हजार 197 को टीका लगाने का लक्ष्य है। पहले दस दिन में केवल 56 को टीका लगाया गया। इसका एक कारण यह था कि स्कूलों में कैंप नहीं लगाए जा रहे थे। पहले एक सप्ताह तक केवल जिला अस्पताल व उसके बाद सीएचसी में टीका लगाया जा रहा है। अब स्कूलों में कैंप लगाए जाने से तीन दिन में 3500 को टीका लग चुका है।
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महामारी से पढ़ाई को हुआ नुकसान
कोरोना के कारण स्कूल बंद होने से पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। अब कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाना जरूरी है और टीका लगवाकर काफी खुशी मिली है।
स्कूलों में कैंप लगाकर टीकाकरण शुरू हो गया है। टीका लगवाने के लिए बच्चे काफी उत्साहित हैं। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका लगवाना जरूरी है। इस बारे में बच्चों को बताया गया है।-डॉ. भावना जैन, शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय निवाड़ा
टीका लगवाकर सुरक्षित हो रहे
कोरोना के कारण स्कूल बंद रहे तो शिक्षकों व बच्चों को काफी परेशानी हुई। इसका पढ़ाई पर भी असर पड़ा। इसलिए अब कोई नहीं चाहता कि कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल बंद हो और टीका लगवाकर खुद को सुरक्षित करना चाहता है। इस कारण बच्चे खुद ही टीका लगवा रहे है। -मनीषा पंवार, शिक्षिका कंपोजिट विद्यालय सिसाना
जब 12-14 वर्ष की उम्र वालों को टीका लगाने की शुरूआत हुई तो स्कूलों में परीक्षा व अन्य कारणों से व्यवस्था ठीक से नहीं बन सकी थी। इस कारण टीकाकरण तेजी से नहीं हो रहा है। अब स्कूलों में कैंप लगाने शुरू कर दिए हैं और टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ी है। -डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ