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अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य: 15 से 18 साल के किशोरों ने साझा किए अनुभव, बोले- टीका लगवाकर सुरक्षित बनाएं जीवन
Thu, 31 Mar 2022 02:14 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 31 Mar 2022 02:14 PM IST
सार
कोरोना से बचाव के लिए टीके लगवाने वाले 15 से 18 साल के किशोरों ने अनुभव साझा किए। वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने में नहीं हुई परेशानी, कोरोना से हुए सुरक्षित।
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अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शामली। जिले में 12 से 14 साल के किशोरों को कोरोनारोधी टीकाकरण चल रहा है, लेकिन टीका लगवाने वालों की संख्या अभी कम है। मात्र 0.86 प्रतिशत टीका हुआ है। उधर, जनवरी माह में शुरू हुए 15 से 18 साल के किशोरों की टीकाकरण की गति तेज रही है। जिले में इस आयु वर्ग के किशोरों को 102.97 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। टीके की दोनों डोज लगवा चुके इस आयु के किशोरों से बातचीत की गई। उनका कहना है कि वे टीका लगवाकर कोरोना से सुरक्षित हो चुके हैं। जो रह गए हैं, उन्हें भी टीका लगवाकर कोरोना को हराने में सहयोग करना चाहिए।
जिले में 16 मार्च से 12 से 14 साल किशोरों को टीकाकरण शुरू हुआ था। अब तक जिले में 57963 के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 500 किशोरों को टीकाकरण हुआ है, जो लक्ष्य के सापेक्ष 0.86 प्रतिशत है। उधर, तीन जनवरी से 15 से 18 साल के किशोरों को टीकाकरण शुरू हुआ था। इस आयु वर्ग के 95970 किशोरों को टीके का लक्ष्य रखा गया था।
लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 98819 किशोर टीके की पहली डोज लगवा चुके हैं, जो 102.97 प्रतिशत है। दूसरी डोज लगवाने वाले किशोरों की संख्या 53089 है, जो लक्ष्य का 55.32 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि 15 से 18 साल के किशोरों को टीके लगाने की गति तेज रही है जबकि अब 12 से 14 साल के किशोरों में टीकाकरण की गति धीमी है।
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बुधवार को सीएचसी पर टीका लगवाने आई 13 वर्षीय अनुष्का ने कहा कि कोरोना से जीवन को सुरक्षित रखने के लिए टीका लगवाना जरूरी है। इसलिए वह अपनी मां रितु वत्स के साथ टीका लगवाने आई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर का कहना है कि टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए अभिभावकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
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जिले में 16 मार्च से 12 से 14 साल किशोरों को टीकाकरण शुरू हुआ था। अब तक जिले में 57963 के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 500 किशोरों को टीकाकरण हुआ है, जो लक्ष्य के सापेक्ष 0.86 प्रतिशत है। उधर, तीन जनवरी से 15 से 18 साल के किशोरों को टीकाकरण शुरू हुआ था। इस आयु वर्ग के 95970 किशोरों को टीके का लक्ष्य रखा गया था।
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लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 98819 किशोर टीके की पहली डोज लगवा चुके हैं, जो 102.97 प्रतिशत है। दूसरी डोज लगवाने वाले किशोरों की संख्या 53089 है, जो लक्ष्य का 55.32 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि 15 से 18 साल के किशोरों को टीके लगाने की गति तेज रही है जबकि अब 12 से 14 साल के किशोरों में टीकाकरण की गति धीमी है।
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बुधवार को सीएचसी पर टीका लगवाने आई 13 वर्षीय अनुष्का ने कहा कि कोरोना से जीवन को सुरक्षित रखने के लिए टीका लगवाना जरूरी है। इसलिए वह अपनी मां रितु वत्स के साथ टीका लगवाने आई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर का कहना है कि टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए अभिभावकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
टीके की दोनों डोज लेने वाले किशोर बोले
शहर के एमएसके रोड निवासी 16 वर्षीय यश सिंघल ने बताया कि वह टीके की दोनों डोज लगवाकर कोरोना से सुरक्षित महसूस कर रहा है। टीका लगवाने से उसे कोई परेशानी नहीं हुई।
मोहल्ला आर्यपुरी निवासी 17 वर्षीय जतिन कुमार ने कहा कि टीका ही कोरोना से बचने का सुरक्षा कवच है। उसने टीके की दोनों डोज लगवाई है। उसे कोई समस्या नहीं आई। सभी को कोरोना से बचाव का टीका लगवाना चाहिए।
मोहल्ला गोशाला रोड निवासी 17 वर्षीय निखिल बर्मन ने कहा कि टीका लगवाने में उसे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। टीके को लेकर न कोई भ्रम है और न ही कोई संकोच है। सभी को टीका लगवाकर खुद को कोरोना से सुरक्षित करना चाहिए।
शहर के एमएसके रोड निवासी 16 वर्षीय यश सिंघल ने बताया कि वह टीके की दोनों डोज लगवाकर कोरोना से सुरक्षित महसूस कर रहा है। टीका लगवाने से उसे कोई परेशानी नहीं हुई।
मोहल्ला आर्यपुरी निवासी 17 वर्षीय जतिन कुमार ने कहा कि टीका ही कोरोना से बचने का सुरक्षा कवच है। उसने टीके की दोनों डोज लगवाई है। उसे कोई समस्या नहीं आई। सभी को कोरोना से बचाव का टीका लगवाना चाहिए।
मोहल्ला गोशाला रोड निवासी 17 वर्षीय निखिल बर्मन ने कहा कि टीका लगवाने में उसे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। टीके को लेकर न कोई भ्रम है और न ही कोई संकोच है। सभी को टीका लगवाकर खुद को कोरोना से सुरक्षित करना चाहिए।