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अस्थायी जेल से मुख्य जेल में शिफ्त हुए सभी बंदी
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खेकड़ा। नगर में स्थित महामना मालवीय डिग्री कॉलेज में चल रही अस्थायी जेल को जेल प्रशासन ने बंद करा दिया है। वहां के सभी 51 बंदियों को सोमवार को मुख्य जेल में शिफ्ट करा दिया। अब कॉलेज में नए सत्र में शिक्षण कार्य शुरू होने की संभावनाएं बन गई है।
वर्ष 2020 -21 में देश में कोरोना संक्रमण ने पैर पसारे लिए थे। तभी क्षेत्र के गांव अब्दुलापुर स्थित बागपत जिला जेल तक भी कोरोना संक्रमण पहुंच गया था। जेल प्रशासन ने जेल के बंदियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए खेकड़ा में रेलवे स्टेशन के पास स्थित एमएम डिग्री कॉलेज में अस्थायी जेल शुरू करा दी थी। अदालतों से भेजे जाने वाले सभी नए बंदियों को 20 से 25 दिनों तक यहीं पर खा जाता था। उनकी कोरोना जांच होने के बाद जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें अस्थायी जेल से मुख्य जेल में शिफ्ट कराया जाता था।
कॉलेज परिसर में अस्थायी जेल बनी होने के कारण तभी से कॉलेज में शिक्षण कार्य बंद हो गया था। जेल प्रशासन ने अब इस अस्थायी जेल को बंद करने का निर्णय किया था। जेल अधीक्षक ब्रजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि अस्थायी जेल 18 मई 2020 को शुरू हुई थी। 21 मई को नेपाली जमाती यहां पर आए थे। जेल प्रशासन के आदेशानुसार सोमवार को अस्थायी जेल के सभी 51 बंदियों को मुख्य जेल में शिफ्ट करा दिया गया है। कॉलेज भवन को कॉलेज प्रशासन को सौंप दिया गया है। अब कॉलेज में शिक्षण कार्य शुरू होने की प्रबल संभावनाएं बन गई है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ जगदीश कुमार ने कहा कॉलेज भवन सुपुर्द होते ही शिक्षण कार्य विधिवत रूप में शुरू होगा।
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वर्ष 2020 -21 में देश में कोरोना संक्रमण ने पैर पसारे लिए थे। तभी क्षेत्र के गांव अब्दुलापुर स्थित बागपत जिला जेल तक भी कोरोना संक्रमण पहुंच गया था। जेल प्रशासन ने जेल के बंदियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए खेकड़ा में रेलवे स्टेशन के पास स्थित एमएम डिग्री कॉलेज में अस्थायी जेल शुरू करा दी थी। अदालतों से भेजे जाने वाले सभी नए बंदियों को 20 से 25 दिनों तक यहीं पर खा जाता था। उनकी कोरोना जांच होने के बाद जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें अस्थायी जेल से मुख्य जेल में शिफ्ट कराया जाता था।
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कॉलेज परिसर में अस्थायी जेल बनी होने के कारण तभी से कॉलेज में शिक्षण कार्य बंद हो गया था। जेल प्रशासन ने अब इस अस्थायी जेल को बंद करने का निर्णय किया था। जेल अधीक्षक ब्रजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि अस्थायी जेल 18 मई 2020 को शुरू हुई थी। 21 मई को नेपाली जमाती यहां पर आए थे। जेल प्रशासन के आदेशानुसार सोमवार को अस्थायी जेल के सभी 51 बंदियों को मुख्य जेल में शिफ्ट करा दिया गया है। कॉलेज भवन को कॉलेज प्रशासन को सौंप दिया गया है। अब कॉलेज में शिक्षण कार्य शुरू होने की प्रबल संभावनाएं बन गई है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ जगदीश कुमार ने कहा कॉलेज भवन सुपुर्द होते ही शिक्षण कार्य विधिवत रूप में शुरू होगा।
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