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कृषि कानून वापसी किसानों की जीत, शहीद होने वालों को याद किया जाएगा

Fri, 19 Nov 2021 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 11:12 PM IST
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agricultural law return farmers victory
बड़ौत के कासिमपुर खेडी गांव में एक-दूसरे को लडडू खिलाकर खुशी मनाते किसान - फोटो : BARAUT
संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कृषि कानून वापसी की घोषणा के बाद किसान नेताओं व राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने इसे किसानों की जीत बताया। इसके साथ ही शहीद होने वाले किसानों को इतिहास में याद किए जाने की बात भी कही। किसानों की हिम्मत के कारण ही सरकार को यह फैसला लेना पड़ा।
सरकार को झुकना पड़ा
प्रधानमंत्री की तीनों कृषि कानून वापसी की घोषणा किसानों की जीत है। इसके लिए किसानों ने संघर्ष किया है। उनका मनोबल तोड़ने का प्रयास भी किया गया। सैकड़ों किसानों को शहादत देनी पड़ी। इसके किसान डटे रहे। आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा।-धीरज उज्ज्वल, प्रदेश उपाध्यक्ष रालोद
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यह फैसला पहलेे लेना था
कृषि कानूनों की वापसी आंदोलनकारी किसान और उनका साथ देने वालों की जीत है। सरकार को यह फैसला काफी पहले लेना चाहिए था। जिससे इतने किसानों की शहादत नहीं होती। अब सरकार को अन्य मांग भी पूरी कर देनी चाहिएं।-सुखवीर सिंह गठिना, राष्ट्रीय सचिव रालोद
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किसान हित में नहीं थे कानून
जिस तरह से किसानों ने कृषि कानून वापसी के लिए संघर्ष किया है, इसे अगली पीढ़ियां किताबों में पढ़ेंगी। यह खेती बचाने व आत्मसम्मान की लड़ाई थी। इसमें सरकार को झुकना पड़ा। घोषणा से साफ हो गया कि कानून किसान हित में नहीं थे।-सुभाष गुर्जर, जिला पंचायत सदस्य रालोद
एमएसपी पर भी विचार करें
सरकार को काफी समय पहले कानून वापसी का निर्णय ले लेना चाहिए था। किसान आंदोलन में सहयोग करने वाले किसान बधाई के पात्र हैं। सरकार को एमएसपी पर भी विचार करना चाहिए।-चौधरी बृजपाल सिंह, थांबेदार व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किसान यूनियन
किसानों की जीत
यह किसानों की जीत है। किसानों ने एक साल कड़ी सर्दी व धूप में मांगों को लेकर धरना जारी रखा। वह सरकार के दबाव के बावजूद पीछे नहीं हटे। उनकी हिम्मत की वजह से ही सरकार को झुकना पड़ा।-यशपाल चौधरी, किसान नेता व थांबेदार
संसद में रद्द करें कानून
कृषि कानूनों की वापसी किसानों की जीत है। किसान आंदोलन में किसानों के बलिदान के कारण सरकार को झुकना पड़ा। चौधरी अजित सिंह आंदोलन के दौरान किसानों के साथ खड़े रहे। सरकार को संसद में कानून रद्द करने चाहिए।-नवाब अहमद हमीद, राष्ट्रीय सचिव रालोद
किसानों की एकजुटता का परिणाम
प्रधानमंत्री द्वारा तीनों काले कानूनों की वापसी की घोषणा आंदोलनकारी किसानों की जीत है। उन्होंने एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन लंबे समय तक जारी रखा। आखिरकार सरकार को उनकी बात माननी पड़ी।-कृषिपाल राणा, चौगामा चौधरी
अभी डटे रहेंगे किसान
किसानों की एकता के कारण सरकार को कानून वापस लेने की घोषणा करनी पड़ी। यह देशभर के किसानों की जीत है, लेकिन कानून संसद में वापस नहीं होने तक सभी को ऐसे ही डटे रहना होगा।-चौधरी हिम्मत सिंह, युवा जिलाध्यक्ष भाकियू
किसान एकजुट रहें
किसानों के आंदोलन के दबाव में सरकार को तीनों कृषि कानून रद्द करने की घोषणा करने पर मजबूर होना पड़ा। इस तरह किसानों को एकजुट रहना होगा। जिससे कोई गलत फैसला नहीं ले सकें।-रवींद्र मुखिया, पूर्व उपसभापति सहकारी चीनी मिल रमाला
एकता के आगे झुकी सरकार
किसानों की एकता के सामने सरकार को झुकना पड़ा है। जब-जब किसान मजहब से ऊपर उठा है तब-तब सरकारों को झुकना पड़ा है। रालोद भी किसानों के साथ है। यदि कोई किसान को नुकसान पहुंचाएगा तो वे साथ खड़े रहेंगे।-डॉ. कुलदीप उज्ज्वल, पूर्व मंत्री व रालोद नेता
अभी संघर्ष बाकी है
यह अभी शुरूआत है। किसान संघर्ष अभी बाकी है। किसानों ने सरकार को काले कानून वापस लेने के लिए बाध्य किया। सभी किसान बधाई के पात्र हैं। उन्हें आगे भी इस तरह की एकजुट रहना होगा। रालोद भी किसानों के साथ खड़ा है।-कपिल चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष रालोद
संघर्ष और बलिदान की जीत
कृषि कानून वापसी किसानों के संघर्ष व बलिदान की जीत है। केंद्र सरकार को जल्द ही किसानों के लिए एमएसपी की गारंटी का कानून संसद में पास करना चाहिए। जिससे किसान घर लौट सकें।-सोमेंद्र ढाका, प्रदेश उपाध्यक्ष आम आदमी पार्टी
एकता का एहसास कराया
किसानों ने सरकार को अपनी एकता का एहसास कराया है। किसानों की एकता के सामने सरकार को झुकना पड़ा। किसानों के ऐतिहासिक आंदोलन के कारण कानून वापसी हुई है।-महिपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष किसान संगठन
बलिदान व्यर्थ नहीं गया
सरकार के कानून वापसी के निर्णय से किसानों में हर्ष की लहर है। लंबे संघर्ष के बाद किसानों के हित में फैसले आने से उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उत्तर कुमार, किसान हिसावदा
किसानों की बड़ी जीत
कृषि कानून वापस होना किसानों की बड़ी जीत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत करते हैं। सरकार को अब किसानों की अन्य मांग भी मान लेनी चाहिए।-वेदपाल, किसान नेता
अजित सिंह को सच्ची श्रद्धांजति
सरकार को किसानों के संघर्ष के आगे घुटने टेकने पड़े हैं। कृषि कानून वापस होना स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि है। किसान इसी तरह एकजुट रहेंगे तो कोई गलत फैसले नहीं ले सकता है।-डॉ मेराजुद्दीन अहमद, पूर्व मंत्री
किसान पीछे नहीं हटेंगे
जब तक कानून को संसद में निरस्त नहीं किया जाता तब तक किसान पीछे नहीं हटेंगे। इसके बाद ही सही मायने में कानून वापसी होगी। किसानों की अन्य मांग भी सरकार को पूरी करनी होगी।-सुभाष, चौबीसी खाप चौधरी
चुनाव के मद्देनजर लिया फैसला
सरकार ने चुनाव को देखते कृषि कानून वापस लिए हैं। सरकार को किसानों की चिंता नहीं है। इसलिए किसानों को हमेशा एकजुट रहना होगा, जिससे सरकार दोबारा इस तरह का कोई फैसला नहीं ले सके।-ताराचंद चौधरी, किसान
किसानों की मेहनत का फल
यह किसानों की मेहनत का फल है कि सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करनी पड़ी। किसानों ने जब आवाज उठाई है तो उसका असर हुआ है। एमएसपी पर भी कानून बनाया जाना चाहिए।-राजेंद्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष भाकियू
रालोद किसानों के साथ
सरकार द्वारा तीनों कृषि कानून वापस करना देश के किसानों और आंदोलन में सहयोग करने वालों की जीत है। रालोद हमेशा की तरह किसानों के साथ खड़ा रहेगा।-जयवीर सिंह तोमर, रालोद नेता
एमएसपी पर बने कानून
प्रधानमंत्री द्वारा तीनों कृषि कानून की वापसी की घोषणा देश के अन्नदाता की जीत है। एमएसपी पर कानून बनाए जाने की मांग भी पूरी होनी चाहिए, क्योंकि इसके बाद ही किसानों को असल फायदा होगा।- देवेंद्र आर्य, अधिवक्ता
एमएसपी पर गंभीर हो सरकार
सरकार को यह निर्णय काफी समय पहले लेना चाहिए था। एमएसपी पर भी कानून बनाए जाने के बारे में सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।-चौधरी ब्रजपाल सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किसान यूनियन व थांबेदार
प्रत्येक किसान की जीत
कृषि कानून के विरोध में देश के किसानों ने एक साल तक कड़ी सर्दी व धूप में धरना जारी रखा। यह देश के प्रत्येक किसान की जीत है। सरकार को एमएसपी पर कानून भी बनाना चाहिए।-यशपाल चौधरी, किसान नेता व थांबेदार
एकजुटता से ही मिली जीत
इस संघर्ष मे किसान मोर्चे के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त चौधरी अजित सिंह व रालोद प्रमुख चौधरी जयंत सिंह का प्रयास सराहनीय है। किसानों को इस तरह की एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। उनकी ऐसे ही जीत होती रहेेगी।-डॉ. अजय कुमार, पूर्व विधायक
भावनाओं का सम्मान
केंद्र सरकार ने इन कानूनों को वापस लेकर किसानों की भावनाओं का सम्मान किया है। किसानों के हित के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए।-पुष्पेंद्र चौहान, किसान किरठल
मुआवजा दे सरकार
यह देशभर के किसानों की जीत है। सरकार को आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा देना चाहिए।-अरुण तोमर बॉबी, रालोद नेता
संघर्ष समय की मांग
सरकार की नए कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा किसानों की जीत है। एमएसपी की गारंटी कानून के लिए संघर्ष जारी रखना समय की मांग है।-सतेंद्र मलिक, पूर्व प्रमुख
किसानों ने दिखाई हिम्मत
एक साल से कड़ी सर्दी व गर्मी में धरना देकर बैठे किसानों की हिम्मत के आगे सरकार को झुकना पड़ा। यह देशभर के किसानों की जीत है।-विश्वास चौधरी, रालोद नेता
किसानों का संघर्ष जारी रहेगा
किसानों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक एमएसपी पर कानून नहीं बन जाता। किसानों के साथ रालोद पहले की तरह खड़ा रहेगा।-डॉ. संजीव आर्य, महासचिव आदर्श जाट महासभा
जयंत के प्रयासों की जीत
काले कानूनों को वापस कराने के लिए किसानों ने बलिदान दिया है। इस कारण ही सरकार को झुकना पड़ा। कृषि कानून वापसी किसानों के साथ जयंत चौधरी के प्रयासों की जीत है।-राजू तोमर सिरसली, रालोद नेता
किसानों के संघर्ष की जीत
यह किसानों के संघर्ष की जीत है। उन्होंने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। किसानों का यह संघर्ष हमेशा याद किया जाएगा। सरकार को किसान के हित के फैसले लेने चाहिए।-सुभाष नैन, प्रगतिशील किसान व रालोद के जिला सचिव
किसान हित में कानून वापसी का निर्णय
भाजपा सरकार हमेशा किसान हितैषी रही है। सरकार ने किसानों के हित में कृषि कानून वापस लेने का निर्णय किया। किसान लंबे समय से बॉर्डर पर थे और वे परेशानी झेल रहे थे। इसलिए प्रधानमंत्री ने किसानों का सम्मान किया।-सतेंद्र तुगाना, प्रदेश महामंत्री भाजपा किसान मोर्चा

किसान हित में कानून वापसी
तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना राष्ट्र व देश हित में है। देश के प्रधानमंत्री के फैसले का स्वागत और सम्मान करते हैं। सरकार को किसानों के हित में फैलने लेने चाहिए।-दीपक शर्मा, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान संघ
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