{"_id":"64b835ffbcb328e994087184","slug":"after-25-years-women-in-sarora-gave-kothli-to-hindon-river-baghpat-news-c-28-1-smrt1012-3370-2023-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: सरोरा में महिलाओं ने 25 साल बाद हिंडन नदी को दी कोथली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: सरोरा में महिलाओं ने 25 साल बाद हिंडन नदी को दी कोथली
विज्ञापन
सरोरा गांव में हिंडन नदी की कोथली देने से पहले गीता गाती महिलायें
दोघट (बागपत)। हिंडन का जलस्तर बढ़ने से सरोरा गांव के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल पानी से बर्बाद हो चुकी है। बुधवार को सरोरा में महिलाओं ने हिंडन नदी की पूजा की। इसके बाद कोथली देकर शांत होने की प्रार्थना की।
जलस्तर बढ़ने से हिंडन किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जलभराव होने से सरोरा, तवेलागढ़ी, पट्टी बंजारन, झूंडपुर, मिलाना गांव के खेतों में पानी भर गया है। बुधवार को सरोरा गांव की महिलाओं ने हिंडन नदी की आरती कर सावन की कोथली दी। महिलाओं का कहना था कि गांव में नदी की कोथली देने की परंपरा उनके पूर्वजों ने शुरू की थी। मान्यता है कि कोथली देने से नदी का जल स्तर घट जाता है। इससे पहले वर्ष 1978, 1998 में नदी को कोथली दी गई। जिसके बाद नदी का जल स्तर घट गया था। इस मौके पर मुकेश, संतोष, मीना, पूनम, इमला, संगीता, मनीषा, रिंकल, केला, निशा, मोहनी, हिमांशी मौजूद रही।
जहरीले जीवों से ग्रामीणों में दहशत
सरोरा के ग्रामीणों ने बताया कि हिंडन का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई। जहरीले जीव गांव में घुस रहे हैं। सांप के काटने से चंद्रपाल के बछड़े की मौत हो गई।
विज्ञापन
आर्थिक सहायता की मांग
बागपत। रोशनगढ़ के नौशाद ने बताया कि 11 जुलाई को बारिश में उसका मकान गिर गया था। हादसे में उसके अलावा उसकी पत्नी और दो बच्चे घायल हो गए थे। उसने डीएम से पत्नी और बच्चों का इलाज कराने और मकान बनवाने के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है।
विज्ञापन
जलस्तर बढ़ने से हिंडन किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जलभराव होने से सरोरा, तवेलागढ़ी, पट्टी बंजारन, झूंडपुर, मिलाना गांव के खेतों में पानी भर गया है। बुधवार को सरोरा गांव की महिलाओं ने हिंडन नदी की आरती कर सावन की कोथली दी। महिलाओं का कहना था कि गांव में नदी की कोथली देने की परंपरा उनके पूर्वजों ने शुरू की थी। मान्यता है कि कोथली देने से नदी का जल स्तर घट जाता है। इससे पहले वर्ष 1978, 1998 में नदी को कोथली दी गई। जिसके बाद नदी का जल स्तर घट गया था। इस मौके पर मुकेश, संतोष, मीना, पूनम, इमला, संगीता, मनीषा, रिंकल, केला, निशा, मोहनी, हिमांशी मौजूद रही।
विज्ञापन
जहरीले जीवों से ग्रामीणों में दहशत
सरोरा के ग्रामीणों ने बताया कि हिंडन का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई। जहरीले जीव गांव में घुस रहे हैं। सांप के काटने से चंद्रपाल के बछड़े की मौत हो गई।
विज्ञापन
आर्थिक सहायता की मांग
बागपत। रोशनगढ़ के नौशाद ने बताया कि 11 जुलाई को बारिश में उसका मकान गिर गया था। हादसे में उसके अलावा उसकी पत्नी और दो बच्चे घायल हो गए थे। उसने डीएम से पत्नी और बच्चों का इलाज कराने और मकान बनवाने के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है।