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Baghpat News: मेले से खरीदी सीटी छह साल के बच्चे के गले में फंसी, हालत गंभीर

Thu, 24 Sep 2026 01:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2026 01:48 AM IST
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A six-year-old boy's condition is critical after his whistle, bought at a fair, gets stuck in his throat.
रमाला। बूढ़पुर गांव में लगे मेले से खरीदी गई सीटी को खेलते समय फतेहपुर चक निवासी छह साल का आयुष निगल गया, जो उसके गले में फंस गई। पहले सांस लेने में परेशानी होने और फिर हालत बिगड़ने पर परिजनों को गले में सीटी फंसने का पता चला। उन्होंने आयुष का बड़ौत सीएचसी में उपचार कराया, जहां एक्सरे में सीटी गले में फंसी मिली। चिकित्सकों ने सीटी निकालने का प्रयास किया, नहीं निकलने पर जीटीबी अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया।
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फतेहपुर चक गांव निवासी रविंद्र मंगलवार को अपने बेटे आयुष को बूढ़पुर गांव में आयोजित मेले में घुमाने लेकर गए थे। बताया कि बच्चे ने वहां से कई खिलौने खरीदे, जिसमें एक प्लास्टिक की सीटी भी खरीदी गई। बुधवार को आयुष सीटी बजाकर घर में खेल रहा था, तभी सीटी उसके मुंह में चली गई और आयुष उसे निगल गया। इससे उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी और वह रोने लगा।
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आवाज सुनकर आए परिजनों को पहले कुछ पता नहीं चला, लेकिन बाद में आयुष ने खुद ही सीटी गले में फंसने के बारे में बताया। परिवार वालों ने गले में फंसी सीटी निकालने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। बच्चे के गले में सीटी फंसने का पता चलने पर वहां लोगों की भीड़ लग गई और उसे लेकर बड़ौत सीएचसी पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने एक्सरे कराया तो सीटी काफी नीचे तक फंसी मिली और काफी प्रयास के बाद भी निकाली नहीं जा सकी। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को जीटीबी अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया। देर रात तक सीटी नहीं निकाली जा सकी थी।
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-बोलते ही बज रही सीटी, ऑपरेशन से निकाली जाएगी
रविंद्र ने बताया कि उसके बेटे आयुष की हालत ठीक नहीं है, जो बोलने का प्रयास करता है तो अंदर से सीटी की आवाज आ रही है। गले में नीचे तक सीटी फंसी होने के कारण चिकित्सकों ने ऑपरेशन से निकालने की बात कही है। बृहस्पतिवार को आयुष का ऑपरेशन कराया जाएगा।



वर्जन-
छोटे बच्चों के साथ अलग-अलग घटनाएं सामने आ रही हैं। घर में रहते हुए भी छोटे बच्चों पर नजर रखनी चाहिए और उन्हें खेलने के लिए वही खिलौना दिया जाए, जिससे उन्हें नुकसान न हो। ऐसे मामलों में अभिभावकों को बच्चों को लेकर सावधान रहना चाहिए। -डॉ. विभाष राजपूत, अधीक्षक सीएचसी बागपत
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