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चाइनीज सामान नहीं खरीदने का संकल्प दिलाया
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 26 Oct 2016 12:52 AM IST
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बागपत के सेंट एंजेल्स स्कूल में चाइनीज सामान न खरीदने की शपथ लेते बच्चे।
- फोटो : amar ujala
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बागपत। चीन में निर्मित सामान के बहिष्कार पर मंगलवार को सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल में छात्रों को संकल्प दिलवाया। राष्ट्रीय लोक कल्याण सेवा ट्रस्ट ने सामान को पूरी प्रतिबंध लगाने के लिए छात्रों को जागरूक किया।
सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल में मंगलवार को राष्ट्रीय लोक कल्याण सेवा ट्रस्ट ने चाइनीज सामान की खरीददारी न करने के लिए छात्रों जागरूक कर संकल्प दिलाया। इसमें स्कूल प्रबंधक अजय गोयल ने कहा पाकिस्तान भारत को सबसे बड़ा दुश्मन है और आतंकवाद का जन्मदाता है। इसलिए चीन के सामान पर खरीददारी नहीं करनी चाहिए। ट्रस्ट के संरक्षक प्रवेंद्र आर्य ने कहा जिस प्रकार जापान लोगों ने कैलिफोर्निया के संतरों का बहिष्कार कर दिया था, उसी प्रकार चीन में निर्मित सामान का भी बहिष्कार करना चाहिए। इस दौरान संजय नायक, प्रदीप सिंह, बबलेश, अजय राणा, जेके जैन, मीनाक्षी, ज्योति मौजूद रही।
चाइनीज झालरों के आगे दीपक का प्रकाश गुम
बड़ौत(ब्यूरो)। चाइनीज झालरों की चमक ने परंपरा पर तो कुठाराघात किया ही है साथ ही कुंभकारों की रोजी रोट पर ग्रहण लगाने का काम भी किया है। चाइनीज झालरों की ललक ने मिट्टी से बने दीपकों की रोशनी और कुंभकारों परिवारों की रोजी छीनने का काम किया है। इस बार लोगों मेें चाइनीज झालरों से परहेज करने का जो जज्बा नजर आ रहा है, उससे मिट्टी के दीपक बनाने वाले परिवारों मेें अबकी दीपावली तंगहाली में न बीतने की उम्मीद जागी है।
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क्षेत्र के बड़ौत, गुराना, वाजिदपुर, हिलवाड़ी, लुहारी, जौनमाना, ढिकाना, बड़ौली, बिजरौल, बामनौली, दोघट, बावली, रमाला, छपरौली आदि के हजारों परिवार के लोग इस व्यवसाय से जुडे़ हैं। त्योहार की कमाई से ही परिवार चलते हैं, लेकिन चाइनीज झालर आने पर दीपक चलन से बाहर हो गया है। इस संबंध में बड़ौत के रमेश ने कहा दीपावली पर सबसे अधिक मिट्टी के दीपक की ब्रिकी होती थी, लेकिन चाइनीज झालर आने से लोग पांच-छह दीपक मात्र शगुन के लिए खरीद लेते हैं। व्यवसाय पर साठ प्रतिशत का असर पड़ा है।
राज कुमार, नरेश, अंकित, जयप्रकाश, सहेंद्र, अनिल आदि ने कहा वर्षों से चाइनीज झालर पुश्तैनी धंधे पर ग्रहण बनी हे। गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां पर प्लास्टर ऑफ पेरिस की फैक्ट्री निर्मित मूर्तियां का कब्जा हो गया है। पुश्तैनी व्यवसाय पर झटका लगा है, लेकिन इस बार चाइनीज सामान के बहिष्कार की चर्चा से दीपक ज्यादा बनाएं हैं।
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सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल में मंगलवार को राष्ट्रीय लोक कल्याण सेवा ट्रस्ट ने चाइनीज सामान की खरीददारी न करने के लिए छात्रों जागरूक कर संकल्प दिलाया। इसमें स्कूल प्रबंधक अजय गोयल ने कहा पाकिस्तान भारत को सबसे बड़ा दुश्मन है और आतंकवाद का जन्मदाता है। इसलिए चीन के सामान पर खरीददारी नहीं करनी चाहिए। ट्रस्ट के संरक्षक प्रवेंद्र आर्य ने कहा जिस प्रकार जापान लोगों ने कैलिफोर्निया के संतरों का बहिष्कार कर दिया था, उसी प्रकार चीन में निर्मित सामान का भी बहिष्कार करना चाहिए। इस दौरान संजय नायक, प्रदीप सिंह, बबलेश, अजय राणा, जेके जैन, मीनाक्षी, ज्योति मौजूद रही।
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चाइनीज झालरों के आगे दीपक का प्रकाश गुम
बड़ौत(ब्यूरो)। चाइनीज झालरों की चमक ने परंपरा पर तो कुठाराघात किया ही है साथ ही कुंभकारों की रोजी रोट पर ग्रहण लगाने का काम भी किया है। चाइनीज झालरों की ललक ने मिट्टी से बने दीपकों की रोशनी और कुंभकारों परिवारों की रोजी छीनने का काम किया है। इस बार लोगों मेें चाइनीज झालरों से परहेज करने का जो जज्बा नजर आ रहा है, उससे मिट्टी के दीपक बनाने वाले परिवारों मेें अबकी दीपावली तंगहाली में न बीतने की उम्मीद जागी है।
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क्षेत्र के बड़ौत, गुराना, वाजिदपुर, हिलवाड़ी, लुहारी, जौनमाना, ढिकाना, बड़ौली, बिजरौल, बामनौली, दोघट, बावली, रमाला, छपरौली आदि के हजारों परिवार के लोग इस व्यवसाय से जुडे़ हैं। त्योहार की कमाई से ही परिवार चलते हैं, लेकिन चाइनीज झालर आने पर दीपक चलन से बाहर हो गया है। इस संबंध में बड़ौत के रमेश ने कहा दीपावली पर सबसे अधिक मिट्टी के दीपक की ब्रिकी होती थी, लेकिन चाइनीज झालर आने से लोग पांच-छह दीपक मात्र शगुन के लिए खरीद लेते हैं। व्यवसाय पर साठ प्रतिशत का असर पड़ा है।
राज कुमार, नरेश, अंकित, जयप्रकाश, सहेंद्र, अनिल आदि ने कहा वर्षों से चाइनीज झालर पुश्तैनी धंधे पर ग्रहण बनी हे। गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां पर प्लास्टर ऑफ पेरिस की फैक्ट्री निर्मित मूर्तियां का कब्जा हो गया है। पुश्तैनी व्यवसाय पर झटका लगा है, लेकिन इस बार चाइनीज सामान के बहिष्कार की चर्चा से दीपक ज्यादा बनाएं हैं।