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सिपाही पर जानलेवा हमले में अभियुक्त पर दोष सिद्ध
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सिपाही पर जानलेवा हमले में अभियुक्त पर दोष सिद्ध
बागपत। दोघट थाना क्षेत्र के बरनावा मार्ग पर नौ साल पहले सिपाही पर जानलेवा हमले के मामले में अभियुक्त पर दोष सिद्ध किया गया । एडीजे स्पेशल एससी/एसटी आबिद शमीम ने प्रकरण में सुनवाई की। सजा के लिए सुनवाई 22 जनवरी को होगी।
एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि 31 दिसंबर 2011 की रात आठ बजे दोघट के एसआई अंगन सिंह एचसीपी वीरेंद्र सिंह, कांस्टेबल धीरज और हरिशंकर के साथ गश्त कर रहे थे। दाहा-बरनावा रोड पर चेकिंग करते हुए पलड़ी की ओर से एक बाइक पर सवार होकर तीन युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने बाइक सवार हिस्ट्रीशीटर मुलसम गांव निवासी राजीव को पहचान लिया और रुकने का इशारा किया। राजीव ने पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली सिपाही धीरज की जांघ को चीरती हुई निकल गई। हमलावर पुलिस के सामने ही फरार हो गए थे। पुलिस ने घायल सिपाही को बड़ौत सीएचसी में भर्ती कराया। अगले दिन दोघट में हुई मुठभेड़ में राजीव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। एसआई अंगन सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी से 32 बोर का पिस्टल बरामद हुआ था। पुलिस ने धारा 307 में आरोप अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमें का ट्रायल एडीजे स्पेशल एससी/एसटी आबिद शमीम की अदालत में हुआ। एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने छह गवाह पेश किए। सोमवार को अभियुक्त पर अदालत ने दोष सिद्ध किया। सजा के प्रश्न पर 22 जनवरी को सुनवाई होगी।
इनसेट
गाजियाबाद जेल में बंद, अभियुक्त पर 18 मुकदमें
बागपत। अभियुक्त राजीव गाजियाबाद जेल में बंद है। पुलिस ने उसे अदालत में हाजिर किया। अभियुक्त पर दिल्ली, मेरठ, शामली, कांधला, ओखला, बसंत कुंज और दोघट थाने में हत्या, लूट समेत अन्य धाराओं के 18 मुकदमें दर्ज हैं। अभियुक्त दोघट थाने का हिस्ट्रीशीटर रहा है।
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बागपत। दोघट थाना क्षेत्र के बरनावा मार्ग पर नौ साल पहले सिपाही पर जानलेवा हमले के मामले में अभियुक्त पर दोष सिद्ध किया गया । एडीजे स्पेशल एससी/एसटी आबिद शमीम ने प्रकरण में सुनवाई की। सजा के लिए सुनवाई 22 जनवरी को होगी।
एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि 31 दिसंबर 2011 की रात आठ बजे दोघट के एसआई अंगन सिंह एचसीपी वीरेंद्र सिंह, कांस्टेबल धीरज और हरिशंकर के साथ गश्त कर रहे थे। दाहा-बरनावा रोड पर चेकिंग करते हुए पलड़ी की ओर से एक बाइक पर सवार होकर तीन युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने बाइक सवार हिस्ट्रीशीटर मुलसम गांव निवासी राजीव को पहचान लिया और रुकने का इशारा किया। राजीव ने पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली सिपाही धीरज की जांघ को चीरती हुई निकल गई। हमलावर पुलिस के सामने ही फरार हो गए थे। पुलिस ने घायल सिपाही को बड़ौत सीएचसी में भर्ती कराया। अगले दिन दोघट में हुई मुठभेड़ में राजीव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। एसआई अंगन सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी से 32 बोर का पिस्टल बरामद हुआ था। पुलिस ने धारा 307 में आरोप अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमें का ट्रायल एडीजे स्पेशल एससी/एसटी आबिद शमीम की अदालत में हुआ। एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने छह गवाह पेश किए। सोमवार को अभियुक्त पर अदालत ने दोष सिद्ध किया। सजा के प्रश्न पर 22 जनवरी को सुनवाई होगी।
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गाजियाबाद जेल में बंद, अभियुक्त पर 18 मुकदमें
बागपत। अभियुक्त राजीव गाजियाबाद जेल में बंद है। पुलिस ने उसे अदालत में हाजिर किया। अभियुक्त पर दिल्ली, मेरठ, शामली, कांधला, ओखला, बसंत कुंज और दोघट थाने में हत्या, लूट समेत अन्य धाराओं के 18 मुकदमें दर्ज हैं। अभियुक्त दोघट थाने का हिस्ट्रीशीटर रहा है।
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