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आस्था पूनिया: दादी ने चूमा माथा तो दादा ने किया दुलार, बोले हमारी बेटी फाइटर पायलट, छुड़ाएगी दुश्मनों के छक्के
Tue, 15 Jul 2025 11:15 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 15 Jul 2025 11:15 PM IST
सार
Baghpat News: बागपत के हिसावदा गांव की मूल निवासी आस्था पूनिया देश की पहली नेवी महिला फाइटर पायलट बनी हैं। मंगलवार को आस्था गांव पहुंचीं तो यहां उन पर फूलों की बरसात की गई। दादा का सीना गर्व से फूल गया।
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हिसावदा में आस्था का माथा चूमती दादी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश की पहली नेवी महिला फाइटर पायलट बनी आस्था पूनिया का दादी रामबीरी ने देखकर माथा चूम लिया तो दादा बुद्ध सिंह ने सिर पर हाथ रखकर दुलार किया। दोनों बोले कि हमारी बेटी अब दुश्मनों के छक्के छुड़ाएगी। वहीं हिसावदा के लोगों ने कहा कि आस्था ने गांव का नाम देशभर में रोशन कर दिया। हमारी बेटी हीरा निकली है।
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पोती को आशीर्वाद देते दादा।
- फोटो : अमर उजाला
आस्था पूनिया के दादा बुद्ध सिंह ने कहा कि अब दुश्मनों की खैर नहीं है। हमारी बेटी पहली फाइटर पायलट बनी है। अब सीधा दुश्मनों की छाती पर वार होगा। बेटी को देश सुरक्षा करते देखकर हमारा सीना गर्व से चौड़ा होगा।
गांव के बुजुर्ग मास्टर जयप्रकाश पूनिया ने कहा कि हमारी बेटियां किसी से कम नहीं है। अगर कभी कोई बात हो गई तो खुद ही मामले को निपटाकर आएंगी। देश का सम्मान कभी कम नहीं होने देंगी। खुशी हो रही है कि गांव में ऐसा हीरा पैदा हुआ है।
गांव के बुजुर्ग मास्टर जयप्रकाश पूनिया ने कहा कि हमारी बेटियां किसी से कम नहीं है। अगर कभी कोई बात हो गई तो खुद ही मामले को निपटाकर आएंगी। देश का सम्मान कभी कम नहीं होने देंगी। खुशी हो रही है कि गांव में ऐसा हीरा पैदा हुआ है।
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पूरे गांव में हुआ आस्था का स्वागत।
- फोटो : अमर उजाला
आस्था के मामा अंशुल चौधरी ने कहा कि जो उसका मामा न कर सका, वह भांजी ने कर दिखाया। मैंने भी देश सेवा में जाने के लिए कड़ी मेहनत की लेकिन अफसोस नहीं जा पाया। मेरी भांजी आस्था ने वह सपना पूरा कर दिया। अपने जुनून से दुनिया से हटकर खुद को साबित किया है जो हमारे लिए गौरव का पल है।
मामी ज्योति सिंह ने बताया कि आस्था के सपनों की उड़ान इतनी है, जिसके बारे में सोचना भी मुश्किल है। अपने लक्ष्य पर निशाना साधे रखा। उसकी पर्सनेलिटी उसके पद के अनुरूप है जो दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए काफी है।
मामी ज्योति सिंह ने बताया कि आस्था के सपनों की उड़ान इतनी है, जिसके बारे में सोचना भी मुश्किल है। अपने लक्ष्य पर निशाना साधे रखा। उसकी पर्सनेलिटी उसके पद के अनुरूप है जो दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए काफी है।
आस्था का सम्मान तिलक लगाकर किया।
- फोटो : अमर उजाला
दादी ने उतारी आस्था की नजर
दादी रामबीरी ने आस्था को देखते ही गले से लगा लिया और उसका माथा चूमने लगी। वह काफी देर तक उसे गले लगाए रही। दादी ने पोती की नजर भी उतारी और कहा कि जिंदगी में आस्था को किसी की नजर नहीं लगेगी। वह आगे बढ़ती रहेगी। वहां मौजूद अन्य महिलाओं ने आस्था की आरती उतारी। वहां कोई भी पहुंचता तो आस्था के इतिहास रचने पर गौरवान्वित महसूस करता था।
दादी रामबीरी ने आस्था को देखते ही गले से लगा लिया और उसका माथा चूमने लगी। वह काफी देर तक उसे गले लगाए रही। दादी ने पोती की नजर भी उतारी और कहा कि जिंदगी में आस्था को किसी की नजर नहीं लगेगी। वह आगे बढ़ती रहेगी। वहां मौजूद अन्य महिलाओं ने आस्था की आरती उतारी। वहां कोई भी पहुंचता तो आस्था के इतिहास रचने पर गौरवान्वित महसूस करता था।
मंदिर में पूजा करती आस्था।
- फोटो : अमर उजाला
बेटियों को देने लगे आगे बढ़ने की प्रेरणा
आस्था पूनिया के इतिहास रचने से गांव की बेटियों व बेटों में देश सेवा का जज्बा पैदा हुआ है। अब हर कोई अपने बच्चों को देश सेवा के लिए प्रेरित कर रहा है। युवा मोनू पूनिया का कहना है कि आस्था के जज्बे को देखकर बाकी युवा भी अब देश सेवा के लिए पढ़कर आगे बढ़ने की बात कहते हैं।
युवा अजय का कहना है कि यह गांव के लिए यह गौरव का पल है। गांव को जितना सम्मान अब मिला है, उतना शायद कभी नहीं मिला। सभी बच्चों को देश सेवा के लिए प्ररित कर रहे हैं। मोहित यादव का कहना है कि गांव के काफी युवा देश सेवा के लिए सेना में जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनकी गांव की तरफ से हर संभव मदद की जाएगी।
आस्था पूनिया के इतिहास रचने से गांव की बेटियों व बेटों में देश सेवा का जज्बा पैदा हुआ है। अब हर कोई अपने बच्चों को देश सेवा के लिए प्रेरित कर रहा है। युवा मोनू पूनिया का कहना है कि आस्था के जज्बे को देखकर बाकी युवा भी अब देश सेवा के लिए पढ़कर आगे बढ़ने की बात कहते हैं।
युवा अजय का कहना है कि यह गांव के लिए यह गौरव का पल है। गांव को जितना सम्मान अब मिला है, उतना शायद कभी नहीं मिला। सभी बच्चों को देश सेवा के लिए प्ररित कर रहे हैं। मोहित यादव का कहना है कि गांव के काफी युवा देश सेवा के लिए सेना में जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनकी गांव की तरफ से हर संभव मदद की जाएगी।
आस्था के सम्मान में बरसे फूल, बुजुर्गों से मिला दुलार, महिलाओं ने आरती उतारी
नौसेना में देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनी आस्था पूनिया मंगलवार को अपने पैतृक गांव हिसावदा में परिवार के साथ पहुंची तो हर कदम पर उनका सम्मान हुआ। छतों से फूल बरसाए गए तो महिलाओं ने कई जगह आरती उतारी और बुजुर्गों ने बेटी का दुलार किया।
हिसावदा गांव की रहने वाली आस्था पूनिया नौसेना में फाइटर पायलट बनने के बाद पहली बार मंगलवार को अपने पैतृक गांव पहुंचीं। आस्था को पिता अरुण पूनिया और माता संयोगिता के साथ ग्रामीण ढोल बजाते हुए गांव के माता स्थल पर ले गए। वहां पूजा करके उनको प्राचीन शिव मंदिर लेकर जाने लगे तो रास्ते में आस्था व परिवार वालों पर पुष्पवर्षा होती रही। मंदिर में आस्था ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। मंदिर प्रांगण में जय भारत परिवार के सदस्यों सहदेव, अनुज व अशोक ने आशीर्वाद देते हुए महाराजा सूरजमल की प्रतिमा भेंट की। वहां से लौटते हुए महिलाओं ने फूल माला और नेक के रूप में रुपयों की माला पहनाकर आस्था का स्वागत किया।
नौसेना में देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनी आस्था पूनिया मंगलवार को अपने पैतृक गांव हिसावदा में परिवार के साथ पहुंची तो हर कदम पर उनका सम्मान हुआ। छतों से फूल बरसाए गए तो महिलाओं ने कई जगह आरती उतारी और बुजुर्गों ने बेटी का दुलार किया।
हिसावदा गांव की रहने वाली आस्था पूनिया नौसेना में फाइटर पायलट बनने के बाद पहली बार मंगलवार को अपने पैतृक गांव पहुंचीं। आस्था को पिता अरुण पूनिया और माता संयोगिता के साथ ग्रामीण ढोल बजाते हुए गांव के माता स्थल पर ले गए। वहां पूजा करके उनको प्राचीन शिव मंदिर लेकर जाने लगे तो रास्ते में आस्था व परिवार वालों पर पुष्पवर्षा होती रही। मंदिर में आस्था ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। मंदिर प्रांगण में जय भारत परिवार के सदस्यों सहदेव, अनुज व अशोक ने आशीर्वाद देते हुए महाराजा सूरजमल की प्रतिमा भेंट की। वहां से लौटते हुए महिलाओं ने फूल माला और नेक के रूप में रुपयों की माला पहनाकर आस्था का स्वागत किया।
आस्था ने भी विनम्रता से सिर झुकाकर सभी का आशीर्वाद लिया। आस्था को घर पहुंचकर सांसद डॉ. राजकुमार संगवान और विधायक योगेश धामा ने आशीर्वाद दिया। आस्था ने इतना सम्मान मिलने पर कहा कि यह मेरे लिए गौरव का पल है। यह सम्मान शिक्षा व मेहनत के सहारे मिल सकता है, इसलिए हर बेटी को आगे बढ़कर कुछ अलग करना चाहिए। इस दौरान ओमपाल, राजपाल, ब्रह्मसिंह, अमरदीप मलिक, सतपाल मलिक, सहदेव, अजय पूनिया, अशोक, कपिल, संजय व गौरव आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
आलू के पराठे से नाश्ता किया, खाने में पनीर, दाल व नान खाए
आलू के पराठे से नाश्ता किया, खाने में पनीर, दाल व नान खाए
आस्था पूनिया का हिसावदा गांव में शाम चार बजे पहुंचने का कार्यक्रम था और यही समय गांव के लोगों को बताया गया था। आस्था ने परिवार वालों के साथ कुछ समय बिताने की इच्छा जताई तो वह परिवार के साथ सुबह ही गांव में पहुंच गईं। वहां आस्था ने अपने पसंदीदा आलू के पराठे और दही का नाश्ता किया। इसके बाद दोपहर में पनीर, दाल और नान खाए। आस्था ने बताया कि उनकी पसंदीदा सब्जी भिंडी व पराठे हैं और पास्ता भी खूब खाती हैं। लौकी और तोराई की सब्जी आस्था को पसंद नहीं है, इसलिए उनके घर आने पर ये दोनों सब्जियां नहीं बनती हैं।