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Baghpat News: कंबोडिया में नौकरी के लिए गए युवक को बंधक बनाकर ठगी कराई
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कंबोडिया में फंसे धनोरा सिल्वरनगर के विकास राणा । स्रोत परिजन
- फोटो : ramnagar news
- धनौरा सिल्वरनगर का विकास राणा 17 जुलाई को कंबोडिया में नौकरी करने की बात कहकर घर से गया था
- विकास ने किसी तरह घर फोन करके पासपोर्ट छीनकर बंधक बनाने व यातनाएं देने की बात बताई
- परिवार वालों ने एसपी के पास की शिकायत तो पुलिस ने शासन के माध्यम से एंबेसी में पत्र भेजकर मुक्त कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली (बागपत)। कंबोडिया में नौकरी के लिए युवकों को बुलाकर बंधक बनाकर अपने ही देश के लोगों से ठगी कराने में लगा दिया जाता है। यहां इस तरह का एक मामला आया है। धनौरा सिल्वरनगर से 17 जुलाई को नौकरी के लिए कंबोडिया गए विकास राणा का पासपोर्ट छीनकर बंधक बना लिया गया। उनको ऑनलाइन ठगी करने में लगा दिया गया। उन्होंने किसी तरह फोन करके घर बताया तो परिजनों ने एसपी से शिकायत की। पुलिस ने शासन के माध्यम से एंबेसी में पत्र भेजकर संजीव को मुक्त कराया, जो जल्द डिपोर्ट किए जाएंगे।
विकास राणा की पत्नी डोली ने बताया उसके पति गांव में खेती करते थे। उनके परिवार का युवक अमित कई बार विदेश में नौकरी करने जा चुका है। उसने उसके पति विकास की विदेश में नौकरी लगवाने की बात कहकर पासपोर्ट बनवाया। वह दोनों 17 जुलाई को घर से थाईलैंड में नौकरी करने जाने की बात कहकर गए थे। दस दिन बाद उसके पति ने फोन करके उसे बताया कि उनको कंपनी ने नौकरी के लिए कंबोडिया भेजा है और अमित को किसी दूसरी जगह भेजा गया है।
डोली ने बताया कि 14 अक्तूबर को उसके पति का फोन आया और पति ने बताया कि यहां उनका पासपोर्ट छीन लिया गया। उनको बंधक बनाकर यातनाएं दी जा रहीं हैं। वह अपने घर वापस आना चाहते हैं मगर उनको आने नहीं दिया जा रहा। विकास की पत्नी डोली ने एसपी सूरज कुमार राय को इस बारे में बताया तो एसपी ने 15 अक्तूबर को साइबर क्राइम मुख्यालय लखनऊ को पत्र भेजकर पूरे मामले के बारे में बताया।
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वहां से इंडियन साइबर क्राइम कमांड सेंटर में पत्र भेजा गया तो इसमें आगे की कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्रालय को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया। विदेश मंत्रालय ने कंबोडिया में भारतीय दूतावास से संपर्क किया और स्थानीय प्रशासन से बात करके विकास राणा को मुक्त कराया गया। उनको मुक्त कराने की सूचना भी एसपी को दी गई है और उनको अब जल्द ही डिपोर्ट कराया जाएगा।
- अलग-अलग देश के युवकों को बुलाकर कराते हैं ठगी
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि विकास राणा के वहां बंधक बनाए जाने का पता चलने पर पूरी छानबीन कराई गई। पता चला कि वहां विकास ही नहीं बल्कि अन्य कई देशों के युवकों को इस तरह नौकरी करने के लिए बुलाया गया और उनका घूमने के लिए बनने वाला वीजा भी कार्य करने के लिए बदलवा दिया जाता है। इसके बाद जिस देश का युवक होता है, उससे उसी देश के लोगों से बात कराकर ऑनलाइन ठगी कराई जाती है।
- अमित का नहीं लग सका पता
अपने परिवार के जिस अमित के साथ विकास नौकरी के लिए गए थे, उस अमित का अभी तक कुछ पता नहीं लग सका है। अमित के परिजनों से विकास की पत्नी डोली ने बातचीत की तो उन्होंने कहा कि अमित से उनकी कोई बात नहीं हो रही है। यह भी शक जताया जा रहा है कि अमित के साथ भी कोई अनहोनी हो सकती है। इसलिए उसकी भी छानबीन शुरू कर दी गई है।
- ऐसा पता होता तो नहीं जाने देता विदेश
विकास राणा के बड़े भाई तेजवीर सिंह दिल्ली में बस चालक हैं। वह कहते हैं कि उनको नहीं पता था कि उनका भाई विदेश में नौकरी करने जा रहा है। यदि उनको इस बारे में जानकारी होती तो वह उसको नहीं जाने देते। उन्होंने पुलिस अधिकारियों व सरकार से भाई को सकुशल जल्द घर वापस लाने की मांग की है।
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- विकास ने किसी तरह घर फोन करके पासपोर्ट छीनकर बंधक बनाने व यातनाएं देने की बात बताई
- परिवार वालों ने एसपी के पास की शिकायत तो पुलिस ने शासन के माध्यम से एंबेसी में पत्र भेजकर मुक्त कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली (बागपत)। कंबोडिया में नौकरी के लिए युवकों को बुलाकर बंधक बनाकर अपने ही देश के लोगों से ठगी कराने में लगा दिया जाता है। यहां इस तरह का एक मामला आया है। धनौरा सिल्वरनगर से 17 जुलाई को नौकरी के लिए कंबोडिया गए विकास राणा का पासपोर्ट छीनकर बंधक बना लिया गया। उनको ऑनलाइन ठगी करने में लगा दिया गया। उन्होंने किसी तरह फोन करके घर बताया तो परिजनों ने एसपी से शिकायत की। पुलिस ने शासन के माध्यम से एंबेसी में पत्र भेजकर संजीव को मुक्त कराया, जो जल्द डिपोर्ट किए जाएंगे।
विकास राणा की पत्नी डोली ने बताया उसके पति गांव में खेती करते थे। उनके परिवार का युवक अमित कई बार विदेश में नौकरी करने जा चुका है। उसने उसके पति विकास की विदेश में नौकरी लगवाने की बात कहकर पासपोर्ट बनवाया। वह दोनों 17 जुलाई को घर से थाईलैंड में नौकरी करने जाने की बात कहकर गए थे। दस दिन बाद उसके पति ने फोन करके उसे बताया कि उनको कंपनी ने नौकरी के लिए कंबोडिया भेजा है और अमित को किसी दूसरी जगह भेजा गया है।
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डोली ने बताया कि 14 अक्तूबर को उसके पति का फोन आया और पति ने बताया कि यहां उनका पासपोर्ट छीन लिया गया। उनको बंधक बनाकर यातनाएं दी जा रहीं हैं। वह अपने घर वापस आना चाहते हैं मगर उनको आने नहीं दिया जा रहा। विकास की पत्नी डोली ने एसपी सूरज कुमार राय को इस बारे में बताया तो एसपी ने 15 अक्तूबर को साइबर क्राइम मुख्यालय लखनऊ को पत्र भेजकर पूरे मामले के बारे में बताया।
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वहां से इंडियन साइबर क्राइम कमांड सेंटर में पत्र भेजा गया तो इसमें आगे की कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्रालय को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया। विदेश मंत्रालय ने कंबोडिया में भारतीय दूतावास से संपर्क किया और स्थानीय प्रशासन से बात करके विकास राणा को मुक्त कराया गया। उनको मुक्त कराने की सूचना भी एसपी को दी गई है और उनको अब जल्द ही डिपोर्ट कराया जाएगा।
- अलग-अलग देश के युवकों को बुलाकर कराते हैं ठगी
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि विकास राणा के वहां बंधक बनाए जाने का पता चलने पर पूरी छानबीन कराई गई। पता चला कि वहां विकास ही नहीं बल्कि अन्य कई देशों के युवकों को इस तरह नौकरी करने के लिए बुलाया गया और उनका घूमने के लिए बनने वाला वीजा भी कार्य करने के लिए बदलवा दिया जाता है। इसके बाद जिस देश का युवक होता है, उससे उसी देश के लोगों से बात कराकर ऑनलाइन ठगी कराई जाती है।
- अमित का नहीं लग सका पता
अपने परिवार के जिस अमित के साथ विकास नौकरी के लिए गए थे, उस अमित का अभी तक कुछ पता नहीं लग सका है। अमित के परिजनों से विकास की पत्नी डोली ने बातचीत की तो उन्होंने कहा कि अमित से उनकी कोई बात नहीं हो रही है। यह भी शक जताया जा रहा है कि अमित के साथ भी कोई अनहोनी हो सकती है। इसलिए उसकी भी छानबीन शुरू कर दी गई है।
- ऐसा पता होता तो नहीं जाने देता विदेश
विकास राणा के बड़े भाई तेजवीर सिंह दिल्ली में बस चालक हैं। वह कहते हैं कि उनको नहीं पता था कि उनका भाई विदेश में नौकरी करने जा रहा है। यदि उनको इस बारे में जानकारी होती तो वह उसको नहीं जाने देते। उन्होंने पुलिस अधिकारियों व सरकार से भाई को सकुशल जल्द घर वापस लाने की मांग की है।