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Baghpat News: मकान का लिंटर गिरने से दबकर डेयरी संचालक के बेटे की मौत, दूसरा घायल

Sun, 11 Jan 2026 12:25 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:25 AM IST
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A dairy owner's son died and another person was injured after the roof of their house collapsed.
बड़ौत(बागपत)। नगर में मोहल्ला पठानकोट में शनिवार शाम को निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरने से डेयरी संचालक इशाक के बेटे वसीम (22) की मलबे में दबकर मौत हो गई। दूसरा बेटा इमरान भी घायल हो गया, जिसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। मलबे में आठ पशु भी दब गए तो इनमें से सात को निकाल लिया गया और एक की मौत हो गई।
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मोहल्ला पठानकोट में रहने वाले डेयरी संचालक इशाक के मकान के करीब डेढ़ सौ वर्ग मीटर के हिस्से का निर्माण चल रहा है। शनिवार दोपहर को लिंटर डाला गया था। लिंटर डालने का काम पूरा होने पर उसके नीचे ही पशुओं को बांध दिया गया। वहां शाम को इशाक का छोटा बेटा वसीम भैंस का दूध निकाल रहा था, तभी भैंस की टक्कर से बल्ली गिर गई और तख्ते निकलकर गिरने लगे। वसीम वहां से निकलकर भागता, तब तक भरभराकर लिंटर गिर गया।
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लिंटर के नीचे ही बाहरी तरफ वसीम का भाई इमरान भी खड़ा था। यह दोनों लिंटर के मलबे के नीचे दब गए तो आठ मवेशी भी मलबे में दब गए। लिंटर गिरने पर आसपास रहने वाले लोग उनको बचाने के लिए दौड़े और मलबा हटाने लगे। मलबे से वसीम व इमरान को निकालकर निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां वसीम को मृत घोषित कर दिया गया। इमरान का उपचार किया जा रहा है।
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मलबे में दबे आठ पशुओं में एक पशु की मौत हो गई और सात को बाहर निकालकर बचा लिया गया। बड़ौत कोतवाली पुलिस भी वहां पहुंच गई और घटना की जानकारी ली। इसके अलावा मलबे को हटवाकर देखा गया कि अन्य कोई तो उसके नीचे नहीं दबा है। जांच अधिकारी मनोज कुमार चहल ने बताया कि लिंटर गिरने से हादसा हुआ है। इसकी जांच की जा रही है।
-लिंटर गिरते ही बचाव के लिए दौड़ा हर कोई
लिंटर गिरने की तेज आवाज सुनकर लोग अपने घरों से बाहर आ गए। जब शोर मचा कि मलबे के नीचे ही वसीम व इमरान दबे हैं तो उनको बचाने के लिए हर कोई आगे आया, जिसको भी पता चला और वह दूर था तो वह भी दौड़कमर बचाव के लिए पहुंच गया। इस तरह हर किसी ने मदद के लिए कदम बढ़ाया।

-इशाक के थे चार बेटे
इशाक ने बताया कि उसके चार बेटे वसीम, इमरान, इरफान, गुलफाम थे और अब इनमें से वसीम की मौत हो गई। अगर थोड़ा भी आभास होता कि इस तरह का हादसा हो सकता है तो वह बेटे वसीम को दूध निकालने नहीं भेजते।
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