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फिर गन्ना बेचने को जूझेगा किसान
Baghpat
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:32 AM IST
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बड़ौत। गन्ने की फसल तैयार हो चुकी है। सरकार का आदेश भी पंद्रह नवंबर तक मिलों को चलवाने का है, मगर गन्ना मूल्य निर्धारण को लेकर कशमकश और मिलों की सुस्ती के चलते दिसंबर तक के प्रथम सप्ताह तक भी पेराई चालू होने के आसार नहीं है। ऐसे में फिर किसान गन्ना औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर होगा।
सरकार का पंद्रह नवंबर तक चीनी मिलों को चालू करने का आदेश है। क्षेत्र की चीनी मिल निर्धारित समय पर चालू होनी मुश्किल है। दूसरी तरफ खेतों में गन्ने की फसल तैयार हो चुकी है। किसान को खेत खाली कर गेहूं की बुआई करनी है। ऐसे में किसान के सामने गन्ना काटकर बेचना मजबूरी है, जबकि चीनी मिलों को मूल्य निर्धारण का इंतजार है। पिछले साल का रेट 280 रुपये प्रति क्विंटल था। मिल अफसरों के अनुसार गन्ना मूल्य घोषित होने के बाद ही गन्ना क्षेत्र का आवंटन किया जाएगा। इसके बाद गन्ना क्रय केंद्रों पर कांटे की व्यवस्था की जाएगी। मिलों की सुस्त रफ्तार को देखकर पंद्रह नवंबर तो दूर पंद्रह दिसंबर तक भी चीनी मिलों के चलने की संभावना नहीं है। चीनी मिलों पर किसानों का पिछले साल का भी करोड़ाें रुपये बकाया है। उधर, क्षेत्र के किसानों में ग्राम प्रधान लुहारी राजपाल सिह, दोघट नगर पंचायत के चेयरमैन पिंटू चौधरी, रणवीर, सत्यवीर, राजू तोमर सिरसली, ऋषि ठेकेदार, इंद्र राज आदि ने भी गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल देने की मांग की। यदि इससे कम गन्ने का मूल्य घोषित किया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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सरकार का पंद्रह नवंबर तक चीनी मिलों को चालू करने का आदेश है। क्षेत्र की चीनी मिल निर्धारित समय पर चालू होनी मुश्किल है। दूसरी तरफ खेतों में गन्ने की फसल तैयार हो चुकी है। किसान को खेत खाली कर गेहूं की बुआई करनी है। ऐसे में किसान के सामने गन्ना काटकर बेचना मजबूरी है, जबकि चीनी मिलों को मूल्य निर्धारण का इंतजार है। पिछले साल का रेट 280 रुपये प्रति क्विंटल था। मिल अफसरों के अनुसार गन्ना मूल्य घोषित होने के बाद ही गन्ना क्षेत्र का आवंटन किया जाएगा। इसके बाद गन्ना क्रय केंद्रों पर कांटे की व्यवस्था की जाएगी। मिलों की सुस्त रफ्तार को देखकर पंद्रह नवंबर तो दूर पंद्रह दिसंबर तक भी चीनी मिलों के चलने की संभावना नहीं है। चीनी मिलों पर किसानों का पिछले साल का भी करोड़ाें रुपये बकाया है। उधर, क्षेत्र के किसानों में ग्राम प्रधान लुहारी राजपाल सिह, दोघट नगर पंचायत के चेयरमैन पिंटू चौधरी, रणवीर, सत्यवीर, राजू तोमर सिरसली, ऋषि ठेकेदार, इंद्र राज आदि ने भी गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल देने की मांग की। यदि इससे कम गन्ने का मूल्य घोषित किया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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