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और बिगड़ गई हाईवे की हालत
Baghpat
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:32 AM IST
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बागपत। हाईवे की हालत और भी बिगड़ गई है। मरम्मत के नाम पर निर्माण कंपनी द्वारा की गई खानापूर्ति भी सामने आ गई है। गौरीपुर मोड़ पर तो चार महीने पहले जैसे गड्ढों से भी अधिक गहरे गड्ढे हो चुके हैं। रेत से भरे ओवरलोड ट्रकों से इन गड्ढों की गहराई दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रहीं हैं।
फोरलेन का निर्माण तो अभी शुरू होता नजर नहीं आ रहा है, लेकिन निर्माण कंपनी एसईडब्ल्यू ने मरम्मत का कार्य भी बंद करा दिया है। कंपनी द्वारा मरम्मत कराकर हाईवे के जो गड्ढों को भरे, अब हालत उससे भी बदतर हो चुकी है। हाइवे पर दुपहिया वाहन चलाना तो दूर कार भी चलना मुश्किल हो गया है।
यह हालत कर दी है हाईवे पर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रकों ने। भट्ठों को बंद हुए बेशक महीनों हो गए हों, लेकिन ईंटों का स्टॉक भट्ठों पर इतना है कि सड़क पर टट्टू ठेले ईंटें लेकर इधर से उधर द्रुत गति से भाग रहे हैं। जिसने हाईवे का ही भट्ठा बैठा दिया। उधर खनन शुरू होने के बाद रेत से भरे ओवरलोड ट्रक और उनसे रिसता हुआ पानी सड़कों के लिए तेजाब का काम कर रहा है। जितनी भी मरम्मत हुई, वह खत्म हो गई। गौरीपुर मोड़ पर कंपनी से सड़क बनवाकर वहां के गड्ढे खत्म कर दिए थे, लेकिन अब और भी गहरे गड्ढे बन चुके हैं।
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: पीडब्लूडी ने भी किया इंकार
हाईवे की मरम्मत कराने के लिए उपशा ने लोक निर्माण विभाग से कहा। यूपी स्टेट हाइवे अथॉरिटी के श्याम सिंह का कहना है कि एसईडब्ल्यू मरम्मत नहीं कर रहा है। जिस कारण उपशा ने एसईडब्ल्यू से कहा था, लेकिन एसईडब्ल्यू ने हाथ खड़े कर दिए हैं। उपशा के पास कोई संसाधन नहीं है सड़क की मरम्मत कराने का।
: मरम्मत कराई जा रही है
अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का कहना है कि हाईवे निर्माण और मरम्मत कराने के लिए प्रशासन की ओर से पत्र भेजा गया है। मरम्मत का कार्य एसईडब्ल्यू को ही करना है। मरम्मत तो कई बार कराई गई है। अभी भी बड़ौत रोड पर एसईडब्ल्यू द्वारा कार्य कराया जा रहा है। लेकिन अभी गड्ढे नहीं भर पाए हैं। कंपनी के अधिकारियों को बुलवाकर गौरीपुर मोड़ के गड्ढे फिर भरवाए जाएंगे।
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फोरलेन का निर्माण तो अभी शुरू होता नजर नहीं आ रहा है, लेकिन निर्माण कंपनी एसईडब्ल्यू ने मरम्मत का कार्य भी बंद करा दिया है। कंपनी द्वारा मरम्मत कराकर हाईवे के जो गड्ढों को भरे, अब हालत उससे भी बदतर हो चुकी है। हाइवे पर दुपहिया वाहन चलाना तो दूर कार भी चलना मुश्किल हो गया है।
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यह हालत कर दी है हाईवे पर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रकों ने। भट्ठों को बंद हुए बेशक महीनों हो गए हों, लेकिन ईंटों का स्टॉक भट्ठों पर इतना है कि सड़क पर टट्टू ठेले ईंटें लेकर इधर से उधर द्रुत गति से भाग रहे हैं। जिसने हाईवे का ही भट्ठा बैठा दिया। उधर खनन शुरू होने के बाद रेत से भरे ओवरलोड ट्रक और उनसे रिसता हुआ पानी सड़कों के लिए तेजाब का काम कर रहा है। जितनी भी मरम्मत हुई, वह खत्म हो गई। गौरीपुर मोड़ पर कंपनी से सड़क बनवाकर वहां के गड्ढे खत्म कर दिए थे, लेकिन अब और भी गहरे गड्ढे बन चुके हैं।
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: पीडब्लूडी ने भी किया इंकार
हाईवे की मरम्मत कराने के लिए उपशा ने लोक निर्माण विभाग से कहा। यूपी स्टेट हाइवे अथॉरिटी के श्याम सिंह का कहना है कि एसईडब्ल्यू मरम्मत नहीं कर रहा है। जिस कारण उपशा ने एसईडब्ल्यू से कहा था, लेकिन एसईडब्ल्यू ने हाथ खड़े कर दिए हैं। उपशा के पास कोई संसाधन नहीं है सड़क की मरम्मत कराने का।
: मरम्मत कराई जा रही है
अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का कहना है कि हाईवे निर्माण और मरम्मत कराने के लिए प्रशासन की ओर से पत्र भेजा गया है। मरम्मत का कार्य एसईडब्ल्यू को ही करना है। मरम्मत तो कई बार कराई गई है। अभी भी बड़ौत रोड पर एसईडब्ल्यू द्वारा कार्य कराया जा रहा है। लेकिन अभी गड्ढे नहीं भर पाए हैं। कंपनी के अधिकारियों को बुलवाकर गौरीपुर मोड़ के गड्ढे फिर भरवाए जाएंगे।