{"_id":"51-78479","slug":"Baghpat-78479-51","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईवे के निर्माण के लिए हाईकोर्ट याचिका दर्ज करने का निर्णय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईवे के निर्माण के लिए हाईकोर्ट याचिका दर्ज करने का निर्णय
Baghpat
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
अग्रवाल मंडी टटीरी। नगर में सामाजिक कार्यकर्ताओं व नागरिकों की बैठक हुई। इसमें हाईवे के निर्माण की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय लिया।
आरटीआई कार्यकर्ता पवन तिवारी ने कहा बागपत में एक वर्ष में लगभग 20 करोड़ रुपये टैक्स के रुप में लिया जाता है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर लगभग पांच-छह जिले हैं, इनमें लगभग 300 करोड़ रुपये टैक्स जमा होता है। इसके बावजूद हाईवे का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। वर्ष 2011 में हाईवे के निर्माण स्वीकृत हुआ था। उस समय हाईवे के निर्माण की लागत 1700 करोड़ रुपये थी जो आज बढ़कर 2750 करोड़ रुपये हो गई है। हाईवे का निर्माण न होने से यात्रियों की परेशानियां हो रही है। बैठक में हाईवे के निर्माण को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय लिया। इसमें अशोक कुमार, रमेश चंद, भूपेंद्र सिंह, ईश्वर, राहुल, अंकित, सलीम खान, राकेश तिवारी, राम सिंह और प्रदीप शर्मा रहे।
विज्ञापन
आरटीआई कार्यकर्ता पवन तिवारी ने कहा बागपत में एक वर्ष में लगभग 20 करोड़ रुपये टैक्स के रुप में लिया जाता है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर लगभग पांच-छह जिले हैं, इनमें लगभग 300 करोड़ रुपये टैक्स जमा होता है। इसके बावजूद हाईवे का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। वर्ष 2011 में हाईवे के निर्माण स्वीकृत हुआ था। उस समय हाईवे के निर्माण की लागत 1700 करोड़ रुपये थी जो आज बढ़कर 2750 करोड़ रुपये हो गई है। हाईवे का निर्माण न होने से यात्रियों की परेशानियां हो रही है। बैठक में हाईवे के निर्माण को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय लिया। इसमें अशोक कुमार, रमेश चंद, भूपेंद्र सिंह, ईश्वर, राहुल, अंकित, सलीम खान, राकेश तिवारी, राम सिंह और प्रदीप शर्मा रहे।
विज्ञापन