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निरपुड़ा में फांसी के फंदे पर झूलते किसान को बेटी ने बचाया
Baghpat
Updated Fri, 05 Sep 2014 05:30 AM IST
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दोघट (बागपत)। निरपुड़ा गांव में गन्ना किसान राम किशन (55) ने बृहस्पतिवार की सुबह करीब छह बजे अपने ही घर में छत के पंखे से लटककर अपनी जान देने की कोशिश की। वे रस्सी से फंदा बनाकर लटके ही थे कि तभी उनकी 18 साल की बेटी सोनिया ने उन्हें देख लिया। उसने उनके पैर पकड़ कर शोर मचा दिया। उनके भतीजे भगत ने पहुंचकर उन्हें नीचे उतारा। राम किशन गन्ना भुगतान न मिलने से परेशान हैं। उन पर बैंक का दो लाख का कर्ज है। इसके अलावा गांव के कई लोगों से भी उधार ले रखा है।
गांव के प्रधान धर्मेंद्र ने बताया उनके पास सुबह ही सूचना आई कि किसान राम किशन ने आर्थिक परेशान के कारण आत्महत्या करने की कोशिश की है। वे वहां पहुंचे तो बात सही निकली। राम किशन बहुत दिनों से परेशान चल रहा था। उसकी गन्ने की 22 पर्चियों में से अभी तक सिर्फ 14 का भुगतान हुआ है। इस तरह उसे 40 हजार रुपये मिले हैं जबकि मिल पर 70 हजार बकाया है। दूसरी ओर बैंक का करीब दो लाख का कर्ज है। इसे चुका नहीं पा रहा है। बैंक सख्ती कर रहे हैं। राम किशन पर छह बेटियों और दो बेटों की जिम्मेदारी है। आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
उधर, राम किशन के अनुसार पैसे की तंगी के चलते परिवार में कलह रहने लगा है। अब उसे कोई उधार भी नहीं दे रहा है। जिनका पैसा है, वे तो पैसा मांगेंगे ही, उन्हें कब तक टाला जा सकता है। यदि गन्ने का पैसा मिल जाता तो वह काफी कर्ज चुका देता। उधर, आत्महत्या करने की कोशिश की सूचना थाना पुलिस को नहीं दी।
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गांव के प्रधान धर्मेंद्र ने बताया उनके पास सुबह ही सूचना आई कि किसान राम किशन ने आर्थिक परेशान के कारण आत्महत्या करने की कोशिश की है। वे वहां पहुंचे तो बात सही निकली। राम किशन बहुत दिनों से परेशान चल रहा था। उसकी गन्ने की 22 पर्चियों में से अभी तक सिर्फ 14 का भुगतान हुआ है। इस तरह उसे 40 हजार रुपये मिले हैं जबकि मिल पर 70 हजार बकाया है। दूसरी ओर बैंक का करीब दो लाख का कर्ज है। इसे चुका नहीं पा रहा है। बैंक सख्ती कर रहे हैं। राम किशन पर छह बेटियों और दो बेटों की जिम्मेदारी है। आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
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उधर, राम किशन के अनुसार पैसे की तंगी के चलते परिवार में कलह रहने लगा है। अब उसे कोई उधार भी नहीं दे रहा है। जिनका पैसा है, वे तो पैसा मांगेंगे ही, उन्हें कब तक टाला जा सकता है। यदि गन्ने का पैसा मिल जाता तो वह काफी कर्ज चुका देता। उधर, आत्महत्या करने की कोशिश की सूचना थाना पुलिस को नहीं दी।
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