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किसानों के अड़ंगे से ग्रिड अधर में
Baghpat
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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बागपत। ट्योढ़ी में बन रहे पावर कार्पोरेशन के ग्रिड को लेकर हाय तौबा मची हुई है। उत्तराखंड से आ रही लाइन को किसानों ने रोक दिया और टावर लगाने का विरोध कर रहे हैं। किसानों के विरोध के चलते ग्रिड का काम लटक गया है। बुधवार को इस मामले में लखनऊ में बैठक भी हुई।
जिले के ग्राम ट्योढ़ी में ग्रिड बनाया जा रहा है। इसमें किसानों के विरोध की वजह से अड़ंगा लग गया है। किसानों ने पावर कार्पोरेशन द्वारा ग्रिड के लिए लगाए जा रहे टावर और लाइन खींचने का विरोध कर दिया है। किसानों का कहना था कि उनके खेतों में टावर लगाने से उनकी काफी जमीन घिर रही है, जबकि जमीन पहले से ही कम है। इसके अलावा फसल के ऊपर से हाइटेंशन लाइन भी गुजरेंगी। ऐसे में खेती करना मुश्किल हो जाएगा।
किसानों के इस विरोध के चलते ग्रिड का काम अधर में लटक गया है। न तो अभी तक टावर लग सके हैं और न ही लाइन खींची जा सकी है। पावर कार्पोरेशन के इस ग्रिड से जुड़े अधिकारियों का कहना था कि इसका कोई हल नहीं निकला तो जिले को ही नुकसान होगा, क्योंकि ग्रिड का स्थान भी बदला जा सकता है। उनका कहना है कि इसे आगरा भी स्थानांतरित किया जा सकता है। इस मामले को लेकर लखनऊ में पॉवर कार्पोरेशन की बैठक हुई है। जिसमें ग्रिड के अधिकारी, जिलाधिकारी एवं शासन के अधिकारी शामिल हुए। जानकारी के अनुसार बैठक में किसानों को मुआवजा देने पर भी चर्चा हुई है। हालांकि अभी तक यह तय नहीं हुआ कि मुआवजा कितना दिया जाएगा। पावर कार्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार बागपत के अलावा, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के किसानों ने भी विरोध किया है। वहां के डीएम भी बैठक में शामिल हुए।
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जिले के ग्राम ट्योढ़ी में ग्रिड बनाया जा रहा है। इसमें किसानों के विरोध की वजह से अड़ंगा लग गया है। किसानों ने पावर कार्पोरेशन द्वारा ग्रिड के लिए लगाए जा रहे टावर और लाइन खींचने का विरोध कर दिया है। किसानों का कहना था कि उनके खेतों में टावर लगाने से उनकी काफी जमीन घिर रही है, जबकि जमीन पहले से ही कम है। इसके अलावा फसल के ऊपर से हाइटेंशन लाइन भी गुजरेंगी। ऐसे में खेती करना मुश्किल हो जाएगा।
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किसानों के इस विरोध के चलते ग्रिड का काम अधर में लटक गया है। न तो अभी तक टावर लग सके हैं और न ही लाइन खींची जा सकी है। पावर कार्पोरेशन के इस ग्रिड से जुड़े अधिकारियों का कहना था कि इसका कोई हल नहीं निकला तो जिले को ही नुकसान होगा, क्योंकि ग्रिड का स्थान भी बदला जा सकता है। उनका कहना है कि इसे आगरा भी स्थानांतरित किया जा सकता है। इस मामले को लेकर लखनऊ में पॉवर कार्पोरेशन की बैठक हुई है। जिसमें ग्रिड के अधिकारी, जिलाधिकारी एवं शासन के अधिकारी शामिल हुए। जानकारी के अनुसार बैठक में किसानों को मुआवजा देने पर भी चर्चा हुई है। हालांकि अभी तक यह तय नहीं हुआ कि मुआवजा कितना दिया जाएगा। पावर कार्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार बागपत के अलावा, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के किसानों ने भी विरोध किया है। वहां के डीएम भी बैठक में शामिल हुए।
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