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फर्द के नाम पर चकबंदी लेखपाल ने मांगी रिश्वत, हंगामा
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:20 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
तहसील मेें शुक्रवार को उस समय हंगामा हो गया, जब बामनौली गांव के किसानों ने चकबंदी लेखपाल को कई किसानों से रिश्वत लेने का आरोप लगाकर पकड़कर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा देखकर एसडीएम मौके पर पहुंचे किसानों द्वारा चकबंदी लेखपाल की रिश्वत लेते हुए बनाई वीडियो क्लिप को देखकर चकबंदी लेखपाल को जमकर फटकार लगाई। बाद में शांति भंग की स्थिति को देखकर एसडीएम ने पुलिस बुलाकर उसे कोतवाली भेजा। देर रात तक आरोपी लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। दूसरी तरफ चकबंदी लेखपाल ने आरोपों को निराधार बताया है।
बामनौली गांव मेें चकबंदी प्रक्रिया किसानों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। कई बार किसान टावर पर चढ़ चुके हैं तो एक किसान ने परेशान होकर आत्महत्या की, लेकिन कुछ समाधान नहीं निकल पा रहा है। हवाई चक होने से किसानों की समस्या ओर बढ़ गई है। फर्द में भी मौके पर मौजूद भूमि को नहीं दर्शाया जा रहा है। इससे परेशान होकर जब बामनौली गांव के कुछ परेशान किसान शुक्रवार को चकबंदी कार्यालय से अपने खेतों की फर्द लेने पहुंचे तो वहां पर मौजूद चकबंदी लेखपाल रामप्रकाश पर फर्द के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया और हंगामा शुरू कर दिया।
इस मौके पर महेश पुत्र चंदन, खिलारी पुत्र रूपेश, महावीर पुत्र दलीप, उदयवीर पुत्र भूप सिंह, तिलकराम आदि से फर्द के नाम पर 100 से 500 रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया और किसानों ने अपने फोन मेें वीडियो क्लिप बना ली। सूचना पर एसडीएम मौके पर पहुंचे तो किसानों ने आपबीती बताकर एसडीएम को रिश्वतखोरी की वीडिया क्लिप दिखाई और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई। किसानों का गुस्सा देखकर एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने लेखपाल को फटकार लगाई और हंगामे को देखकर पुलिस बुलाई और आरोपी को पुलिस के साथ कोतवाली भेज। हंगामा करने वालों में प्रवीण, खिलारी, ज्ञानेंद्र सिंह, सोनू, राहुल, कृष्णपाल आदि रहे। दूसरी तरफ आरोपी चकबंदी लेखपाल राम प्रकाश ने किसानों के सभी आरोपों को झूठा बताया।
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कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले - एसडीएम
बड़ौत। एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने बताया कि अभी उन्हें रिश्वत लेने के ठोस प्रमाण नहीं मिले है, किसानों के हंगामे को देखकर शांति भंग न हो, इसलिए लेखपाल को कोतवाली भिजवाया है, देर शाम तक इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
नहीं आई तहरीर - कोतवाल
बड़ौत। कोतवाली प्रभारी बीएस सिरोही ने बताया कि लेखपाल अभी कोतवाली मेें बैठा है, उसके खिलाफ कोई तहरीर नहीं मिली है, यदि कोई तहरीर आती है तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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तहसील मेें शुक्रवार को उस समय हंगामा हो गया, जब बामनौली गांव के किसानों ने चकबंदी लेखपाल को कई किसानों से रिश्वत लेने का आरोप लगाकर पकड़कर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा देखकर एसडीएम मौके पर पहुंचे किसानों द्वारा चकबंदी लेखपाल की रिश्वत लेते हुए बनाई वीडियो क्लिप को देखकर चकबंदी लेखपाल को जमकर फटकार लगाई। बाद में शांति भंग की स्थिति को देखकर एसडीएम ने पुलिस बुलाकर उसे कोतवाली भेजा। देर रात तक आरोपी लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। दूसरी तरफ चकबंदी लेखपाल ने आरोपों को निराधार बताया है।
बामनौली गांव मेें चकबंदी प्रक्रिया किसानों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। कई बार किसान टावर पर चढ़ चुके हैं तो एक किसान ने परेशान होकर आत्महत्या की, लेकिन कुछ समाधान नहीं निकल पा रहा है। हवाई चक होने से किसानों की समस्या ओर बढ़ गई है। फर्द में भी मौके पर मौजूद भूमि को नहीं दर्शाया जा रहा है। इससे परेशान होकर जब बामनौली गांव के कुछ परेशान किसान शुक्रवार को चकबंदी कार्यालय से अपने खेतों की फर्द लेने पहुंचे तो वहां पर मौजूद चकबंदी लेखपाल रामप्रकाश पर फर्द के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया और हंगामा शुरू कर दिया।
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इस मौके पर महेश पुत्र चंदन, खिलारी पुत्र रूपेश, महावीर पुत्र दलीप, उदयवीर पुत्र भूप सिंह, तिलकराम आदि से फर्द के नाम पर 100 से 500 रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया और किसानों ने अपने फोन मेें वीडियो क्लिप बना ली। सूचना पर एसडीएम मौके पर पहुंचे तो किसानों ने आपबीती बताकर एसडीएम को रिश्वतखोरी की वीडिया क्लिप दिखाई और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई। किसानों का गुस्सा देखकर एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने लेखपाल को फटकार लगाई और हंगामे को देखकर पुलिस बुलाई और आरोपी को पुलिस के साथ कोतवाली भेज। हंगामा करने वालों में प्रवीण, खिलारी, ज्ञानेंद्र सिंह, सोनू, राहुल, कृष्णपाल आदि रहे। दूसरी तरफ आरोपी चकबंदी लेखपाल राम प्रकाश ने किसानों के सभी आरोपों को झूठा बताया।
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कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले - एसडीएम
बड़ौत। एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने बताया कि अभी उन्हें रिश्वत लेने के ठोस प्रमाण नहीं मिले है, किसानों के हंगामे को देखकर शांति भंग न हो, इसलिए लेखपाल को कोतवाली भिजवाया है, देर शाम तक इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
नहीं आई तहरीर - कोतवाल
बड़ौत। कोतवाली प्रभारी बीएस सिरोही ने बताया कि लेखपाल अभी कोतवाली मेें बैठा है, उसके खिलाफ कोई तहरीर नहीं मिली है, यदि कोई तहरीर आती है तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।