{"_id":"5b26b7a94f1c1b634d8b713b","slug":"91529264041-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दाहा में बालिकाओं को तलवार चलाना सिखाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दाहा में बालिकाओं को तलवार चलाना सिखाया
Updated Mon, 18 Jun 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट (बागपत)।
चौधरी भोपाल सिंह डिग्री कॉलेज, दाहा में चल रहे शिक्षिका शिविर में दूसरे दिन बालिकाओं को तलवार चलाने का प्रशिक्षण दिया।
शिविराध्यक्ष हरपाल सिंह आर्य ने बालिकाओं को आसन, प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि आसन और प्राणायाम हमारे स्वास्थ्य का मूल आधार है। इनके अभ्यास से ही जीवन को सुखी बनाया जा सकता है। यदि हम स्वस्थ रहेंगे तभी धर्म का पालन और स्वस्थ समाज का निर्माण भी कर सकेंगे। जीवन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्राप्ति के लिए योग का मार्ग सर्वोत्तम है, जिसका प्रारंभ आसन और प्राणायाम से ही होता है। बालिकाओं को मुख्य शिक्षक रामगोपाल आर्य ने योग एवं शारीरिक शिक्षा का महत्व बताते हुए जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने बालिकाओं को तलवार चलाने का प्रशिक्षण देते हुए कहा कि इस शिविर में आत्मरक्षा, योग के अलावा मंत्रोच्चारण का शुद्ध पाठ भी कराया गया। इस दौरान राजवीर शास्त्री, मास्टर देवेंद्र आर्य, बालकराम, नरेंद्र आर्य, व्यायाम शिक्षक नरेंद्र, बिजेंद्र सिंह राणा, नीरज पलड़ी आदि रहे।
विज्ञापन
चौधरी भोपाल सिंह डिग्री कॉलेज, दाहा में चल रहे शिक्षिका शिविर में दूसरे दिन बालिकाओं को तलवार चलाने का प्रशिक्षण दिया।
शिविराध्यक्ष हरपाल सिंह आर्य ने बालिकाओं को आसन, प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि आसन और प्राणायाम हमारे स्वास्थ्य का मूल आधार है। इनके अभ्यास से ही जीवन को सुखी बनाया जा सकता है। यदि हम स्वस्थ रहेंगे तभी धर्म का पालन और स्वस्थ समाज का निर्माण भी कर सकेंगे। जीवन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्राप्ति के लिए योग का मार्ग सर्वोत्तम है, जिसका प्रारंभ आसन और प्राणायाम से ही होता है। बालिकाओं को मुख्य शिक्षक रामगोपाल आर्य ने योग एवं शारीरिक शिक्षा का महत्व बताते हुए जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने बालिकाओं को तलवार चलाने का प्रशिक्षण देते हुए कहा कि इस शिविर में आत्मरक्षा, योग के अलावा मंत्रोच्चारण का शुद्ध पाठ भी कराया गया। इस दौरान राजवीर शास्त्री, मास्टर देवेंद्र आर्य, बालकराम, नरेंद्र आर्य, व्यायाम शिक्षक नरेंद्र, बिजेंद्र सिंह राणा, नीरज पलड़ी आदि रहे।