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यज्ञ ही जीवन का सार है- स्वामी देवव्रत
Updated Thu, 25 Jan 2018 01:12 AM IST
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रमाला (बागपत)। जनता इंटर कॉलेज, पलड़ी में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञ के साथ हुआ।
यज्ञ के ब्रह्मा सार्वदेशिक आर्यवीर दल के प्रधान स्वामी देवव्रत ने कहा कि यज्ञ ही जीवन सार है। पदार्थ का कभी नाश नहीं होता, वह सूक्ष्म होकर वायुमंडल में चला जाता है। उन्होंने कहा जो पदार्थ हम यज्ञ में डालते हैं, वह 1600 गुना बढ़ाकर वायुमंडल में फैला देते हैं। यज्ञ एक व्यापक शब्द है। इसे किसी मत, मजहब, जाति, क्षेत्र, पंथ में नहीं बांटा जा सकता है। प्रत्येक मनुष्य को सुख का आनंद लेना है तो यज्ञ करना जरूरी है। आचार्य धर्मवीर आर्य के नेेतृत्व में बच्चों ने कार्यक्रम की प्रस्तुति कराई। इसकी अध्यक्षता हरवीर सिंह पंवार ने की। इसमें प्रतिनिधि सभा के प्रधान रामपाल सिंह, प्रधानाचार्य समर सिंह, डॉ. रवि शास्त्री, रुकम पाल सिंह, हरपाल आर्य, नीरज, कुलदीप, मनोज, शक्ति सिंह, विनोद, प्रेमजीत, राजवीर आदि रहे।
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यज्ञ के ब्रह्मा सार्वदेशिक आर्यवीर दल के प्रधान स्वामी देवव्रत ने कहा कि यज्ञ ही जीवन सार है। पदार्थ का कभी नाश नहीं होता, वह सूक्ष्म होकर वायुमंडल में चला जाता है। उन्होंने कहा जो पदार्थ हम यज्ञ में डालते हैं, वह 1600 गुना बढ़ाकर वायुमंडल में फैला देते हैं। यज्ञ एक व्यापक शब्द है। इसे किसी मत, मजहब, जाति, क्षेत्र, पंथ में नहीं बांटा जा सकता है। प्रत्येक मनुष्य को सुख का आनंद लेना है तो यज्ञ करना जरूरी है। आचार्य धर्मवीर आर्य के नेेतृत्व में बच्चों ने कार्यक्रम की प्रस्तुति कराई। इसकी अध्यक्षता हरवीर सिंह पंवार ने की। इसमें प्रतिनिधि सभा के प्रधान रामपाल सिंह, प्रधानाचार्य समर सिंह, डॉ. रवि शास्त्री, रुकम पाल सिंह, हरपाल आर्य, नीरज, कुलदीप, मनोज, शक्ति सिंह, विनोद, प्रेमजीत, राजवीर आदि रहे।