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दूध पीकर सड़क पर गाय छोड़ी तो अर्थ दंड लगेगा
Updated Wed, 13 Dec 2017 12:45 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
गुराना गांव में मंगलवार को आवारा पशुओं को लेकर पंचायत हुई। इसमें शामिल लोगों से अपील की कि वे गाय और बछड़ों को सड़क पर न छोड़े। पकड़ा जाने पर आर्थिक दंड देने का निर्णय लिया।
इस पंचायत की अध्यक्षता करते ग्राम प्रधान रणधीर सिंह ने कहा देहात के गांवों मेें लगातार आवारा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। जो एक भीषण समस्या बनी गई है। आवारा पशु जहां रास्ते पर खड़े होकर आवागमन के लिए बंद कर देते हैं, वहीं किसानों के लहराते हुई फसलों को खाकर बर्बाद कर रहे हैं। इन सबका जिम्मेदार स्वयं हम हैं। पहले लोग गाय का दूध पीते हैं, लेकिन जब गाय बूढ़ी या बांझ हो जाती है तो उसे उसके बछडे़ के साथ सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। इससे उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे मनुष्य पाप का भागी बनता जा रहा है क्योंकि सड़क पर छोड़े पशु जब खेतों में फसल खाने जाते है तो खेतों में लगे ब्लेड युक्त तारों की चपेट में आकर अकाल मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की वे ऐसा न करें। तभी इन पर अंकुश लगाया जाएगा। पंचायत में निर्णय लिया यदि कोई बाहरी और गांव का व्यक्ति पशुओं को छोड़ता है तो उस पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। पंचायत में धर्मपाल, सत्यवीर, अजयवीर, रामपाल, ब्रह्म पाल, अमरपाल, बिजेंद्र, अशोक, प्रदीप, सुरेंद्र आदि रहे।
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गुराना गांव में मंगलवार को आवारा पशुओं को लेकर पंचायत हुई। इसमें शामिल लोगों से अपील की कि वे गाय और बछड़ों को सड़क पर न छोड़े। पकड़ा जाने पर आर्थिक दंड देने का निर्णय लिया।
इस पंचायत की अध्यक्षता करते ग्राम प्रधान रणधीर सिंह ने कहा देहात के गांवों मेें लगातार आवारा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। जो एक भीषण समस्या बनी गई है। आवारा पशु जहां रास्ते पर खड़े होकर आवागमन के लिए बंद कर देते हैं, वहीं किसानों के लहराते हुई फसलों को खाकर बर्बाद कर रहे हैं। इन सबका जिम्मेदार स्वयं हम हैं। पहले लोग गाय का दूध पीते हैं, लेकिन जब गाय बूढ़ी या बांझ हो जाती है तो उसे उसके बछडे़ के साथ सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। इससे उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे मनुष्य पाप का भागी बनता जा रहा है क्योंकि सड़क पर छोड़े पशु जब खेतों में फसल खाने जाते है तो खेतों में लगे ब्लेड युक्त तारों की चपेट में आकर अकाल मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की वे ऐसा न करें। तभी इन पर अंकुश लगाया जाएगा। पंचायत में निर्णय लिया यदि कोई बाहरी और गांव का व्यक्ति पशुओं को छोड़ता है तो उस पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। पंचायत में धर्मपाल, सत्यवीर, अजयवीर, रामपाल, ब्रह्म पाल, अमरपाल, बिजेंद्र, अशोक, प्रदीप, सुरेंद्र आदि रहे।
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