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चीनी मिल धोखा करने का आरोप लगाया
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:56 AM IST
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दोघट/ दाहा (बागपत)। बोपुरा गांव में त्रिवेणी शुगर मिल ने चीनी मिल लगाने की तैयारी की, लेकिन मिल नहीं लगाई। शुगर मिल लगाने के नाम पर 19 किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन खरीद ली और उनके घर से एक-एक युवक को नौकरी देने का भी वायदा किया, लेकिन न ही मिल लगी और न ही किसी को नौकरी दी। किसानों ने डीएम से हस्तक्षेप जमीन पर दोबारा कब्जा दिलाने की मांग की।
त्रिवेणी शुगर मिल ने 2004 में चीनी मिल लगाने के लिए बोपुरा में किसान नूर हसन, नसीबू, यूनुस, कासिम, गबरू, सराजू, बाबू, अली जान, जुमेद्दीन, हाकम अली, साबर, सुलतान, शौकत, कुतबी, मुकीम, वकील, मुस्तकीम, यासीन, इलियास से यह कहकर 128 बीघा जमीन खरीदी थी कि उनके परिवार से एक-एक युवक को मिल में नौकरी दी जाएगी। क्षेत्र में मिल लगने से किसानों का भला हो गया और यह क्षेत्र विकसित होगा। 13 साल बाद भी बोपुरा में चीनी मिल नहीं लगी। इस कारण 128 बीघा उपजाऊ भूमि बंजर हो गई। इससे 19 किसानों के परिवार भूखे मर रहे हैं, क्योंकि अब उनके पास न तो जमीन है और न ही नौकरी मिली। किसानों ने डीएम से हस्तक्षेप कर जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा यदि उनकी मांगे नहीं मानी तो वे अपनी जमीन पर कब्जा कर लेंगे।
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त्रिवेणी शुगर मिल ने 2004 में चीनी मिल लगाने के लिए बोपुरा में किसान नूर हसन, नसीबू, यूनुस, कासिम, गबरू, सराजू, बाबू, अली जान, जुमेद्दीन, हाकम अली, साबर, सुलतान, शौकत, कुतबी, मुकीम, वकील, मुस्तकीम, यासीन, इलियास से यह कहकर 128 बीघा जमीन खरीदी थी कि उनके परिवार से एक-एक युवक को मिल में नौकरी दी जाएगी। क्षेत्र में मिल लगने से किसानों का भला हो गया और यह क्षेत्र विकसित होगा। 13 साल बाद भी बोपुरा में चीनी मिल नहीं लगी। इस कारण 128 बीघा उपजाऊ भूमि बंजर हो गई। इससे 19 किसानों के परिवार भूखे मर रहे हैं, क्योंकि अब उनके पास न तो जमीन है और न ही नौकरी मिली। किसानों ने डीएम से हस्तक्षेप कर जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा यदि उनकी मांगे नहीं मानी तो वे अपनी जमीन पर कब्जा कर लेंगे।
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