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17 ग्राम पंचायतों में 1750 गोवंशों को मर ला है आसरा
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बागपत। जिले में 17 ग्राम पंचायत ऐसी है, जहां पर गोशालाएं संचालित हैं। इसमें पंचायत निधि से भरण पोषण हो रहा है।
सरकार के गोवंश आश्रय केंद्र खोलने के आदेश पर प्रशासन चारागाह, गोचर और अन्य ग्राम समाज की भूमि को चिन्हित करने में जुटा हुआ है। जमीन की पैमाइश की जा रही है। जिले में पहले से ही 17 ग्राम पंचायतों में गोशालाएं पहले से ही संचालित है। सीडीओ ने बताया कि इन 17 ग्राम पंचायतों में चल रही गोशालाओं में 1750 गोवंश मौजूद हैं। पंचायत स्तर से ही चारे की व्यवस्था की हुई है। जल्द ही मीतली में मत्स्य पालन विभाग की जमीन पर खोला जाएगा। यहां पर करीब दो हजार गोवंशों को रखा जाएगा।
डीपीआरओ ने किया बदरखा में जमीन का निरीक्षण
बागपत। डीपीआरओ आलोक शर्मा ने बताया कि गोवंश आश्रय स्थल के लिए जगहों का चयन किया जा रहा है। बुधवार को बदरखा क्षेत्र में जमीन की चिन्हाकंन किया। उसकी जांच कराई जा रही है। केंद्र के लिए यहां जगह पर्याप्त मात्रा है। उधर डीपीआरओ ने बताया कि लुहारा, पुरा महादेव, बसी सहित 17 गांवों में गोशालाएं चल रही हैं। यहां पर गोवंशों का भरण पोषण हो रहा है।
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सरकार के गोवंश आश्रय केंद्र खोलने के आदेश पर प्रशासन चारागाह, गोचर और अन्य ग्राम समाज की भूमि को चिन्हित करने में जुटा हुआ है। जमीन की पैमाइश की जा रही है। जिले में पहले से ही 17 ग्राम पंचायतों में गोशालाएं पहले से ही संचालित है। सीडीओ ने बताया कि इन 17 ग्राम पंचायतों में चल रही गोशालाओं में 1750 गोवंश मौजूद हैं। पंचायत स्तर से ही चारे की व्यवस्था की हुई है। जल्द ही मीतली में मत्स्य पालन विभाग की जमीन पर खोला जाएगा। यहां पर करीब दो हजार गोवंशों को रखा जाएगा।
डीपीआरओ ने किया बदरखा में जमीन का निरीक्षण
बागपत। डीपीआरओ आलोक शर्मा ने बताया कि गोवंश आश्रय स्थल के लिए जगहों का चयन किया जा रहा है। बुधवार को बदरखा क्षेत्र में जमीन की चिन्हाकंन किया। उसकी जांच कराई जा रही है। केंद्र के लिए यहां जगह पर्याप्त मात्रा है। उधर डीपीआरओ ने बताया कि लुहारा, पुरा महादेव, बसी सहित 17 गांवों में गोशालाएं चल रही हैं। यहां पर गोवंशों का भरण पोषण हो रहा है।
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