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किसानों ने किनौनी चीनी मिल के खिलाफ शुरू किया धरना
Updated Thu, 06 Dec 2018 01:49 AM IST
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बिनौली (बागपत)।
सामान्य प्रजाति के गन्ने की आपूर्ति शुरू कराने सहित कई मांगों को लेकर बुधवार को चार गांवों के किसानों ने एक गन्ना क्रय केंद्र पर तंबू लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
माल माजरा, जिवाना, दरकावदा, पिचौकरा आदि गांवों के किसानों ने विभिन्न गन्ना समस्याओं को लेकर किनौनी मिल के डी गन्ना क्रय केंद्र पर टेंट लगाकर बेमियादी धरना शुरू कर दिया। धरने का संचालन कर रहे विश्वपाल सोलंकी ने कहा कि मिलों द्वारा सामान्य प्रजाति के गन्ने की आपूर्ति अभी तक शुरू नहीं की, जबकि अधिकतम किसानों के पास सामान्य गन्ना खेतों में खड़ा है। पर्ची इंडेंट भी बहुत कम भेजा जा रहा है। इससे किसानों के सामने चारे के संकट के अलावा खेत खाली कर गेहूं की बुआई पिछड़ने की समस्या खड़ी हो गई है। हरेंद्र सोलंकी ने कहा कि नवंबर तक गन्ना मूल्य भुगतान की प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद भी मिलों द्वारा बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। समितियों पर भी किसानों को समस्याओं के समाधान के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। इस दौरान धरने में पहुंचे किनौनी मिल के उप प्रबंधक (गन्ना) दुष्यंत त्यागी व सहायक गन्ना अधिकारी संजय को किसानों ने खरी खोटी सुनाई। दोनों अधिकारियों ने मिल प्रबंधन को समस्याओं से अवगत कराकर समाधान का आश्वासन देकर पिंड छुड़ाया। इस दौरान किसानों ने मिलों के खिलाफ नारेबाजी की तथा 72 घंटे में समस्याओं का समाधान न होने पर आमरण अनशन शुरू करने की भी चेतावनी दी। धरने की अध्यक्षता ब्रजपाल सोलंकी ने की। महिपाल, इंद्रपाल, उदयवीर शर्मा, विजयपाल सिंह, जयवीर, भूपेंद्र, मीनू, हरवीर प्रधान, विक्रम, हरेंद्र, रविंद्र आदि मौजूद रहे।
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सामान्य प्रजाति के गन्ने की आपूर्ति शुरू कराने सहित कई मांगों को लेकर बुधवार को चार गांवों के किसानों ने एक गन्ना क्रय केंद्र पर तंबू लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
माल माजरा, जिवाना, दरकावदा, पिचौकरा आदि गांवों के किसानों ने विभिन्न गन्ना समस्याओं को लेकर किनौनी मिल के डी गन्ना क्रय केंद्र पर टेंट लगाकर बेमियादी धरना शुरू कर दिया। धरने का संचालन कर रहे विश्वपाल सोलंकी ने कहा कि मिलों द्वारा सामान्य प्रजाति के गन्ने की आपूर्ति अभी तक शुरू नहीं की, जबकि अधिकतम किसानों के पास सामान्य गन्ना खेतों में खड़ा है। पर्ची इंडेंट भी बहुत कम भेजा जा रहा है। इससे किसानों के सामने चारे के संकट के अलावा खेत खाली कर गेहूं की बुआई पिछड़ने की समस्या खड़ी हो गई है। हरेंद्र सोलंकी ने कहा कि नवंबर तक गन्ना मूल्य भुगतान की प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद भी मिलों द्वारा बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। समितियों पर भी किसानों को समस्याओं के समाधान के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। इस दौरान धरने में पहुंचे किनौनी मिल के उप प्रबंधक (गन्ना) दुष्यंत त्यागी व सहायक गन्ना अधिकारी संजय को किसानों ने खरी खोटी सुनाई। दोनों अधिकारियों ने मिल प्रबंधन को समस्याओं से अवगत कराकर समाधान का आश्वासन देकर पिंड छुड़ाया। इस दौरान किसानों ने मिलों के खिलाफ नारेबाजी की तथा 72 घंटे में समस्याओं का समाधान न होने पर आमरण अनशन शुरू करने की भी चेतावनी दी। धरने की अध्यक्षता ब्रजपाल सोलंकी ने की। महिपाल, इंद्रपाल, उदयवीर शर्मा, विजयपाल सिंह, जयवीर, भूपेंद्र, मीनू, हरवीर प्रधान, विक्रम, हरेंद्र, रविंद्र आदि मौजूद रहे।
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