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मौत के बाद पहुंची दया याचिका खारिज होने की चिट्ठी
Updated Sat, 17 Nov 2018 01:39 AM IST
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बागपत। हत्या के मामले में जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदी ने दया याचिका दाखिल की । रिहाई की इंतजार में बीमार कैदी की मौत हो गई। मौत के बाद दया याचिका खारिज होने की चिट्ठी पहुंची हैं।
विशेष सचिव उप्र सरकार अमर सेन सिंह ने अपर पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक कारागार प्रशासन लखनऊ को भेजे पत्र में बताया कि बुढ़सैनी गांव निवासी मोहनलाल पुत्र तोताराम ने 10 नवंबर 1997 में अपने पांच साथियों के साथ मिलकर गांव के ही एक व्यक्ति की हत्या की। इस मामले में न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश - 5 मेरठ के आदेश पर 31 अक्तूबर 1981 को दोषमुक्त कर दिया। इसके बाद मृतक के परिजनों ने इस मामले में हाई कोर्ट में अपील की । इसके बाद हाईकोर्ट ने मोहनलाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कई साल तक मेरठ जेल में सजा भुगतने के बाद उसे 2017 में जिला कारागार शिफ्ट किया। वह काफी समय तक जेल में बीमारी से लड़ता रहा। लंबी बीमारी के चलते दो माह पहले उसने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस मामले में मौत से पूर्व अच्छे अस्पताल में इलाज व सजा माफ करने के लिए परिजनों ने दया याचिका भी दायर की । समिति और राज्यपाल ने उसकी दया याचिका को अस्वीकृत कर दिया है। इसकी सूचना अब जेल में पहुंची है। डिप्टी जेल सुरेश कुमार ने कहाकि मोहनलाल पुत्र तोताराम की दया याचिका को अस्वीकार किया गया है।
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विशेष सचिव उप्र सरकार अमर सेन सिंह ने अपर पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक कारागार प्रशासन लखनऊ को भेजे पत्र में बताया कि बुढ़सैनी गांव निवासी मोहनलाल पुत्र तोताराम ने 10 नवंबर 1997 में अपने पांच साथियों के साथ मिलकर गांव के ही एक व्यक्ति की हत्या की। इस मामले में न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश - 5 मेरठ के आदेश पर 31 अक्तूबर 1981 को दोषमुक्त कर दिया। इसके बाद मृतक के परिजनों ने इस मामले में हाई कोर्ट में अपील की । इसके बाद हाईकोर्ट ने मोहनलाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कई साल तक मेरठ जेल में सजा भुगतने के बाद उसे 2017 में जिला कारागार शिफ्ट किया। वह काफी समय तक जेल में बीमारी से लड़ता रहा। लंबी बीमारी के चलते दो माह पहले उसने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस मामले में मौत से पूर्व अच्छे अस्पताल में इलाज व सजा माफ करने के लिए परिजनों ने दया याचिका भी दायर की । समिति और राज्यपाल ने उसकी दया याचिका को अस्वीकृत कर दिया है। इसकी सूचना अब जेल में पहुंची है। डिप्टी जेल सुरेश कुमार ने कहाकि मोहनलाल पुत्र तोताराम की दया याचिका को अस्वीकार किया गया है।
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