फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने से खुशहाल होगा किसान: आचार्य देवव्रत

लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने से खुशहाल होगा किसान: आचार्य देवव्रत

Tue, 10 Apr 2018 01:24 AM IST
Updated Tue, 10 Apr 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने से खुशहाल होगा किसान: आचार्य देवव्रत
बागपत। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल डॉ. आचार्य देवव्रत ने कहा कि किसानों का खेती का तौर तरीका बदलना होगा। लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने से किसान खुशहाल होगा। इसके लिए जीरो बजट खेती का सूत्र भी दिया। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के कार्यों से सीख लेने का आह्वान भी किया। शिक्षा किसी भी देश या समाज की रीढ़ की तरह होती है।
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने दिल्ली रोड स्थित जाट भवन में जाट महासभा के समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने समारोह में पहुंचे किसानों से कहा कि देसी गाय के मलमूत्र से जीरो बजट प्राकृतिक खेती को अपनाकर लाभ कमाएं। जीरो बजट खेती ऐसी है, जिससे खेत की उत्पादन क्षमता नहीं घटती, पानी कम चाहिए, गाय की रक्षा के अलावा इससे किसान की आय डबल हो जाएगी। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में खेती के इसी तरीके को अपनाकर लाभ हुआ है। कीटनाशक का प्रयोग न करें। देशी गाय का गोबर और गोमूत्र खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ता है। एक देसी गाय से 30 एकड़ में खेती कर सकते हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जीवन से किसानों को प्रेरणा लेने का आह्वान किया। किसान मसीहा राजनीतिक जीवन में महात्मा गांधी से और वैचारिक रूप से ऋषि दयानंद और आर्य समाज से प्रभावित थे। अपनी बेटियों के उन्होंने अंतर जातीय विवाह कर समाज के सामने आदर्श स्थापित किया। शिक्षा समाज को सुधारने का कार्य करती है। स्वच्छता और बेटी बचाओ पर विशेष जोर दिया। इस मौके पर सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने भी विचार व्यक्त किए। जाट महासभा के अध्यक्ष डॉ. जगपाल तेवतिया ने राज्यपाल का स्वागत किया। महाशय धर्मपाल सिंह आर्य ने राज्यपाल को भजनों की सीडी, जाट सभा के महासचिव नगेंद्र सिंह ने अभिनंदन पत्र भेंट किया। इसमें सभा के संयोजक चौधरी जयपाल सिंह, शीशपाल तोमर, ओमप्रकाश, अक्षय चौधरी, नरेंद्र सिंह, जयवीर सिंह, रामपाल नेहरा, वीरेंद्र पंवार, ब्रजपाल शास्त्री, देवेंद्र आर्य एडवोकेट, एसडीएम विवेक कुमार यादव मौजूद रहे। संचालन महासचिव नागेंद्र सिंह ने किया।
विज्ञापन


सर्व समाज के लोगों को किया सम्मानित
बागपत। जाट महासभा ने समारोह में सर्वसमाज के लोगों को सम्मानित किया। इसमें भाजपा नेता और राज्यसभा सदस्य ठाकुर विजयपाल सिंह तोमर, विधायक योगेश धामा, विधायक केपी मलिक, खादी ग्रामोद्योग आयोग के सदस्य जयप्रकाश तोमर, पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक डॉ. महक सिंह, पूर्व विधायक जगत सिंह, धर्मपाल सिंह चौहान, डॉ. संगीता धामा, निशानेबाज डोली जाटव, चेयरमैन राजूद्दीन एडवोकेट, डॉ. राजपाल सिंह, रालोद के जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना, रघुवीर सिंह चौहान, अमित राय जैन, अभिमन्यु गुप्ता, मोहम्मद अकरम चौधरी, अर्पित पंवार, कांशीराम प्रधान, डॉ. शिव कुमार मिश्रा, खेकड़ा ब्लॉक प्रमुख जितेंद्र धामा, डॉ. शालिनी और परमेंद्र धामा समेत अन्य लोगों सम्मानित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


%हक से हुक्के तक’ किताब का विमोचन
बागपत। राज्यपाल ने डॉ. रणजीत सिंह तेवतिया की किताब %हक से हुक्के तक’ का विमोचन किया। किताब का संपादन तेजपाल धामा ने किया।

बारिश बनी बाधा, रूट डायवर्ट
बागपत। समारोह जाट भवन के सामने मैदान में कराया जाना था, लेकिन बारिश के कारण कार्यक्रम स्थल बदलना पड़ा। भवन के हॉल में कार्यक्रम कराया गया। दिल्ली-सहारनपुर रोड पर रूट डायवर्ट भी किया।


11 साल इंतजार के बाद हुआ बड़े चौधरी की प्रतिमा का अनावरण
बागपत। रालोद के गढ़ में ही 11 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा का अनावरण और स्थापना हुआ। यह वही प्रतिमा है, जो नौ साल तक खेकड़ा थाने में रही। सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल के प्रयासों के चलते प्रतिमा को थाने से रिलीज कराया जा सका था।

करीब 11 साल पहले हसनपुर मसूरी के पास एक कॉलोनी में लगाने के लिए बड़े चौधरी की प्रतिमा मंगाई गई थी। इस बीच कॉलोनी का कार्य अधर में लटक गया। दुकान में रखी प्रतिमा को शरारती तत्वों ने दिल्ली-सहारनपुर हाइवे के निकट झाड़ियों में फेंक दिया था। हंगामा हुआ तो पुलिस प्रतिमा को खेकड़ा थाने ले गई और मालखाने में रख दिया। बड़े चौधरी की प्रतिमा यहां एक या दो नहीं बल्कि पूरे नौ साल रखी रही। 29 मई 2016 में सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने प्रयास शुरू किए। उन्होंने अनशन की चेतावनी दी तो पुलिस-प्रशासन हरकत में आया। तत्कालीन एसडीएम खेकड़ा दीपाली कौशिक ने सशर्त प्रतिमा को जाट महासभा और कुलदीप उज्ज्वल को सौंपा था। तब तय किया था इसे, जाट भवन में ही स्थापित कराया जाएगा। जाट महासभा के पदाधिकारी लंबे समय से अनावरण कराने के प्रयास में जुटे हैं। आखिरकार 11 साल के लंबे इंतजार के बाद प्रतिमा का अनावरण हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed