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जिंदगी की जंग हार गई पूर्व चेयरमैन ओमवती
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:01 AM IST
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बागपत। बागपत पालिका की पूर्व चेयरमैन ओमवती का बीमारी के चलते निधन हो गया। गमगीन माहौल में यमुना के घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया। उनके आवास पर शोक जताने के लिए गणमान्य लोग पहुंचे। वह बागपत की पहली महिला चेयरपर्सन भी रही।
शहर के पुराना कस्बे के मोहल्ला चौहानान निवासी ओमवती (75) पिछले कई दिनों से बीमार थी। परिजन गंभीर हालत में दिल्ली के अस्पताल पहुंचे, लेकिन शनिवार को ओमवती जिंदगी की जंग हार गई। शहर की राजनीति में ओमवती की खास पहचान रही। नगर पालिकाध्यक्ष पद के लिए उन्होंने पहला चुनाव वर्ष 1988 में लड़ा, लेकिन हार गई । इसके बाद भी वह राजनीति में संघर्ष करती रही। वर्ष 2000 में नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए दोबारा से चुनाव लड़ीं और जीत गई। सर्व समाज को एक करने में उनकी खास भूमिका रही। करीब 18 सौ वोटों से जीत दर्ज की । निधन की जानकारी मिलते ही उनके आवास पर गणमान्य लोगों का तांता लग गया। नगर पालिका कार्यालय में शोकसभा का आयोजन किया । उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की गई। इसके बाद कार्यालय का अवकाश घोषित किया। इस दौरान चेयरमैन राजूद्दीन एडवोकेट, संदीप, एसके चौहान, ओमप्रकाश हितैषी, ईओ ललित कुमार आर्य, महेश शर्मा मौजूद रहे। उधर, परिजनों ने शहर के पक्का घाट पर उनका गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया।
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शहर के पुराना कस्बे के मोहल्ला चौहानान निवासी ओमवती (75) पिछले कई दिनों से बीमार थी। परिजन गंभीर हालत में दिल्ली के अस्पताल पहुंचे, लेकिन शनिवार को ओमवती जिंदगी की जंग हार गई। शहर की राजनीति में ओमवती की खास पहचान रही। नगर पालिकाध्यक्ष पद के लिए उन्होंने पहला चुनाव वर्ष 1988 में लड़ा, लेकिन हार गई । इसके बाद भी वह राजनीति में संघर्ष करती रही। वर्ष 2000 में नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए दोबारा से चुनाव लड़ीं और जीत गई। सर्व समाज को एक करने में उनकी खास भूमिका रही। करीब 18 सौ वोटों से जीत दर्ज की । निधन की जानकारी मिलते ही उनके आवास पर गणमान्य लोगों का तांता लग गया। नगर पालिका कार्यालय में शोकसभा का आयोजन किया । उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की गई। इसके बाद कार्यालय का अवकाश घोषित किया। इस दौरान चेयरमैन राजूद्दीन एडवोकेट, संदीप, एसके चौहान, ओमप्रकाश हितैषी, ईओ ललित कुमार आर्य, महेश शर्मा मौजूद रहे। उधर, परिजनों ने शहर के पक्का घाट पर उनका गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया।
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