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सलमू के बेटे की बुखार से मौत
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:29 AM IST
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सलमू के बेटे की बुखार से मौत
बागपत। निवाड़ा में तंबू में रहने वाले सलमू के छह वर्षीय बेटे शमशेर की बुखार से मौत हो गई। घटना से परिवार में मातम छा गया। परिवारीजनों का आरोप है कि आर्थिक तंगी के कारण बच्चे का इलाज नहीं करा पाए। इसी कारण उसकी जान चली गई। मृतक की बहन मीना भी लापता है। हरिद्वार से परिवार को बुग्गी में बैठाकर खींचने के कारण मीना और उसका परिवार सुर्खियों में आया था।
सलमू अपने परिवार के साथ पिछले कई साल से तंबू में रहता है। उसकी भतीजी खैरूना लापता हो गई थी। वह अपनी बेटी मीना के साथ हरिद्वार में भतीजी को तलाश करने के लिए गया था। वहां पर उनका घोड़ा चोरी हो गया था। मीना अपने माता-पिता और भाई को बुग्गी में हरिद्वार से शामली तक खींचकर लेकर आई थी। इसी से यह परिवार सुर्खियों में आया था। शामली प्रशासन ने उनको घोड़ा खरीदकर दिया था। पता चलने पर बागपत प्रशासन ने उनकी 11 हजार रुपये नगद देकर आर्थिक मदद की थी और राशन कार्ड बनवाया था।
सलमू का बेटा शमशेर पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिवारीजन शुक्रवार को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पर उसे मृत घोषित कर दिया। सलमू का कहना है कि उनके पास न खाने के लिए राशन है और न ही इलाज कराने के लिए पैसे। इसी कारण उसके बेटे की जान चली गई है। सलमू का कहना है कि उसकी बेटी मीना दोबारा उसके साथ हरिद्वार गई थी। वहां पर तीन युवकों ने उसका अपहरण कर लिया था। इसकी शिकायत पुलिस से की थी,लेकिन उनकी कोई सुनने को तैयार नहीं है।
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बागपत। निवाड़ा में तंबू में रहने वाले सलमू के छह वर्षीय बेटे शमशेर की बुखार से मौत हो गई। घटना से परिवार में मातम छा गया। परिवारीजनों का आरोप है कि आर्थिक तंगी के कारण बच्चे का इलाज नहीं करा पाए। इसी कारण उसकी जान चली गई। मृतक की बहन मीना भी लापता है। हरिद्वार से परिवार को बुग्गी में बैठाकर खींचने के कारण मीना और उसका परिवार सुर्खियों में आया था।
सलमू अपने परिवार के साथ पिछले कई साल से तंबू में रहता है। उसकी भतीजी खैरूना लापता हो गई थी। वह अपनी बेटी मीना के साथ हरिद्वार में भतीजी को तलाश करने के लिए गया था। वहां पर उनका घोड़ा चोरी हो गया था। मीना अपने माता-पिता और भाई को बुग्गी में हरिद्वार से शामली तक खींचकर लेकर आई थी। इसी से यह परिवार सुर्खियों में आया था। शामली प्रशासन ने उनको घोड़ा खरीदकर दिया था। पता चलने पर बागपत प्रशासन ने उनकी 11 हजार रुपये नगद देकर आर्थिक मदद की थी और राशन कार्ड बनवाया था।
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सलमू का बेटा शमशेर पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिवारीजन शुक्रवार को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पर उसे मृत घोषित कर दिया। सलमू का कहना है कि उनके पास न खाने के लिए राशन है और न ही इलाज कराने के लिए पैसे। इसी कारण उसके बेटे की जान चली गई है। सलमू का कहना है कि उसकी बेटी मीना दोबारा उसके साथ हरिद्वार गई थी। वहां पर तीन युवकों ने उसका अपहरण कर लिया था। इसकी शिकायत पुलिस से की थी,लेकिन उनकी कोई सुनने को तैयार नहीं है।
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