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मनमाफिक मुआवजा नहीं तो आरपार
Updated Thu, 24 Aug 2017 01:24 AM IST
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बागपत। बरसिया बिजलीघर की लाइन को लेकर चल रहा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासन और किसानों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। किसानों ने कहा जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक लाइन नहीं गुजरने दी जाएगी। किसानों ने इसके लिए आरपार की लड़ाई का एलान किया।
बागपत से बरसिया बिजलीघर पर हाईटेंशन लाइन ले जाने की तैयारी चल रही है। तीन माह पहले अहैड़ा गांव में किसानों ने लाइन का निर्माण कार्य रुकवाया । इसको लेकर विवाद भी हुआ । जुलाई माह में दोबारा काम शुरू किया तो किसानों ने विरोध किया। उनके खिलाफ कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हुआ । इसको लेकर अहैड़ा में 18 दिन धरना भी चला। प्रशासन के उचित मुआवजा देने के आश्वासन पर ही धरना समाप्त हुआ ।
इस मामले में बुधवार को कलक्ट्रेट में किसान डीएम भवानी सिंह खंगारौत से मिलने पहुंचे। किसानों और प्रशासनिक अफसरों के बीच वार्ता बेनतीजा रही। अफसरों द्वारा तय किए मुआवजे को किसानों ने लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा जब तक पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक काम शुुरू नहीं होने दिया जाएगा। किसानों के साथ पहुंचे एडवोकेट सोमेंद्र धामा ने कहा प्रशासन की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। इसके लिए आरपार की लड़ाई लगने के लिए किसान तैयार हैं। इस मौके पर रामपाल पंवार, जगवीर सिंह, आशाराम, इमामुद्दीन, वीरपाल, सुभाष ढाबा, यशराम सिंह आदि रहे।
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बागपत से बरसिया बिजलीघर पर हाईटेंशन लाइन ले जाने की तैयारी चल रही है। तीन माह पहले अहैड़ा गांव में किसानों ने लाइन का निर्माण कार्य रुकवाया । इसको लेकर विवाद भी हुआ । जुलाई माह में दोबारा काम शुरू किया तो किसानों ने विरोध किया। उनके खिलाफ कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हुआ । इसको लेकर अहैड़ा में 18 दिन धरना भी चला। प्रशासन के उचित मुआवजा देने के आश्वासन पर ही धरना समाप्त हुआ ।
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इस मामले में बुधवार को कलक्ट्रेट में किसान डीएम भवानी सिंह खंगारौत से मिलने पहुंचे। किसानों और प्रशासनिक अफसरों के बीच वार्ता बेनतीजा रही। अफसरों द्वारा तय किए मुआवजे को किसानों ने लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा जब तक पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक काम शुुरू नहीं होने दिया जाएगा। किसानों के साथ पहुंचे एडवोकेट सोमेंद्र धामा ने कहा प्रशासन की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। इसके लिए आरपार की लड़ाई लगने के लिए किसान तैयार हैं। इस मौके पर रामपाल पंवार, जगवीर सिंह, आशाराम, इमामुद्दीन, वीरपाल, सुभाष ढाबा, यशराम सिंह आदि रहे।
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