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शिक्षकों का शोषण बर्दाश्त नहीं
Updated Thu, 27 Jul 2017 01:03 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के परिक्षेत्र प्रभारी स्वराज पाल दूहूण ने कहा शिक्षकों का शोषण बर्दास्त नहीं होगा। उन्होंने बताया शिक्षकों के हकों के लिए बृहस्पतिवार को डीआईओएस कार्यालय का घेराव होगा। इसके लिए रणनीति बनाई जा चुकी है।
बुधवार को नगर मेें पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षक नेता ने बताया उप्र सरकार ने वित्त विहीन शिक्षकों के जीविकोपार्जन को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2016-17 के बजट में दो सौ करोड़ का बजट पारित किया था और प्रथम किश्त के रूप मेें एक सौ करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए प्रदेश के जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजा था। इसमें 38 लाख की राशि बागपत जनपद में आवंटित की थी, परंतु जिला विद्यालय निरीक्षक बागपत ने प्रथम किश्त के रुपये में से 21 लाख 58 हजार की राशि आवंटित कर दूसरी किश्त के आवंटन के लिए अतिरिक्त राशि की मांग करने के बजाए 16 लाख 41 हजार की धनराशि वापस कर दी। उन्होंने कहा जिला विद्यालय निरीक्षक की मनमानी के चलते जनपद के अंशकालिक शिक्षक दूसरी किश्त से महरूम रह गए, जबकि प्रदेश के अन्य जनपदों मेेें दो-दो किश्त की राशि बांट दी। इससे जनपद के शिक्षकों में आक्रोश पनप रहा है। बैठक मेें शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण करने के लिए 27 जुलाई को जिविनि कार्यालय बागपत घेरने का निर्णय लिया। इसकी अध्यक्षता स्वराजपाल दूहूण ने की। संचालन धर्मेंद्र खोखर ने किया। इसमेें कोमवीर सिंह तोमर, कृष्णपाल सिंह, रामेश्वर दयाल, रमेश चंद यादव, जयवीर सिंह ने भी विचार रखें।
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उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के परिक्षेत्र प्रभारी स्वराज पाल दूहूण ने कहा शिक्षकों का शोषण बर्दास्त नहीं होगा। उन्होंने बताया शिक्षकों के हकों के लिए बृहस्पतिवार को डीआईओएस कार्यालय का घेराव होगा। इसके लिए रणनीति बनाई जा चुकी है।
बुधवार को नगर मेें पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षक नेता ने बताया उप्र सरकार ने वित्त विहीन शिक्षकों के जीविकोपार्जन को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2016-17 के बजट में दो सौ करोड़ का बजट पारित किया था और प्रथम किश्त के रूप मेें एक सौ करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए प्रदेश के जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजा था। इसमें 38 लाख की राशि बागपत जनपद में आवंटित की थी, परंतु जिला विद्यालय निरीक्षक बागपत ने प्रथम किश्त के रुपये में से 21 लाख 58 हजार की राशि आवंटित कर दूसरी किश्त के आवंटन के लिए अतिरिक्त राशि की मांग करने के बजाए 16 लाख 41 हजार की धनराशि वापस कर दी। उन्होंने कहा जिला विद्यालय निरीक्षक की मनमानी के चलते जनपद के अंशकालिक शिक्षक दूसरी किश्त से महरूम रह गए, जबकि प्रदेश के अन्य जनपदों मेेें दो-दो किश्त की राशि बांट दी। इससे जनपद के शिक्षकों में आक्रोश पनप रहा है। बैठक मेें शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण करने के लिए 27 जुलाई को जिविनि कार्यालय बागपत घेरने का निर्णय लिया। इसकी अध्यक्षता स्वराजपाल दूहूण ने की। संचालन धर्मेंद्र खोखर ने किया। इसमेें कोमवीर सिंह तोमर, कृष्णपाल सिंह, रामेश्वर दयाल, रमेश चंद यादव, जयवीर सिंह ने भी विचार रखें।
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