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जमकर बरसे बदरा, पानी से लबालब हुई सड़के
Updated Sat, 01 Jul 2017 01:11 AM IST
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बागपत। तीन दिन से हो रही बारिश से आफत खड़ी हो गई। सड़कों पर जलभराव से आफत खड़ी हो गई। शुक्रवार की सुबह और दोपहर की बारिश ने हालत खराब कर दिए। लोगों के घरों में पानी घुस गया। गांवों में हालत बद से बदतर हो गए। तालाबों का जल स्तर बढ़ने से रास्ते तरणताल बने गए हैं। इससे आने जाने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
गर्मी का प्रकोप झेल रहे लोगों को तीन दिन की बारिश ने राहत तो दी, लेकिन आफत भी खड़ी कर दी। ऐसा कोई भी मार्ग नहीं बचा जिस पर पानी न भरा हुआ है। लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों को जलभराव और कीचड़ के बीच से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ा। हाईवे के गड्ढों जोहड़ बन गए हैं। इनको बचाने के चक्कर में वाहन चालक दुर्घटना ग्रस्त हो रहे हैं। सुबह और दोपहर हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई है।
तीन दिन की बरसात ने गांवों में हालत बेकाबू कर दिए हैं। तालाबों के जल स्तर बढ़ गया और गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया। रास्ते तरणताल बने हुए हैं। आने-जाने में लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। घरों में दरार तक आ गई है। जल निकासी न होने से हालत बद से बदतर है। बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों नरकीय जीवन बना दिया है। रमाला क्षेत्र के किशनपुर बराल गांव में तालाब के पानी ब्रजपाल सिंह, बबलू, दासी, सुखपाल, उगर सैन, जयपाल, ओमबीर, कमल के घरों में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों ने पीड़ा को सुनने वाला नहीं है।
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दोपहर के समय हुई झमाझम बारिश का बच्चों ने जमकर आनंद उठाया। सड़कों पर इधर-उधर दौड़ते रहे। बारिश से हुए जलभराव में बच्चों ने मस्ती की। जिसको देखकर बड़े भी पीछे नहीं रहे। उनके साथ बारिश ने नहाने लगे।
अग्रवाल मंडी टटीरी। सूरजपुर महनवा में बारिश से समस्या पैदा हो गई। जलभराव ने लोगों को दिक्कत में डाल दिया। दलित बस्ती में पाीन निकासी न होने से मार्ग पर पानी भर गया। लोगों को आवागमन में असुविधा हुई। टटीरी के कई मोहल्लों में जलभराव की समस्या से लोग दो चार हुए। मेरठ हाईवे पर खड़े राहगीर बारिश को रुकने का इंतजार देखते रहे। बारिश नहीं रुकी तो मजबूर होकर जाना पड़ा।
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गर्मी का प्रकोप झेल रहे लोगों को तीन दिन की बारिश ने राहत तो दी, लेकिन आफत भी खड़ी कर दी। ऐसा कोई भी मार्ग नहीं बचा जिस पर पानी न भरा हुआ है। लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों को जलभराव और कीचड़ के बीच से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ा। हाईवे के गड्ढों जोहड़ बन गए हैं। इनको बचाने के चक्कर में वाहन चालक दुर्घटना ग्रस्त हो रहे हैं। सुबह और दोपहर हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई है।
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तीन दिन की बरसात ने गांवों में हालत बेकाबू कर दिए हैं। तालाबों के जल स्तर बढ़ गया और गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया। रास्ते तरणताल बने हुए हैं। आने-जाने में लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। घरों में दरार तक आ गई है। जल निकासी न होने से हालत बद से बदतर है। बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों नरकीय जीवन बना दिया है। रमाला क्षेत्र के किशनपुर बराल गांव में तालाब के पानी ब्रजपाल सिंह, बबलू, दासी, सुखपाल, उगर सैन, जयपाल, ओमबीर, कमल के घरों में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों ने पीड़ा को सुनने वाला नहीं है।
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दोपहर के समय हुई झमाझम बारिश का बच्चों ने जमकर आनंद उठाया। सड़कों पर इधर-उधर दौड़ते रहे। बारिश से हुए जलभराव में बच्चों ने मस्ती की। जिसको देखकर बड़े भी पीछे नहीं रहे। उनके साथ बारिश ने नहाने लगे।
अग्रवाल मंडी टटीरी। सूरजपुर महनवा में बारिश से समस्या पैदा हो गई। जलभराव ने लोगों को दिक्कत में डाल दिया। दलित बस्ती में पाीन निकासी न होने से मार्ग पर पानी भर गया। लोगों को आवागमन में असुविधा हुई। टटीरी के कई मोहल्लों में जलभराव की समस्या से लोग दो चार हुए। मेरठ हाईवे पर खड़े राहगीर बारिश को रुकने का इंतजार देखते रहे। बारिश नहीं रुकी तो मजबूर होकर जाना पड़ा।