{"_id":"639dfeb869e0cc6e615bc1d1","slug":"750-houses-are-being-investigated-200-still-missing-baghpat-news-mrt618064573","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: 750 मकानों की जांच हो रही, 200 अभी तक गायब मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: 750 मकानों की जांच हो रही, 200 अभी तक गायब मिले
विज्ञापन
- नगर पालिका में दर्ज किए गए मकानों की तीन दिन से चल रही जांच
- मकानों की जगह खाली प्लाट मिल रहे, आपत्ति नहीं दे रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नगर पालिका में दर्ज बताए गए बस्ती केतीपुरा के 750 मकानों की प्रशासन ने जांच कराई तो नया खुलासा हुआ। अभी तक की जांच में उनमें से 200 मकान गायब मिले हैं और वहां केवल प्लाट मौजूद है। इस तरह गृहकर वसूलने के लिए मकान दर्ज जरूर कर लिए, लेकिन उसके बाद भी लोग आपत्ति नहीं कर रहे हैं।
पुराने कस्बे की नई बस्ती केतीपुरा में पिछले दो साल से लगातार यमुना की तरफ प्लाट काटकर बेचे जा रहे थे। जिसका पता चला कि वह प्लाट कुछ भू-माफिया ने कब्रिस्तान और दलित पट्टे की जमीन में काटे हैं। जिसकी शिकायत सांसद प्रतिनिधि प्रदीप ठाकुर ने डीएम के पास करते हुए जांच कराने की मांग उठाई। यह भी आरोप लगाया था कि दस-दस रुपये के स्टांप के आधार पर प्लाट खरीद के बाद मकान बनाने की बात कहते हुए नगरपालिका रिकार्ड में दर्ज करा दिया।
एडीएम प्रतिपाल चौहान व तहसीलदार प्रसून कश्यप ने ऐसे 750 मकानों की जांच शुरू कराई। इसके लिए लेखपाल विनोद शर्मा व बलबीर समेत अन्य को घर-घर जाकर जांच कराई गई। इसकी अभी तक की जांच में सामने आया कि 200 मकान ही नहीं मिले और वहां खाली प्लाट पड़े हैं, जबकि जांच अभी चल रही है।
विज्ञापन
ऐसे में प्लाट की जगह मकान का गृहकर ज्यादा देना होता है और उस पर मकान मालिक आपत्ति जताते हैं। लेकिन नगर पालिका में इसको लेकर एक भी आपत्ति नहीं आई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इसकी पूरी जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।
कोट...
जिन मकानों को नगर पालिका में दर्ज किया है। उनकी जांच कराई जा रही है। जिनमें अधिकतर मकानों की जगह खाली प्लाट मिले हैं। अभी जांच चल रही है और इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्रतिपाल चौहान, एडीएम
विज्ञापन
- मकानों की जगह खाली प्लाट मिल रहे, आपत्ति नहीं दे रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नगर पालिका में दर्ज बताए गए बस्ती केतीपुरा के 750 मकानों की प्रशासन ने जांच कराई तो नया खुलासा हुआ। अभी तक की जांच में उनमें से 200 मकान गायब मिले हैं और वहां केवल प्लाट मौजूद है। इस तरह गृहकर वसूलने के लिए मकान दर्ज जरूर कर लिए, लेकिन उसके बाद भी लोग आपत्ति नहीं कर रहे हैं।
पुराने कस्बे की नई बस्ती केतीपुरा में पिछले दो साल से लगातार यमुना की तरफ प्लाट काटकर बेचे जा रहे थे। जिसका पता चला कि वह प्लाट कुछ भू-माफिया ने कब्रिस्तान और दलित पट्टे की जमीन में काटे हैं। जिसकी शिकायत सांसद प्रतिनिधि प्रदीप ठाकुर ने डीएम के पास करते हुए जांच कराने की मांग उठाई। यह भी आरोप लगाया था कि दस-दस रुपये के स्टांप के आधार पर प्लाट खरीद के बाद मकान बनाने की बात कहते हुए नगरपालिका रिकार्ड में दर्ज करा दिया।
विज्ञापन
एडीएम प्रतिपाल चौहान व तहसीलदार प्रसून कश्यप ने ऐसे 750 मकानों की जांच शुरू कराई। इसके लिए लेखपाल विनोद शर्मा व बलबीर समेत अन्य को घर-घर जाकर जांच कराई गई। इसकी अभी तक की जांच में सामने आया कि 200 मकान ही नहीं मिले और वहां खाली प्लाट पड़े हैं, जबकि जांच अभी चल रही है।
विज्ञापन
ऐसे में प्लाट की जगह मकान का गृहकर ज्यादा देना होता है और उस पर मकान मालिक आपत्ति जताते हैं। लेकिन नगर पालिका में इसको लेकर एक भी आपत्ति नहीं आई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इसकी पूरी जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।
कोट...
जिन मकानों को नगर पालिका में दर्ज किया है। उनकी जांच कराई जा रही है। जिनमें अधिकतर मकानों की जगह खाली प्लाट मिले हैं। अभी जांच चल रही है और इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्रतिपाल चौहान, एडीएम