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बेसहारा गोवंशीय पशुओं से पिलाना और रमालावासी परेशान
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बागपत। बेसहारा गोवंशीय पशुओं से परेशान रमाला गांव के लोग सीडीओ से मिले। उन्होंने अपनी परेशानी को बताया। सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। पिलाना गांव में भी किसान बेसहारा गोवंशीय पशुओं से परेशान हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से बेसहारा गोवंशीय पशुओं से निजात दिलाने की मांग की।
जिले में बेसहारा गोवंशीय पशु किसानों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। पशु फसल बर्बाद कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने गोवंश आश्रय स्थल खोलने की तैयारियां तेज की तो ग्रामीण ने भी अफसरों के दफ्तरों में पहुंचकर सभी गोवंशों को स्थलों में रखने की मांग की जाने लगी। सोमवार को रमाला गांव के दर्जनों लोग सीडीओ पीसी जायसवाल से मिले। बताया कि डेढ़ सौ से दो सौ बेसहारा गोवंशीय पशु हैं। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। गांव में सरकारी जमीन नहीं है। उपकेंद्र खाली पड़ा हुआ है, इसका इस्तेमाल नहीं होता है। यहां पर पशुओं के पानी और खोर की व्यवस्था हो जाएगी तो 70-80 पशु रखे जा सकते हैं। ग्रामीण चार और अन्य व्यवस्था करने के लिए तैयार है। सीडीओ पीसी जायसवाल ने बीडीओ को निर्देशित किया है, जल्द कोई न कोई व्यवस्था कर देंगे। इसमें बिजेंद्र, धीरज, रणवीर, प्रमोद सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। पिलाना गांव के लोगों ने भी डीएम से हस्तक्षेप बेसहारा गोवंशीय पशुओं से निजात दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा बेसहारा गोवंशीय पशु खेत में घुसकर फसल को खराब कर रहे हैं। इससे किसान परेशान हो चुके हैं। इससे किसानों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है। लोगों का गुस्सा कभी भी आंदोलन का रुप ले सकता है।
कई गांवों में बनवाएं जा रहे गोवंश आश्रय स्थल
बागपत। सीडीओ पीसी जायसवाल ने बताया कि जिले में बदरखा और मीतली गोवंश आश्रय स्थल तैयार हैं। जनपद के कई गांवों में आश्रय स्थलों पर कार्य किया जा रहा है। टीकरी गांव में कान्हा योजना से गोशाला लगभग तैयार है। यहां पर आसपास के गोवंशों को रखा जाएगा। उन्होंने कहा जिला प्रशासन बेसहारा गोवंशीय पशुओं की समस्या को लेकर गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस कार्य में स्वयंसेवी संगठनों से मदद लेने की तैयारी चल रही है।
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जिले में बेसहारा गोवंशीय पशु किसानों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। पशु फसल बर्बाद कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने गोवंश आश्रय स्थल खोलने की तैयारियां तेज की तो ग्रामीण ने भी अफसरों के दफ्तरों में पहुंचकर सभी गोवंशों को स्थलों में रखने की मांग की जाने लगी। सोमवार को रमाला गांव के दर्जनों लोग सीडीओ पीसी जायसवाल से मिले। बताया कि डेढ़ सौ से दो सौ बेसहारा गोवंशीय पशु हैं। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। गांव में सरकारी जमीन नहीं है। उपकेंद्र खाली पड़ा हुआ है, इसका इस्तेमाल नहीं होता है। यहां पर पशुओं के पानी और खोर की व्यवस्था हो जाएगी तो 70-80 पशु रखे जा सकते हैं। ग्रामीण चार और अन्य व्यवस्था करने के लिए तैयार है। सीडीओ पीसी जायसवाल ने बीडीओ को निर्देशित किया है, जल्द कोई न कोई व्यवस्था कर देंगे। इसमें बिजेंद्र, धीरज, रणवीर, प्रमोद सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। पिलाना गांव के लोगों ने भी डीएम से हस्तक्षेप बेसहारा गोवंशीय पशुओं से निजात दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा बेसहारा गोवंशीय पशु खेत में घुसकर फसल को खराब कर रहे हैं। इससे किसान परेशान हो चुके हैं। इससे किसानों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है। लोगों का गुस्सा कभी भी आंदोलन का रुप ले सकता है।
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कई गांवों में बनवाएं जा रहे गोवंश आश्रय स्थल
बागपत। सीडीओ पीसी जायसवाल ने बताया कि जिले में बदरखा और मीतली गोवंश आश्रय स्थल तैयार हैं। जनपद के कई गांवों में आश्रय स्थलों पर कार्य किया जा रहा है। टीकरी गांव में कान्हा योजना से गोशाला लगभग तैयार है। यहां पर आसपास के गोवंशों को रखा जाएगा। उन्होंने कहा जिला प्रशासन बेसहारा गोवंशीय पशुओं की समस्या को लेकर गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस कार्य में स्वयंसेवी संगठनों से मदद लेने की तैयारी चल रही है।
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