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ग्रामीणों ने काली पट्टी बांधी, पुतला जलाया
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:11 AM IST
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दोघट (बागपत)।
भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों का चल रहा धरना 16वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठी महिलाओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रतीक पुतले का दहन किया। आंदोलनकारियों ने बताया कि 26 सितंबर को धरना स्थल पर महापंचायत होगी। देर शाम एसडीएम बड़ौत आशीष कुमार, नायब तहसीलदार नसीम अहमद धरनारत ग्रामीणों के बीच पहुंचे। एसडीएम ने चर्म शोधन इकाइयों का निरीक्षण किया। कहा चार दिन में इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों ने धरना समाप्त करने की अपील की। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक धरना जारी रहेगा। एसडीएम व ग्रामीणों की वार्ता विफल हो गई। इस मौके पर ओमवती, सुंदरी, बाला, राकेश, कमला देवी, विमला देवी, सुनीता, ओम गिरी, बबीता, संतोष, केला देवी, शीला, प्रमिता, कृष्णा, वीरमति, विमला देवी, राकेश देवी, चंद्रबाला, संगीता, सुशीला, पूजा, प्रधान देवेंद्र, जितेंद्र राणा, अरविंद, मनोज, रूपिंद्र, सुभाष, रमेश, बिट्टू, राजेंद्र, विनोद, हरपाल राणा, कृष्णपाल, महिपाल, सुधीर, गौरव, अजय पाल, आनंद पाल, वीर सैन, लक्की, कंवर पाल, यशपाल, मास्टर सतबीर, जोगिंदर राणा, सत्येंद्र, संजीव आदि मौजूद रहे।
इकाई संचालक पक्ष की महिलाओं ने एसडीएम को घेरा
दोघट। भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों का निरीक्षण करने गए एसडीएम बड़ौत आशीष कुमार की गाड़ी को चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों के परिवार की महिलाओं ने घेर लिया। महिलाओं ने कहा कि गांव से बाहर दी गई भूमि पर्याप्त नहीं है। चर्म शोधन इकाइयों के लिए पर्याप्त भूमि दी जाए। यदि उनका कारोबार ठप हो गया तो सैकड़ों परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। पुलिस ने महिलाओं को समझाकर शांत किया और एसडीएम की गाड़ी को निकला।
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भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों का चल रहा धरना 16वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठी महिलाओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रतीक पुतले का दहन किया। आंदोलनकारियों ने बताया कि 26 सितंबर को धरना स्थल पर महापंचायत होगी। देर शाम एसडीएम बड़ौत आशीष कुमार, नायब तहसीलदार नसीम अहमद धरनारत ग्रामीणों के बीच पहुंचे। एसडीएम ने चर्म शोधन इकाइयों का निरीक्षण किया। कहा चार दिन में इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों ने धरना समाप्त करने की अपील की। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक धरना जारी रहेगा। एसडीएम व ग्रामीणों की वार्ता विफल हो गई। इस मौके पर ओमवती, सुंदरी, बाला, राकेश, कमला देवी, विमला देवी, सुनीता, ओम गिरी, बबीता, संतोष, केला देवी, शीला, प्रमिता, कृष्णा, वीरमति, विमला देवी, राकेश देवी, चंद्रबाला, संगीता, सुशीला, पूजा, प्रधान देवेंद्र, जितेंद्र राणा, अरविंद, मनोज, रूपिंद्र, सुभाष, रमेश, बिट्टू, राजेंद्र, विनोद, हरपाल राणा, कृष्णपाल, महिपाल, सुधीर, गौरव, अजय पाल, आनंद पाल, वीर सैन, लक्की, कंवर पाल, यशपाल, मास्टर सतबीर, जोगिंदर राणा, सत्येंद्र, संजीव आदि मौजूद रहे।
इकाई संचालक पक्ष की महिलाओं ने एसडीएम को घेरा
दोघट। भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों का निरीक्षण करने गए एसडीएम बड़ौत आशीष कुमार की गाड़ी को चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों के परिवार की महिलाओं ने घेर लिया। महिलाओं ने कहा कि गांव से बाहर दी गई भूमि पर्याप्त नहीं है। चर्म शोधन इकाइयों के लिए पर्याप्त भूमि दी जाए। यदि उनका कारोबार ठप हो गया तो सैकड़ों परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। पुलिस ने महिलाओं को समझाकर शांत किया और एसडीएम की गाड़ी को निकला।
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